सात समंदर पार से खींच लाई वतन की खुशबू

दुबई और जॉर्जिया से सीधे चुनावी रण में कूदी ये शिक्षित युवतियां।

सीकर. इस बार के पंचायत चुनाव में मतदाताओं को बेहद ही शिक्षित व युवा सरपंच मिलने की उम्मीद है। लक्ष्मणगढ़ व नेछवा क्षेत्र की 53 ग्राम पंचायतों के कुल प्रत्याशियों में से 60 फीसदी युवा भाग्य आजमा रहे हैं। लक्ष्मणगढ़ के लालासी से ताल ठोक रहे सुनील गढ़वाल, कुमास जाटान से प्रवीण नेहरा व जाजोद से रूखसर बानो की उम्र महज 21 वर्ष है। लक्ष्मणगढ़ इलाके में सबसे बुजुर्ग प्रत्याशी रहनावा के 86 वर्षीय दलेल सिंह है। 21 वर्षीय प्रत्याशी डोली अग्रवाल के साथ-साथ सुमन मंडीवाल, तूनवा के चैनाराम युवा उम्मीदवार हैं।
दुबई की नौकरी छोड़ चुनाव लडऩे आई बहू
नांगल गांव में सरपंचाई के लिए दुबई में कंपनी में नौकरी करने वाली बहू सुनीता कंवर भी मैदान में हैं। 36 वर्षीय सुनिता कंवर स्नात्तक है और पिछले कुछ सालों से दुबई की एक शिपिंग कम्पनी में सीसीए ऑफिसर के पद पर कार्यरत है। सुनीता अब घर में रहकर गांव के विकास के लिए चुनाव मैदान में उतरी है।
समस्याओं के समाधान की ठानी
उपखंड की नेछवा पंचायत समिति की सूठोठ ग्राम पंचायत से मेडिकल की विद्यार्थी 21 वर्षीय कल्पना चौधरी भी सरपंचाई के लिए चुनावी मैदान में है। कल्पना फिलहाल जॉर्जिया में एमबीबीएस तीसरे वर्ष की छात्रा है। कल्पना कहना है कि गांव की समस्याओं को देखते हुए उन्होंने चुनाव लडऩे का फैसला किया है।
इंजीनियरिंग के बाद उतरी सरपंच चुनाव में
मानासी ग्राम पंचायत से भाग्य आजमा रही है संजू सर्वा इंजीनियर हैं। सर्वा ने बताया कि ग्रामीण इलाके के युवाओं को कैरियर के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से वो चुनाव मैदान में उतरी है। वर्तमान में सर्वा आइएएस व आरएएस मैन्स की भी तैयारी भी कर रही है। लोगो की सेवा व विकास के उद्देश्य से सर्वा दावेदार के रूप में लौहा ले रही है।
शिक्षक बनने का सपना छोड़ चुनाव में
नेछवा इलाके की ही भिलूण्डा ग्राम पंचायत से भाग्य आजमा रही प्रभाती कुमारी एमएससी बीएड है। आरपीएससी की फस्र्ट ग्रेड परीक्षा देने वाली प्रभाती शिक्षक बनने का सपना छोडकऱ ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरपंच का चुनाव लड़ रही हैं। प्रभाती कुमारी के चुनाव प्रबंधन की कमान भी महिलाएं ही संभाल रह है।
ग्रामीणों को पढ़ाएगी विकास का पाठ
लक्ष्मणगढ. इलाके के पाटोदा ग्राम पंचायत से चुनाव लड़ रही कविता महला एमए बीएड है। अभी तक बच्चों को अनुशासन व नवाचार का पाठ पढ़ा रही महला अब चुनावी मैदान में उतरकर ग्रामीणों को विकास का पाठ पढ़ाने के लिए तैयार है। युवा प्रत्याशी बताती हैं कि क्षेत्र का विकास उनकी प्राथमिकता रहेगी।

Gaurav Desk
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