scriptEighth paper being sold openly in Sikar for four rupees | सीकर में चार रुपए में खुलेआम बिक रहा आठवीं का पेपर | Patrika News

सीकर में चार रुपए में खुलेआम बिक रहा आठवीं का पेपर

उदयपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, झुंझुनूं सहित ज्यादातर जिलों में फोटो स्टेट से बंट रहे पर्चे
परीक्षा की गोपनीयता पर सवाल
शिक्षा विभाग की सफाई...नामांकन ज्यादा बढ़ा सूचना समय पर नहीं, इसलिए कराने पड़ रहे फोटो स्टेट
पत्रिका एक्सपोज

सीकर

Updated: December 18, 2021 10:18:54 pm

अजय शर्मा. सीकर.
नामांकन में रेकार्ड बनाने वाले शिक्षा विभाग की साख पर अद्र्धवार्षिक परीक्षाओं के प्रबंधन ने बड़े सवाल खड़े कर दिए है। उदयपुर, बीकानेर, अजमेर और जयपुर के बाद झुंझुनूं जिले में भी समान परीक्षा के प्रश्न पत्र फोटो स्टेट के जरिए बंटने के मामले सामने आ चुके हैं। अब सीकर में चार रुपए में आठवीं कक्षा के पूरे प्रश्न पत्र का सेट बिकने का मामला सामने आया है। शिक्षा विभाग की ओर से उदयपुर में एक प्रिसिंपल के खिलाफ कार्रवाई की गई। जबकि अन्य जगह का मामला जांच में उलझा हुआ है। इससे परीक्षा की गोपनीयता भी सवालों के घेरे में है। जहां-जहां भी इस तरह के मामले सामने आए वहां शिक्षा विभाग की ओर से एक ही सफाई दी गई कि स्कूलों की ओर से नामांकन की सूचना समय पर नहीं देने की वजह से प्रश्न पत्र कम प्रिंट कराए गए है। ऐसे में फोटो स्टेट कराकर प्रश्न पत्र बांटने पड़े। इस मामले में शिक्षक संगठनों के साथ निजी स्कूल संचालकों की ओर से भी सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रदेश में एक साथ कई जिलों में समान परीक्षाओं पर सवाल उठने पर अब विभाग की ओर से जांच के नाम पर पर्दा डाला जा रहा है।
परीक्षाओं में शिक्षा विभाग फेल, लापरवाही और पर्चा लीक पास
परीक्षाओं में शिक्षा विभाग फेल, लापरवाही और पर्चा लीक पास
पत्रिका स्टिंग: चार रुपए में पेपर पहले गुरुजी फिर बच्चे भी खरीद रहे
कक्षा नवीं से बारहवीं के प्रश्न पत्रों में खामी के बाद कक्षा एक से आठवीं के प्रश्न पत्रों में नया मामला सामने आया है। कक्षा एक से आठवीं के प्रश्न पत्र स्कूल के शिक्षकों को विद्यालय स्तर पर ही बनाने होते है। लेकिन ज्यादातर स्कूलों में अभी भी बाजार से खरीदकर प्रश्न पत्र लाए जा रहे हैं। पत्रिका टीम ने शुक्रवार को शेखावाटी के 40 से अधिक प्रिटिंग प्रेस व स्टेशनरी की दुकानों पर जाकर प्रश्न पत्र खरीदे। खास बात यह है कि सभी दुकानों पर एक तरीके के ही प्रश्न पत्र बेचे जा रहे हैं। खास बात यह है कि कई जगह तो बच्चों ने भी गुरुजी के प्रश्न पत्र खरीदने का ठिकाना पता कर लिया है।
गुरुजी नए सिलेबस का पेपर है ले जाओ
पत्रिका संवाददाता शुक्रवार को सीकर जिले में विभिन्न स्टेशनरी की दुकानों पर प्रश्न पत्र खरीदने पहुंचे। इस दौरान कई स्टेशनरी विक्रताओं ने कहा कि कोरोना की वजह से दो साल तक परीक्षा नहीं हुई। इसलिए यह काम बंद कर दिया है। जबकि कई स्टेशनरी विक्रेताओं ने कहा कि आराम से जाओ गुरुजी प्रश्न पत्र बिल भी देंगे और प्रश्न पत्र नए सिलेबस के आधार पर बनाया है।
कई स्कूल इसलिए खरीद रहे प्रश्न पत्र
पत्रिका की पड़ताल में सामने आया कि कई स्कूलों में कक्षा छह से आठवीं तक के प्रश्न पत्र शिक्षकों की ओर से अपने स्तर पर बनवाकर फोटो स्टेट कर बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे है। कई स्कूलों में श्याम पट्ट पर प्रश्न लिखवाकर परीक्षाएं कराई जा रही है। लेकिन कई स्कूलों में गुरुजी बाजार से प्रश्न पत्र खरीदने में ज्यादा विश्वास दिखा रहे हैं। इसके पीछे वजह से है कि यदि वह फोटो स्टेट कराकर परीक्षाएं कराए तो औसतन प्रति विद्यार्थी छह से आठ रुपए खर्चा आता है। जबकि बाजार से खरीदे हुए प्रश्न पत्र से चार से पांच रुपए में काम चल रहा है।
