सीकर में फाइनेंस की रिकवरी वाले दिनदहाड़े कर रहे गुंडागर्दी, एनएच 52 पर चल रहा ये खतरनाक खेल

सीकर जिले में आरटीओ व पुलिस की तर्ज पर फाइनेंस कंपनियों के नाके चल रहे हैं।

By: vishwanath saini

Updated: 09 Dec 2017, 03:08 PM IST

सीकर. जिले में आरटीओ व पुलिस की तर्ज पर फाइनेंस कंपनियों के नाके चल रहे हैं। इन कंपनियों की किस्त वसूली के नाम पर दिनदहाड़े गुंडागर्दी की जा रही है इसके बाद भी पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। कई जगह तो पुलिस की नाक के नीचे कंपनियों के एजेंट खड़े रहते हैं। ये न केवल गाडिय़ों को रुकवाते हैं बल्कि किस्त बकाया होने की बात कहकर गाड़ी छीन लेते हैं। इसके बाद धमकाकर पैसे भी ऐंठ लेते हैं। जबकि यह पूरा काम गैर कानूनी है। जिले में सीकर शहर के आसपास व एनएच 52 पर करीब आधा दर्जन फाइनेंस की गाडिय़ां नाके लगाकर खड़ी रहती हैं। ये लोग गाडिय़ों के नबंर की लिस्ट साथ रखते हैं और तुरंत ही गाड़ी को रोक लेते हैं।

 

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इन जगहों पर हर वक्त खड़ी रहती हैं फाइनेंस कंपनियों से जुड़े युवकों की गाडिय़ां
सीकर शहर में पीपराली बाईपास चौराहा, नानी बाईपास व सालासर रोड के बीच, भढाढर बाईपास के पास, रसीदपुरा टोल पर, लक्ष्मणगढ़ में बगड़ी रोड तीराहे के पास हर वक्त फाइनेंस कंपनियों से जुड़े युवक कैंपर गाडिय़ां लेकर खड़े रहते हैं। ये हर वक्त ट्रक व छोटी गाडिय़ों को रुकवाते रहते हैं। खास बात यह है कि इनके पास इस तरह गाडिय़ों को रोकने का कोई अधिकार नहीं है। इसके बाद भी पुलिस इनकी गुंडागर्दी पर अंकुश नहीं लगा रही है।

 

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गाड़ी को रुकवाया, जब्त किया और सवार लोगों को पैदल ही भेजते हैं अमूमन ये लोग वहां पर गाड़ी खड़ी करते हैं जहां स्पीड धीरे रहती हो। यहां ये गाड़ी के नंबर आसानी से देख लेते हैं। इसके बाद पीछा कर गाड़ी को रुकवा लेते हैं और छीनकर बाड़े ले जाकर खड़ी कर देते हैं। गाड़ी में चाहे परिवार या महिलाएं उनको भी पैदल ही जाना पड़ता है।


...फिर भी बेरोकटोक जारी है गुंडागर्दी
पिछले तीन दिन में दो मामले पुलिस तक पहुंच चुके हैं। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। भढाढर बाईपास के क गाड़ी छीनने का विवाद सदर थाने तक पहुंचा था। पुलिस ने दोनों पक्षों को आपने में निपटारा करने की बात कहकर टरका दिया। गुरुवार को एक एंबुलेंस को रोकने पर बड़ा विवाद हुआ था। कई घंटों तक सीकर सदर थाने में निपटारा होता रहा लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया।

 

यदि किसी की किस्त बकाया भी है तो उसके वाहन को इस तरह से नहीं उठाया जा सकता है। इसके लिए पूरी कानूनी प्रक्रिया अपनानी पड़ती है। संबंधित कंपनी पहले कोर्ट में जाएगी। वाहन की रिकवरी के लिए कोर्ट से अनुमति लेगी। इसके बाद कोर्ट ही फैसला करेगा। गुंडागर्दी नहीं की जा सकती है।
अनूप ढंड, एडवोकेट राजस्थान हाईकोर्ट, जयपुर


किसी का वाहन छीनना गलत है। इस तरह का मामला जानकारी में नहीं है। यदि ऐसा हो रहा है तो कार्रवाई की जाएगी। सभी थानाधिकारियों को पाबंद किया जाएगा।
डा.तेजपाल सिंह,एएसपी, सीकर

vishwanath saini Desk
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