राजस्थान का यह शख्स है ताइवानी पपीता की लेडी किस्म का देसी डॉक्टर

राजस्थान का यह शख्स है ताइवानी पपीता की लेडी किस्म का देसी डॉक्टर

Vishwanath Saini | Publish: Sep, 10 2018 02:13:48 PM (IST) Sikar, Rajasthan, India

www.patrika.com/sikar-news/

नांगल (नाथूसर). राजस्थान के किसानों में जगदीश पारीक किसी परिचय का मोहताज नहीं हैं। राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित हो चुके पारीक राजस्थान के सीकर जिले के अजीतगढ़ के प्रगतिशील किसान हैं। महज 12वीं तक पढ़े-लिखे इस किसान ने खेती में कई नवाचार किए हैं। यहीं वजह है कि जगदीश पारीक राजस्थान के कई कॉलेजों में विद्यार्थियों को जैविक खेती का पाठ पढ़ाते भी अक्सर नजर आते हैं।

राजस्थान ही नहीं बल्कि उत्तरप्रदेशों के किसानों को आकाशवाणी पर भी खेती गुर बताने वाले व्याख्यान देते हैं। पिछले साल जगदीश पारीक ने गोभी का 15 किलो का फूल उगाने में कामयाबी हासिल की है। अमूमन गोभी का फूल 2 किलो तक का होता है, मगर किसान पारीक ने जैवित खेती से यह कमाल कर दिखाया है। आज हम किसान जगदीश पारीक की बात इसलिए कर रहे हैं कि इन्हें खेती के साथ बागवानी में भी महारत हासिल है। ये गोभी ही नहीं बल्कि पपीता के भी देसी डॉक्टर हैं। हाल ही इन्होंने ताइवानी पपीता की जडग़लन व माथाबंदी बीमारी का इलाज देसी तरीके से किया है।

sikar kisan

पपीता के 200 पौधे हो गए थे नष्ट


राजस्थान के सीकर जिले के नांगल गांव के किसान सीतादास स्वामी ने क्षेत्र में जल स्तर कम होने पर कम पानी में ताइवानी पपीते का बगीचा लगाया है।

बगीचे में ताइवानी पपीते की लेडी किस्म के ग्यारह सौ पौधे लगाए हैं। हालांकि इस दौरान किसी बीमारी के कारण पपीते के दो सौ पौधे नष्ट हो गए।

बाद में किसान ने अजीतगढ़ के प्रगतिशील राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किसान जगदीश पारीक से के साथ मिलकर देशी विधि से पौधों का उपचार किया।

 

इस तरह बनाई देशी दवा

 

जगदीश प्रसाद ने बताया कि पौधो में जडग़लन व माथाबंदी बीमारी हुई थी। इनका उपचार देशी विधि से ही संभव है। इसमें पौधा जमीन के पास गलने लगता है व नष्ट हो जाता है और माथाबंदी रोग में पौधा उपर से सिकुडने लगता है। इसके इलाज के लिए तबांकू, बालमखीरा, गरमूंडा, बबूल की छाल की रांग और देशी आक के दूध का मिश्रण किया।

इसे दो सप्ताह तक जमीन में गोबर के ढेर में दबाकर रखा गया। जब जैविक मिश्रण तैयार हो गया, तो पौधों पर इसका छिडक़ाव किया गया। जगदीश पारीक किसान मित्र के नाम से भी पहचाने जाने लगे हैं। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिये पारीक किसानों को निशुल्क सलाह देते हैं।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned