दीयों से दमके चौखट- चौबारे, बाजार और आकाश रहा खाली

सीकर. दिवाली का त्योहार शनिवार को रोशनी व रिश्तों के पर्व के रूप में मनाया गया। हर मुंडेर दीपों से दमकी, तो हर चौखट- चौबारे रोशनी से चमचमा गए।

By: Sachin

Published: 15 Nov 2020, 12:13 PM IST

सीकर. दिवाली का त्योहार शनिवार को रोशनी व रिश्तों के पर्व के रूप में मनाया गया। हर मुंडेर दीपों से दमकी, तो हर चौखट- चौबारे रोशनी से चमचमा गए। मां लक्ष्मी के स्वागत में हर दहलीज रंगोली से रंगीन थी, तो हर ओर त्योहार का आनंद और उल्लास उमड़ता रहा। मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना का दौर भी देर रात तक जारी रहा। लोगों ने घरों से लेकर अपने प्रतिष्ठानों तक रंग बिरंगी रोशनी से सजाकर मां लक्ष्मी की मनुहार की। हालांकि आतिशबाजी के चलते आकाश खाली रहा। कोरोना काल में घरों से बाहर नहीं निकलने की वजह से लोगों की दिवाली परिवार के बीच ही ज्यादा मनी।


रोशन हुए बाजार, आकाश रहा खाली
दिवाली पर जिलेभर के बाजार दीयों के साथ रंग बिरंगी लाइट्स की रोशनियों से सराबोर रहे। पुष्य नक्षत्र से शुरू हुई रौनक भी बाजार में दिवाली पर ओर बढ गई। दिवाली के दिन भी वाहन बाजार, रियल स्टेट, सर्राफा, बर्तन, कपड़ा और इलेक्ट्रोनिक बाजार में खरीदारी का जोर जारी रहा। इधर, आतिशबाजी पर राज्य सरकार की रोक की वजह से आकाश इसबार खाली रहा। हालांकि इने- गिने लोगों ने पुराने बचे पटाखे चलाने से गुरेज नहीं किया। ऐसे में रह- रहकर पटाखों की आवाज जहां तहां से सुनाई देती रही।

कोरोना का रहा असर
कोरोना के साये में मनी दिवाली पर कोरोना के डर का साया भी साफ दिखा। शनिवार को बाजार रोशन तो हुए, लेकिन लोग रोशनी देखने ही नहीं निकले। जिसके चलते बाजार खाली से रहे। अमूमन दिवाली पर देर रात तक खुलने वाले प्रतिष्ठान भी जल्द ही बंद हो गए।


आज लगाया अन्नकूट का भोग
दिवाली के बाद आज रविवार को गोवर्धन पूजा के साथ मंदिरों में भगवान को अन्नकूट का भोग लगाया गया। सुबह सुबह ही लोगों ने घर के बाहर गोबर के गोवर्धन बनाकर पूजा की और मंदिर में अन्नकूट का प्रसाद ग्रहण किया। इधर, दिवाली की बधाइयों का दौर भी जारी है। हालांकि कोरोना काल के चलते लोग एक दूसरे के घर जाने से बच रहे हैं।

Show More

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned