जब एक पीड़ित परिवार ने जिला कलक्टर से मांगी इच्छा मृत्यु, कलक्टर ने दिया ये जवाब

ग्राम पंचायत की जमीन खाली कराने के मामले में पिपराली के एक परिवार ने इच्छा मृत्यु मांगी है।

By: Vinod Chauhan

Updated: 16 May 2018, 10:07 AM IST

सीकर.

ग्राम पंचायत की जमीन खाली कराने के मामले में पिपराली के एक परिवार ने इच्छा मृत्यु मांगी है। ज्ञापन में पीडि़त परिवार ने दादिया थानाधिकारी, दो कांस्टेबल, ग्राम सचिव व सरपंच पर अत्याचारों के आरोप लगाए हैं। जिला जिला कलक्टर नरेश कुमार ठकराल व पुलिस अधिकारियों ने पीडि़त परिवार को उपखंड अधिकारी के जरिए मामले की जांच का आश्वासन दिया है। पीडि़त परिवार के गीगराज बगडिय़ा ने बताया कि एक नवम्बर 2008 को ग्राम पंचायत ने किराएनामे के जरिए एक भवन किराए पर दिया।

 

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इस भवन के बकाया बिजली-पानी के लगभग 6480 रुपए भी चुकाए। पिछले दिनों ग्राम पंचायत ने किराएनामा रद्द कर दिया। आरोप है कि इसके बाद से ग्राम पंचायत व पुलिस प्रशासन ने भवन खाली करने के लिए दवाब बनाना शुरू कर दिया। पीडि़त परिवार ने कलक्टर को सीसीटीवी फुटेज देते हुए आरोप लगाया कि भवन खाली कराने के लिए पुलिस ने गाली-गलौच की। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होने की स्थिति में परिवार के छह सदस्यों को इच्छा मृत्यु देने की मांग की है। पीडि़त परिवार का कहना है कि ग्राम पंचायत के भवन में मरम्मत व नवीनीकरण पर हजारों रुपए खर्च कर दिए। लेकिन ग्राम पंचायत मुआवज देने के नाम पर टरका रही है। इधर, जिला कलक्टर नरेश कुमार ठकराल का कहना है कि जमीन का पट्टा पुलिस थाने के नाम था। इसलिए ग्राम पंचायत ने किरायानामा निरस्त कर खाली करने के आदेश दिए थे।

 

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