scriptFifa World Cup workers are not getting compensation for death | FIFA world Cup के लिए हमारे कामगारों ने किया कतर का कायापलट, लेकिन, मौत के बाद भी नहीं मिल रहा मुआवजा | Patrika News

FIFA world Cup के लिए हमारे कामगारों ने किया कतर का कायापलट, लेकिन, मौत के बाद भी नहीं मिल रहा मुआवजा

आशीष जोशी

सीकर. पिछले करीब एक दशक से कतर को फीफा वर्ल्ड कप (FIFA World Cup 2022) की मेजबानी के लिए तैयार करने को भारतीय कामगार पसीना बहा रहे हैं। भीषण गर्मी में घंटों काम करते हुए कतर की कायापलट करने में जुटे हैं।

सीकर

Published: June 01, 2022 11:24:06 am

सीकर. पिछले करीब एक दशक से कतर को फीफा वर्ल्ड कप की मेजबानी के लिए तैयार करने को भारतीय कामगार पसीना बहा रहे हैं। भीषण गर्मी में घंटों काम करते हुए कतर की कायापलट करने में जुटे हैं। इसी साल नवम्बर में वल्र्ड कप का आनंद उठाने कतर आने वाले लोगों की सुख-सुविधा के लिए लाखों कामगार डरावने डॉरमेट्री वाले कमरों में प्रतिकूल परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं। यहां एक दशक में करीब दो हजार भारतीय कामगार दम तोड़ चुके हैं। दुर्घटना में मौत होने पर उन्हें पर्याप्त मुआवजा तक नहीं मिला। हैरानी की बात है कि इनमें से 81 कामगारों की मृत्यु के बाद मुआवजे के मामले 2022 तक लंबित पड़े हैं। विदेश में काम करने वाले भारतीयों की मौत के बाद मुआवजे के सबसे ज्यादा पेंडिंग मामले कतर में है। गौरतलब है कि पिछले एक दशक में वहां 6500 से ज्यादा प्रवासी कामगारों की मौत हो चुकी है। वल्र्ड कप के इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से जुड़े 30 हजार प्रवासी मजदूरों के साथ किए जा रहे बर्ताव को लेकर कतर को लगातार आलोचना का सामना करना पड़ा रहा है। कई मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई कि इनसे बेहद अमानवीय परिस्थितियों में काम करवाया जा रहा है। लंबित मामलों को विदेश मंत्रालय की ओर से मेजबान देशों के स्थानीय कानूनों के अनुसार नियोक्ताओं और मृतक के परिवारों के बीच निपटाया जा रहा है। भारतीय मिशन व केंद्र पैनल में शामिल वकीलों के माध्यम से कानूनी सहायता भी मुहैया करवाते हैं।

दावा : ऊंचाई से गिरने से सबसे ज्यादा मौतें
खाड़ी देशों में श्रम अधिकारों को लेकर काम करने वाले संगठनों के अनुसार सबसे ज्यादा श्रमिकों की मौत ऊंचाई पर काम करने के दौरान गिरने से हुई है। कई मजदूरों ने तो ऊंचाई से लटकने के कारण सांस फूलने से दम तोड़ दिया। कतर में श्रमिकों की मौत के बाद शवों का पोस्टमार्टम तक केवल दिखावे के लिए किया जाता है। ऐसे में मौत का सही कारण सामने नहीं आ पाता।

आईना दिखाते आंकड़े
मुआवजे के लंबित 241 में से 81 मामले कतर में
देश - पेंडिंग मामले
कतर - 81
सऊदी अरब - 31
सिंगापुर - 26
यूएई - 26
कुवैत - 21
सूडान - 20
मलेशिया - 17
ओमान - 5
बहरीन - 4
अजरबैजान - 3
पुर्तगाल - 3
इराक - 1
मॉरीशस - 1
रोमानिया - 1
दक्षिणी सूडान - 1
(विदेश मंत्रालय के अनुसार जनवरी 2022 तक की स्थिति)

नॉलेज : प्रवासी भारतीय बीमा योजना का प्रावधान
भारत सरकार की ओर से प्रवासी श्रमिकों के लिए प्रवासी भारतीय बीमा योजना का प्रावधान भी है। यह योजना दो और तीन साल की अवधि के लिए है। 275 और 375 रुपए के मामूली बीमा प्रीमियम पर मृत्यु या स्थाई विकलांगता के मामले में 10 लाख रुपए का बीमा कवर और कुछ अन्य लाभ प्रदान करती है।

