गरीबों के हक पर लालच का 'संक्रमण', परिजन सरकारी सेवा में फिर भी उठा रहे पेंशन

एक तरफ पात्र लोग पेंशन के लिए सरकारी सिस्टम के चक्कर काटने पर मजबूर है, दूसरी तरफ कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनके परिजन सरकारी सेवा में है फिर भी पेंशन से मोह नहीं छूट रहा है।

By: Sachin

Published: 12 Jun 2021, 11:49 AM IST

सीकर. एक तरफ पात्र लोग पेंशन के लिए सरकारी सिस्टम के चक्कर काटने पर मजबूर है, दूसरी तरफ कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनके परिजन सरकारी सेवा में है फिर भी पेंशन से मोह नहीं छूट रहा है। अब ताजा मामला सीकर जिले की खंडेला इलाके की गोविन्दपुरा ग्राम पंचायत में सामने आया है। यहां एक सामाजिक कार्यकर्ता ने राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर पेंशन के दुरुपयोग की शिकायत दर्ज कराई। इस पर जिला कलक्टर ने खंडेला विकास अधिकारी को मामले की जांच के आदेश दिए।। शुक्रवार को ग्राम पंचायत ने अपनी रिपोर्ट में माना कि गांव के पांच लोग ऐसे हैं जिनके पुत्र सरकारी सेवा में मिले हैं। हालांकि एक व्यक्ति का नाम सही भी पाया गया है। अब अपात्र लोगों के नाम पेंशन सूची से काटने के साथ वसूली भी जिला प्रशासन की तरफ से की जाएगी। सम्पर्क पोर्टल सहित अन्य माध्यमों से लगातार शिकायत बढऩे पर प्रदेशभर में दुबारा से सत्यापन के लिए अभियान शुरू करने की कवायद की जा रही है।


कोई पटवारी तो कोई पुलिस में, फिर भी पेंशन से मोह

सरपंच व ग्राम विकास अधिकारी की ओर से जारी रिपोर्ट में बताया कि पेंशन उठाने वाले एक जने का बेटा पटवारी है। जबकि किसी का बेटा पुलिस में कांस्टेबल तो किसी का राजस्थान रोडवेज में परिचालक है। वहीं एक परिवार में पुत्रवधू सरकारी सेवा में है।

पिछले साल प्रदेश में राशन उठाने की सात हजार शिकायत दर्ज
कोरोनाकाल में सरकार की ओर से विभिन्न योजनाओं के जरिए बांटे गए राशन के दौरान भी प्रदेश में सात हजार से अधिक शिकायत दर्ज हुई। इसमें चार हजार से अधिक परिवार ऐसे निकले जिनके परिवार का कोई न कोई सदस्य सरकारी सेवा में था। प्रदेश के 23 से अधिक जिलों में वसूली हो चुकी है। अन्य जिलों में मामला जांच में उलझा हुआ है।


गलत तरीके से पेंशन उठाने के 198 से अधिक मामले

प्रदेश में दस्तावेजों में हेरफेर से लेकर परिजनों के सरकारी सेवा में होने के बाद भी पेंशन उठाने की पिछले छह महीनों में सम्पर्क पोर्टल पर प्रदेशभर में 198 से अधिक शिकायत दर्ज हुई है। पंचायतीराज विभाग की जांच के बाद ऐसे अपात्र लोगों के नाम हटाए भी गए हैं।

पिछले साल 23 हजार परिवारों को बिना सत्यापन मिल गए दो-दो हजार
पिछले साल केन्द्र व राज्य सरकार की ओर से जरूरतमंद परिवारों को दो-दो हजार रुपए दिए गए थे। इस दौरान जांच में प्रदेश में 23 हजार परिवार ऐसे सामने आए जिनके परिवारों में कोई न कोई सरकारी सेवा में था। इसके बाद वसूली अभियान शुरू हुआ लेकिन 20 फीसदी परिवारों से भी वसूली नहीं हो सकी है।


इनका कहना है

सरकारी सेवा में होने के बाद भी कुछ लोगों के पेंशन उठाने की शिकायत दर्ज हुई थी। इसमें पांच परिवार ऐसे मिले हैं जिनके सदस्य सरकारी सेवा में हैं, इसके बाद भी पेंशन उठाई जा रही थी। इसकी रिपोर्ट मुख्यालय भिजवा दी है।
ममता नारनोली, ग्राम विकास अधिकारी, गोविन्दपुरा ग्राम पंचायत, सीकर।

 

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