ट्रेक्टर पर बिठाने से मना किया तो भूतपूर्व सैनिक पर लगाया बलात्कार का आरोप, थानाधिकारी ने भी की लेन देन की बात

राजस्थान के सीकर जिले के ग्रामीण इलाके में नाबालिग से बलात्कार व अपहरण के मामले में नया मोड़ आया है। मामले में आरोपी पक्ष के लोगों ने गुरुवार को एसपी को ज्ञापन सौंपा है।

By: Sachin

Published: 22 Jul 2021, 05:29 PM IST

सीकर. राजस्थान के सीकर जिले के ग्रामीण इलाके में नाबालिग से बलात्कार व अपहरण के मामले में नया मोड़ आया है। मामले में आरोपी पक्ष के लोगों ने गुरुवार को एसपी को ज्ञापन सौंपा है। जिसमें विवाद को मामूली कहासुनी व ब्लैकमेलिंग का बताया है। मामला निपटाने के लिए थानाधिकारी व मुकदमा दर्जकर्ता पर रुपए मांगने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जाचं की मांग भी की है। ग्रामीणों के साथ ज्ञापन देने आए भूतपूर्व सैनिक ने रुपयों के लेन- देन की रिकॉर्डिंग भी होने का दावा किया है।

ट्रेक्टर पर बिठाने से मना करने पर हुआ विवाद
भूतपूर्व सैनिक ने ज्ञापन दिया कि 4 जुलाई को उसका बेटा पानी का टैंकर ट्रैक्टर के जोड़कर गांव में आ रहा था। रास्ते में शराब के नशे में खड़े मुकदमाकर्ता ने उसका ट्रैक्टर रुकवाकर जबरन बैठने की कोशिश की। जिसे बेटे ने मना कर दिया। इस पर नशे में उसने बेटे के साथ गाली-गलौच करते हुए ट्रैक्टर पर पत्थर फेंके। इसके बाद एकबारगी तो बेटा वापस घर आ गया। लेकिन जब दुबारा बेटा ट्रैक्टर लेकर गांव आ रहा था तो आरोपी ने अपने भाइयों के साथ उसे फिर रोककर उसके साथ लाठी डंडों से हमला कर दिया। जिसमें जैसे- तैसे बेटा ट्रेक्टर छोड़कर जान बचाकर भागने में कामयाब हुआ। बाद में ग्रामीणों के बीच बचाव से दोनों पिता- पुत्र ट्रेक्टर को वापस लेकर आए। ज्ञापन में आरोप लगाया कि घटना की जानकारी पुलिस थाने में देने पर पुलिस ने संबंधित चौकी में जाने को कहा। जहां दो घंटे बैठने पर भी कोई पुलिसकर्मी नहीं मिलने पर वे वापस आ गए। पर अगले ही दिन पांच जुलाई को पुलिस उनके ही घर पहुंच गई और दोनों बेटे सहित उस पर शराबी आरोपी का अपहरण व नाबालिग से बलात्कार का मुकदमा दर्ज होने की बात कहते हुए थाने ले गई। ऐसे में मामले में निष्पक्ष जांच की जाए।

थानाधिकारी व मुकदमाकर्ता पर रुपए मांगने का आरोप
ज्ञापन में बताया कि मुकदमा छोटे बेटे पर भी दर्ज किया गया है जो दो साल से जयपुर में सेना भर्ती की तैयारी कर रहा है और घटना के वक्त जयपुर में ही था। ये भी आरोप है कि मामले को रफा दफा करने के लिए मुकदमाकर्ता के अलावा थानाधिकारी भी रुपयों के लेन- देने की बात कह रहे हैं। जिसकी रिकॉर्डिंग भी उनके पास है। ज्ञापन में बताया कि सात जुलाई को गांव में जनप्रतिनिधियों और समाज के लोगों की हुई बैठक में भी मामला मामूली कहासुनी का ही माना गया।

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