इन तीन मामलों से समझें कतर का कष्ट

FIFA world Cup  के लिए हमारे कामगारों ने किया कतर का कायापलट, लेकिन, मौत के बाद भी नहीं मिल रहा मुआवजा
FIFA world Cup के लिए हमारे कामगारों ने किया कतर का कायापलट, लेकिन, मौत के बाद भी नहीं मिल रहा मुआवजा

केस वन :

43 वर्षीय मधु की 2019 में कतर में काम के दौरान मौत हो गई। वे अपनी पत्नी और बेटे को छोड़ वर्ष 2013 में नौकरी की तलाश में कतर गए थे। रिकॉर्ड में मौत की वजह हार्ट अटैक बताई गई। बकाया वेतन और मुआवजे के नाम पर उन्हें महज एक लाख 14 हजार रुपए मिले।

केस दो :

2018 में लगातार शिकायतों के बाद कतर में भारतीयों की मदद के लिए काम करने वाले मिशन ने मुश्किल में फंसे इन मजदूरों को दूतावास की मदद से वापस भारत लाया। इसमें 14 मजदूरों का हवाई किराया मिशन की ओर से दिया गया।
केस तीन : दिसंबर 2017 में बिहार के तीन मजदूरों ने वीडियो भेजकर बताया था कि सैकड़ों लोग कतर के दोहा शहर में फंसे हैं। कंपनी तीन माह से वेतन नहीं दे रही थी।

केस तीन :

झारखंड के गोविंद की मार्च 2022 में कतर में मौत हो गई। कई दिनों तक उसका शव भारत नहीं आ पाया। वह कतर की राजधानी दोहा में इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन लाइन तैयार करने वाली एक कंपनी में मजदूरी करता था। अब तक मुआवजे का इंतजार है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

मीन राशि में वक्री होंगे गुरु, इन राशियों पर धन वर्षा होने के रहेंगे आसारइन राशियों के लोग काफी जल्दी बनते हैं धनवान, मां लक्ष्मी रहती हैं इन पर मेहरबानभाग्यवान होती हैं इन नाम की लड़कियां, मां लक्ष्मी रहती हैं इन पर मेहरबानऊंची किस्मत वाली होती हैं इन बर्थ डेट वाली लड़कियां, करियर में खूब पाती हैं सफलताधन को आकर्षित करती है कछुआ अंगूठी, लेकिन इस तरह से पहनने की न करें गलतीपनीर, चिकन और मटन से भी महंगी बिक रही प्रोटीन से भरपूर ये सब्जी, बढ़ाती है इम्यूनिटीweather update news..मौसम की भविष्यवाणी सटीक, कई जिलों में तूफानी हवा के साथ झमाझमस्कूल में 15 साल के लड़के से बनाए अननेचुरल संबंध, वीडियो भी बनाया

बड़ी खबरें

Udaipur Murder Case: पूरे देश में तनाव का माहौल, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा- CM Ashok Gehlot, देखें Video...Udaipur : उदयपुर में आगजनी-पत्थरबाजी, इंटरनेट बंद, कर्फ्यू लगाया, पूरे राज्य में अलर्टUdaipur में नूपुर शर्मा के सपोर्ट में पोस्ट करने पर युवक की गला काटकर हत्या, सोशल मीडिया पर जारी किया वीडियोMaharashtra Political Crisis: देवेंद्र फडणवीस ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से की मुलाकात, जल्द से जल्द फ्लोर टेस्ट कराने की मांग कीदीपक हुडा ने टी-20 इंटरनेशनल करियर का लगाया पहला शतक, आयरलैंड के गेंदबाजों की उड़ाई धज्जियांPunjab: सीएम भगवंत मान का ऐलान, अग्निपथ के खिलाफ विधानसभा में लाएंगे प्रस्ताव, होगा किसान आंदोलन जैसा विरोध!Maharashtra Political Crisis: पुत्र और प्रवक्ता बालासाहेब के शिवसैनिकों को बोल रहे भैंस-कुत्ता, उद्धव ठाकरे की अपील का एकनाथ शिंदे ने दिया जवाबMaharashtra: ईडी ने शिवसेना नेता संजय राउत को फिर भेजा समन, जमीन घोटाले के मामले में 1 जुलाई को पेश होने के लिए कहा
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.