खेती के गुर सीखने शेखावाटी आए फ्रांस के लोग, खेतों में रीजका काटकर भी देखा

By: vishwanath saini

Updated: 04 Jan 2018, 11:22 AM IST

Sikar, Rajasthan, India

Foreign tourists came in shekhawati

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मूंडरू. जहां एक ओर भारतीय युवा वर्ग पाश्चात्य संस्कृति की ओर बढ़ रहा है। वहीं विदेशी सैलानियों के दल भारतीय संस्कृति, वेशभूषा, रहन-सहन और खानपान को जानने के लिए भारत के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। कस्बे के गांव लिसाडिय़ा में विदेशी सैलानियों के एक दल ने दो दिन तक गांव में रुककर स्थानीय संस्कृति के बारे में जानकारियां प्राप्त की। स्थानीय निवासी अर्जुनलाल यादव ने बताया कि फ्रांस से विदेशी सैलानियों के 13 सदस्यों का एक दल परिवार सहित मंगलवार को लिसाडिय़ा पहुंचा।

 

दल ने यहां स्थानीय निवासियों के घर रुककर कृषि कार्य, दुग्ध उत्पादन, पशुपालन, वेशभूषा, रहनसहन, खानपान सहित अन्य कई चीजों के बारे में जानकारियां सीखी। दल ने स्थानीय निवासियों के साथ कृषि में फव्वारे बदलना, फसल काटना, पशुओं को दुहना, खाना बनाना सहित अन्य कई जानकारियां प्राप्त की।

 

अध्यापक भगवान सहाय यादव ने बताया कि सहज मुरारका टूरिज्म के द्वारा ग्रामीण पर्यटक को बढ़ावा देने के लिए, गांवों में किसानों की आमदनी बढाने, ग्रामीण परिवेश की संस्कृति से नजदीकी से रूबरू होने के लिए तथा यहां की संस्कृति से रूबरू होने के लिए पर्यटकों को ग्रामीण टूर कराये जा रहे हैं। विदेशी सैलानी बाजरे की रोटी, छाछ, दूध दही व पालर की सब्जी, मूली व गाजर सहित सब्जियां खाकर बहुत प्रसन्न हुए।

Patrika
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