लापरवाही: कोर्ट के पास बराबर में फंसा डंपर व ट्रोला, टूटने से बचा बिजली का पोल बड़ा हादसा टला

-नीमकाथाना छावनी रोड से दिनभर दौड़ते डंपर व ट्रोले से प्रशासन को हादसे का इंतजार
-शहरवासी काफी दिनों से कर रहे है भारी वाहनों को बाईपास से निकालने की मांग

By: Ashish Joshi

Published: 20 Feb 2021, 10:26 AM IST

Equally trapped dumper and trolla big accident averted सीकर. राजस्थान के सीकर जिला के नीमकाथाना छावनी रोड से दिनभर गुजरते डंपर व ट्रोलों से प्रशासन को हादसे का इंतजार है। शुक्रवार शाम 4.30 बजे करीब छावनी कोर्ट के पास बिजली का पोल होने से ट्रोला व डंपर बराबर में फंस गए। गनीमत रही कि बिजली का पोल टूट कर नीचे नहीं गिरा, अन्यथा बड़ा हादसे होने से नहीं बच सकता। दोनों वाहन काफी देर तक फंसे रहने से सडक़ के दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई। बड़ी मुश्किल से दोनों वाहनों को निकलवाया। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। शहरवासी प्रशासन से खेतड़ी से कोटपुतली व कोटपुतली से नीमकाथाना की ओर आने जाने वाले डंपरों व ट्रोलों को खेतड़ी मोड़ से भूदोली रोड होते हुए सीधे बाईपास पर निकलवाने की मांग कर रहे है। बावजूद पुलिस प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। बड़ी बात यह है कि दोपहर 2 बजे स्कूलों की छुट्टी होने से खेतड़ी मोड़ से गांवड़ी मोड़ तक सडक़ के दोनों ओर स्कूली बच्चों की लाइन लगी रहती है। वहीं मासूम बच्चों के स्कूल ऑटो निकलते है। ऐसे में कभी भी कोई हादसा हो गया तो कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। इससे पहले ही अगर जिम्मेदार चेत जाए तो भविष्य में अनहोनी होने से बच सकती है।
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स्पीड से दौड़ते है डंपर
इस रोड से खाली व ओवरलोड डंपर व ट्रोले बड़ी स्पीड से दौड़ते है। जिनसे कई बार हादसे होते-होते बचे है। पिछले दिनों एक ट्रोला कॉलेज के पास सडक़ पर खराब हो गया था। इससे वाहन चालकों को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दूर दराज जाने वाले वाहन चालक गलियां मापते रहे।
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छावनी रोड पर ही है स्थित कॉलेज व स्कूलें
खेतड़ी मोड़ से गांवड़ी मोड़ के बीच ही सभी सरकारी कार्यालय व स्कूल, कॉलेज स्थित है। इससे दिनभर इस रोड से शहरवासी व महिलाएं, स्कूली बच्चें स्कूटी व साइकलों से गुजरते रहते है। ऐसे में हर दिन लोगों को हादसे का डर सताता रहता है।
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नो पार्किंग में प्रवेश करते है ट्रोला
शहर में नो पार्किंग होने के बावजूद भी दिनभर कपिल मंडी की तरफ ट्रोले गुजरते देखे जाते है। कपिल अस्पताल, रामलीला, मैदान में इन वाहनों से कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। जिम्मेदार अगर थोड़ी रुचि लेकर काम करें तो शायद लोगों को दिनभर होने वाली समस्या से निजात मिल सकेगी।

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