चुनाव से पहले पट्टिका पर डर्टी पॉलिटिक्स

चुनाव से पहले पट्टिका पर डर्टी पॉलिटिक्स

Vinod Chauhan | Publish: Aug, 12 2018 05:03:30 PM (IST) Sikar, Rajasthan, India

सीकर. पाटोदा. चुनावी साल में श्रेय लेने की सियासत अब शिलान्यास पट्टिाकाओं के तोडफोड तक पहुंच गई है।

सीकर. पाटोदा. चुनावी साल में श्रेय लेने की सियासत अब शिलान्यास पट्टिाकाओं के तोडफोड तक पहुंच गई है। गांव-गली में सडक़ों के होने वाले शिलान्यास समारोह राजनीति की भेंट चढ़ रहे हैं।
खींच-तान के कारण मामला तोडफ़ोड़ तक पहुंच गया है। हालांकि बठोठ में शिलान्यास की नाम पट्टिका व उसके ढांचे को तोड़ देने पर भाजपा विधायक ने इसे विपक्ष की करतूत बताया है। जबकि शिलान्यास में पहुंची जिला प्रमुख ने मामले पर चुप्पी साध रखी है। ग्राम पंचायत बठोठ में करीब 30 लाख की लागत से तैयार होने वाली सडक़ का शिलान्यास किया गया था।
हालांकि बठोठ से चूडोली तक सीसी सडक़ का शाम को भाजपा विधायक गोरधन वर्मा, जिला प्रमुख अपर्णा रोलन सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी व सरपंच द्वारा तो सडक़ का शिलान्यास कर दिया गया। लेकिन, चंद घंटों बाद ही कोई शिलान्यास पट्टिका और उसके ढांचे को तहस-नहस कर गया। लेकिन, घटना की शिकायत पुलिस तक नहीं पहुंचाई गई। जबकि तोड़-फोड़ होने के बाद गांव में विवाद की स्थिति बनी हुई है।

प्रकरण पर धोद विधायक गोरधन वर्मा का कहना है कि विरोधी पार्टी ने भले ही सडक़ के शिलान्यास का ढांचा तोड़ दिया है। लेकिन, पट्टिा तोडऩे से मिट नहीं सकता। औछी मानसिकता के कारण विपक्ष ने ऐसा किया है। शिकायत करके वे मामले को तूल नहीं देना चाह रहे हैं। उधर, समारोह में विधायक गोरधन वर्मा के साथ अतिथि रही जिला प्रमुख अपर्णा रोलन का कहना है कि शिलान्यास पट्टिका तोड़ देने की जानकारी है। लेकिन, विधायक कोटे से काम होने पर मामले की पूरी जानकारी वहीं दे सकते हैं। इशारा कांग्रेस की तरफ था।

गर्माई राजनीति
हालांकि उपद्रवियों की पहचान तो अब तक उजागर नहीं की गई है। लेकिन माना जा रहा है कि राजनीतिक द्वेषता के चलते ऐसा किया जा सकता है। क्योंकि विपक्षी भाजपा नेताओं से सडक़ का शिलान्यास कराने पर खुश नहीं थे। ऐसे में चुनावी साल में सडक़ मुद्दे पर गांव में एक बार फिर राजनीति गरमा गई है। श्रीपाल खीचड़ के अनुसार विकास कार्य पच नहीं रहे हैं।

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