बरसात की चेतावनी के बीच सुबह छाया कोहरा, सर्द हवाओं ने कंपाया

राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और ओलावृष्टि ने शेखावाटी का मौसम बदल दिया। दो दिन से हो रही बरसात व ओलावृष्टि के बाद मंगलवार की सुबह कोहरे में लिपटी हुई आई।

By: Sachin

Updated: 17 Nov 2020, 09:07 AM IST

सीकर. राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और ओलावृष्टि ने शेखावाटी का मौसम बदल दिया। दो दिन से हो रही बरसात व ओलावृष्टि के बाद मंगलवार की सुबह कोहरे में लिपटी हुई आई। जिससे दृश्यता में कमी रही। शीतलहर का दौर जारी रहने से सर्दी का असर भी कायम रहा। हालांकि पौने नो बजे बाद हल्की धूप खिलने के बाद मौसम थोड़ा साफ होने लगा है। लेकिन, मौसम विभाग की चेतावनी के बीच बरसात की आशंका अब भी बनी हुई है। इधर, तापमान की बात करें तो बादलवाही व धुंध की वजह से न्यूनतमक तापमान में सोमवार के मुकाबले 2.8 डिग्री की बढ़त जरूर दर्ज हुई है। सोमवार को जो न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री दर्ज हुआ, वो फतेहपुर के कृषि अनुसंधान केंद्र में मंगलवार को 13 डिग्री दर्ज किया गया।


बदली दिनचर्या
दो दिन में मौसम में आए अचानक बदलाव ने लोगों की दिनचर्या भी बदल दी है। देर तक अंधेरा रहने पर लोगों के उठने का समय बदल गया है। लोग अब देर तक रजाई में दुबके रहने लगे हैं। इसके बाद भी लोग पूरी तरह से गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आते हैं। शाम को अंधेरा जल्दी होने व ठंड बढऩे से सोने का समय भी लोगों का पहले से जल्दी का हो गया है।


आज भी बरसात की चेतावनी
इधर स्काई मेट वेदर रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को भी उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में बूंदाबांदी या हल्की वर्षा देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार शेखावाटी के सीकर व झुंझुनूं के अलावा भरतपुर, अलवर, जयपुर, दौसा और आसपास के इलाकों में वर्षा होने की संभावना है। जबकि कोटा, सवाई माधोपुर, उदयपुर, जोधपुर, प्रतापगढ़, जैसलमर, बाड़मेर, बीकानेर और जोधपुर समेत बाकी हिस्सों में मौसम पूरे सप्ताह शुष्क और साफ ही बना रहने के आसार है।


इसलिए बढ़ेगी सर्दी
पश्चिमी विक्षोभ से पश्चिम से पूर्व की ओर हवाएं चलती है। जिसके असर से देश के उत्तर व पूर्वी भागों में बर्फबारी होती है। इस बर्फबारी के बाद हवाओं का रुख बदलता है और सर्दी बढऩे लगती है। उत्तरी हवाएं कश्मीर व उत्तर पूर्वी हवाएं हिमाचल की ओर से चलती है जो अपने साथ सर्द हवाएं लाती है और मैदानी इलाकों में सर्दी बढ़ जाती है। शेखावाटी में हिमालय से आने वाली बर्फीली हवाओं को रोकने के लिए कोई पहाड़ी क्षेत्र नहीं है। ऐसे में शेखावाटी में ठंड का असर ज्यादा और जल्दी होता है।

बरसात के साथ गिरे चने के आकार के ओले
अजीतगढ़ व नांगल नाथुसर क्षेत्र में रविवार दोपहर को भी बरसात के साथ चने के आकार के ओले गिरे। नांगल नाथुसर के आसपुरा, दोलती जोहड़ी सहित आसपास के क्षेत्र में बरसात हुई। बोलती जोड़ी निवासी श्यामलाल यादव ने बताया कि बेर के आकार के तेज ओले गिरे। वहीं अजीतगढ़ क्षेत्र के गांवों में रविवार दोपहर को 20 मिनट तक तेज बरसात हुई। अजीतगढ़ के रीको क्षेत्र में चने के आकार के ओले गिरे।

कहीं मुरझाए तो कहीं खिले चेहरे
मौसम में अचानक आए इस बदलाव से कहीं किसानों के चेहरे खिल गए तो कहीं चिंताएं बढ़ गई। जिले के जिन इलाकों में पकी फसलें खेतों में पड़ी थी। वहां बरसात के साथ ओले गिरने से फसलों को नुकसान हो गया। जबकि बुआई की तैयारी कर रहे किसानों के लिए यह बरसात अग्रिम संजीवनी साबित हुई है। किसानों का कहना है कि जमीन की नमी बढऩे से उन्हें फसल उत्पादन में फायदा होगा। मौसम परिवर्तन से फसलों की बुवाई का समय भी बदलने लगा है। सितंबर अक्टूबर में होने वाली चने की बुवाई इस बार नवंबर में भी हो रही है। गेहूं व जो की बुवाई भी 15 दिन की देरी से होगी।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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