राजस्थान की पहली व देश की दूसरी Defence Academy का इस जिले में हुआ शिलान्यास

वर्षों के इंतजार और महीनों के संघर्ष के बाद आखिरकार सीकरवासियों को हक मिला है। प्रदेश की पहली सैन्य अकादमी का शनिवार को जीणमाता के पास मोहनपुरा गांव स्थित महाराव शेखाजी स्मारक के पास शिलान्यास हुआ।

By: Vinod Chauhan

Updated: 03 Mar 2019, 06:46 PM IST

पलसाना.

वर्षों के इंतजार और महीनों के संघर्ष के बाद आखिरकार सीकरवासियों को हक मिला है। प्रदेश की पहली सैन्य अकादमी का शनिवार को जीणमाता के पास मोहनपुरा गांव स्थित महाराव शेखाजी स्मारक के पास शिलान्यास हुआ। प्रदेश की यह पहली सैन्य अकादमी होगी। देश में इस तरह की अकादमी फिलहाल मोहाली में है। शिलान्यास समारोह के दौरान शिक्षा राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि प्रोजेक्ट की राह में कई दिक्कत थी। लेकिन मन में जूनून था कि सैन्य अकादमी को सीकर की धरती पर ही खोलना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी सकारात्मक रूख दिखाया। इससे पहले अकादमी का शिलान्यास शिक्षा राज्यमंत्री गोविन्दसिंह डोटासरा, श्रीमाधोपुर विधायक दीपेन्द्रसिंह, महाराव शेखाजी संस्थान के स्थाई सदस्य राव राजेन्द्रसिंह शाहपुरा, दांतारामगढ़ विधायक वीरेन्द्रसिंह व पूर्व सांसद गोपालसिंह शेखावत के आतिथ्य में हुआ।


सैनिकों के साथ अब अधिकारी भी देंगे
राज्यमंत्री डोटासरा ने कहा कि महाराव शेखाजी सर्वधर्म संभाव व्यक्तिव के धनी थे। महापुरुष सबके होते हंै और आज शेखावाटी को शेखाजी के नाम से ही विश्व में जाना जाता है। राव राजेन्द्रसिंह की सोच को सरकार ने आगे बढ़ाया है। इस दौरान राव राजेन्द्रसिंह ने बताया कि शेखावाटी और राजस्थान का देश की सेना में सैनिकों के रूप में तो अच्छा प्रतिनिधित्व है, लेकिन अधिकारी कम ही है। ऐसे में उनके मन में इसको लेकर हमेशा से कसक रही है। करगिल युद्ध की बात करें तो यहां शहीदों का आंकड़ा अन्य प्रदेशों की बजाय कहीं ज्यादा रहा। आज तक के इतिहास की बात करें तो राजस्थान में वीरांगनाओं का आंकड़ा साढ़े बारह प्रतिशत है जो देश के अन्य किसी भी प्रदेश का नहीं है। ऐसे में राजस्थान में अकादमी शुरू होने के बाद यहां से भी अधिकारी बनकर निकलेंगे। विधायक दीपेन्द्रसिंह ने कहा कि प्रदेश की बेटियां भी बेटों से पीछे नहीं है। ऐसे में यहां बेटियों के लिए अलग से विंग खोलनी चाहिए। उन्होंने अकादमी में प्रदेश के ज्यादा युवाओं को प्रवेश देने का सुझाव भी दिया। विधायक वीरेन्द्रसिंह व पूर्व सांसद गोपालसिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में पिपराली प्रधान संतोष वर्मा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रामदेवसिंह, श्यामसुन्दर पुनिया, जिला परिषद सदस्य भंवरलाल वर्मा, पूरण कंवर, सम्पतसिंह धमोरा, सरपचं अशोकसिंह, जितेन्द्रसिंह कारंगा, बाबूसिंह बाजौर, रामसिंह पिपराली, राजकुमार सैनी, महेश शर्मा, भगवानाराम छबरवाल, सुभाष शेषमा, गोगराज बुरडक़, रामेश्वर जाखड़, बहादूरसिंह, हरकचन्द जैन, कजोड़मल रेगर, शंकरदयाल स्वामी, भागीरथसिंह जेरठी, दिनेश कस्वा सहित कई लोग मौजूद थे।


पिछली सरकार का भी शुक्रिया
महाराव शेखाजी सशस्त्र बल अकादमी की कवायद पिछली सरकार के समय शुरू हुआ था। राव राजेन्द्र सिंह पिछली सरकार का शुक्रिया भी अदा किया।


साढ़े 31 करोड़ रुपए होंगे खर्च
अकादमी के निर्माण के लिए करीब साढ़े इक्कतीस करोड़ रुपए खर्च होंगे। पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने अकादमी के लिए करीब साढ़े इक्कीस करोड़ का बजट स्वीकृत किया था। इसके बाद अब कांग्रेस सरकार ने इस बजट को दस करोड़ ओर बढ़ा दिया है। करीब साढ़े दस हैक्टर में बनने वाली अकादमी के लिए फिलहाल चार हैक्टर भूमि अवाप्त कर ली गई है।


...अस्या मं थांका काम कुण रोकगो
शिक्षा राज्य मंत्री डोटासरा ने कांग्रेस के दिग्गज नेता चौधरी नारायणसिंह को अपना राजनीतिक गुरु बताया। कहा कि, उन्हें राजनीति में आगे बढ़ाया है, ऐसे में मैं अपने विभाग के कार्य करवाने में दांतारामगढ़ को सबसे पहले स्थान दूंगा। इसके बाद ही लक्ष्मणगढ़ व अन्य जगहों के काम होंगे। इस पर विधायक दीपेन्द्रसिंह ने भी चुटकी लेते हुए कहा कि हम श्रीमाधोपुर वालों का भी ध्यान रखना, तो मंत्री डोटासरा ने वापस चुटकी लेते हुए कहा कि थांका चुप करवायेडा तो हाल कई पंच ही कोनी बन पाया..., अस्या मं थांका काम कुण रोकगो।


झलकियां
अकादमी का निर्माण आचार संहिता से पहले होगा शुरू
अकादमी में बिग्रेडियर रैंक के अधिकारी देंगे युवाओं को प्रशिक्षण
फिलहाल सबसे नजदीक के स्कूल को किया जाएगा अटैच
विधायक दीपेन्द्र सिंह बोले, शिक्षा विभाग कांटो भरा ताज

Vinod Chauhan
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