कई कंपनियों के ऑफर छोडऩे पर इंटेलीजेंस ब्यूरो में मिला ऑफिसर का पद

सीकर. यदि मन में कुछ करने का जज्बा व जुनून हो तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं। यह साबित कर दिखाया है सीकर शहर के आनंद नगर निवासी दृष्टि चौधरी ने।

By: Sachin

Published: 14 Apr 2021, 02:21 PM IST

सीकर. यदि मन में कुछ करने का जज्बा व जुनून हो तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं। यह साबित कर दिखाया है सीकर शहर के आनंद नगर निवासी दृष्टि चौधरी ने। जिन्होंने इंजीनियरिंग फील्ड छोड़ कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में खुद को झोंक दिया। अब इनका चयन इंटेलीजेंस ब्यूरो में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर के पद पर हुआ है। फिलहाल वह गुवाहाटी में सीमा शुल्क विभाग में निरीक्षक के पद पर कार्यरत है। पत्रिका से खास बातचीत में दृष्टि चौधरी ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता व पति अनुज भूरिया के सहयोग, समर्पण व खुद की लगन से की गई मेहनत को दिया। कहा कि मेहनत ही हर सफलता का मूल मंत्र है। बकौल चौधरी, सफलता के लिए आपको जुनून के साथ जुटना पड़ता है। सभी कार्यक्षेत्र के द्वार बेटियों के लिए भी खुले है। इसलिए बेटियां अपने आप को किसी भी सूरत में कम नहीं समझना चाहिए और ऊंचे ख्वाब देखते हुए उन्हें पूरा करने में जुट जाना चाहिए। गौरतलब है कि दृष्टि चौधरी ने बिना किसी कोचिंग के यह सफलता हासिल की है।


पहले इंजीनियरिंग की, बाद में बदली राह

दृष्टि चौधरी ने कक्षा दसवीं में 86 फीसदी व बारहवीं में 76 फीसदी अंक हासिल किए। इसके बाद अजमेर महिला इंजीनियरिंग कॉलेज से कम्पयूटर साइंस में बीटेक किया। इस दौरान उनको कई कंपनियों से प्लेसमेंट के तौर पर ऑफर मिले। लेकिन उन्होंने सरकारी सेवा में जाने का मना बना लिया। इसके बाद पूरे मनोयोग से एसएससी की तैयारी में जुट गई।


दस से बारह घंटे की पढ़ाई
एसएसजी सीजेएल की परीक्षा के जरिए सबसे पहले उन्होंने वर्ष 2020 की परीक्षा में बाजी मारी। इसके बाद भी सफलता के प्रति जुनून उनका कम नहीं हुआ। वह दुबारा इस परीक्षा में शामिल हुई। इस बार उन्होंने टॉप 1650 में जगह बनाई है। इसके दम पर दृष्टि को इंटेलीजेंस विभाग में नियुक्ति मिलना लगभग तय है। परिणाम की खुशी में आनंद नगर व चौधरी कॉलोनी में जश्न मनाया गया।

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