उदयपुर में परीक्षा से दो दिन पहले बाजार में आए पेपर
यहां तो परीक्षा की गोपनीयता ही पूरी तरह विवादों के घेरे में आ गई। इस मामले में पूर्व शिक्षा मंत्री देवनानी ने भी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने पिछले सप्लाई बयान दिया कि जब सरकार स्कूलों की परीक्षाएं ही गोपनीयता से नहीं करवा पा रही है तो फिर प्रतियोगी परीक्षाओं का क्या होगा।
निजी शिक्षण संस्था: संचालकों में आक्रोश, जब गोपनीयता ही नहीं तो फिर परीक्षा क्यों
झुंझुनूं सहित अन्य जिलों में प्रश्न पत्र के लिफाफे खुले मिलने से निजी शिक्षण संस्थाओं के संचालकों में शिक्षा विभाग के खिलाफ काफी आक्रोश है। निजी स्कूल संचालकों ने बताया कि गुरुवार की परीक्षा के दौरान लिफाफा खुला हुआ मिला। इसके अलावा तीन तरह के प्रश्न पत्रों से परीक्षा कराई गई। इस मामले में स्कूल संचालकों ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री व शिक्षा निदेशक के नाम शिकायत भी भेजी है। स्कूल संचालकों का कहना है कि जब परीक्षा की गोपनीयता ही नहीं है तो फिर परीक्षा ही क्यों कराई जा रही है।
शिक्षा विभाग: लापरवाही पर एक्शन भी लिया है
समान परीक्षा योजना में चूक के मामले में उदयपुर में एक प्रिसिंपल के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अन्य जिलों की शिकायत आई है तो जांच कराई गई है। कक्षा एक से आठवीं में तो शिक्षकों को अपने हिसाब से प्रश्न पत्र बनाने होते है, ऐसे में बाजार में प्रश्न पत्र खरीदने की स्थिति नहीं है। परीक्षाओं में गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
कानाराम, निदेशक, शिक्षा विभाग
शिक्षक संगठन: बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़
अधिकारियों की लापरवाही की वजह से इस बार कई जिलों में परीक्षा को मज़ाक़ बना दिया है। यह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। इससे परीक्षा की गोपनीयता तथा विभाग की विश्वसनीयता पर प्रश्न चिन्ह खड़ा हुआ है। पूरे प्रकरण की पारदर्शी तरीके से जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उपेन्द्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री, राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत)

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

गोवा में कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं, NCP शिवसेना के साथ मिलकर लड़ेगी चुनावAntrix-Devas deal पर बोली निर्मला सीतारमण, यूपीए सरकार की नाक के नीचे हुआ देश की सुरक्षा से खिलवाड़Delhi Riots: दिलबर नेगी हत्याकांड में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 6 आरोपियों को दी जमानतDelhi: 26 जनवरी पर बड़े आतंकी हमले का खतरा, IB ने जारी किया अलर्टपंजाबः अवैध खनन मामले में ईडी के ताबड़तोड़ छापे, सीएम चन्नी के भतीजे के ठिकानों पर दबिशLeopard: आदमखोर हुआ तेंदुआ, दो बच्चों को बनाया निवाला, वन विभाग ने दी सतर्क रहने की सलाहइन सेक्टरों में निकलने वाली हैं सरकारी भर्तियां, हर महीने 1 लाख रोजगारमहज 72 घंटे में टैंकों के लिए बना दिया पुल, जिंदा बमों को नाकाम कर बचाई कई जान
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.