scriptFuture entangled in UG PG dispute, calendar also changed | यूजी पीजी विवाद में उलझा भविष्य, कलैण्डर भी बदला, फिर भी नहीं खुल रही राहें | Patrika News

यूजी पीजी विवाद में उलझा भविष्य, कलैण्डर भी बदला, फिर भी नहीं खुल रही राहें

प्रदेश में शिक्षा विभाग के नए नियमों से पदोन्नति की राह पूरी तरह अटक गई है। विभाग की ओर से पदोन्नति को लेकर कलैण्डर भी जारी किया जा चुका है।

सीकर

Published: December 24, 2021 12:46:27 pm

सीकर. प्रदेश में शिक्षा विभाग के नए नियमों से पदोन्नति की राह पूरी तरह अटक गई है। विभाग की ओर से पदोन्नति को लेकर कलैण्डर भी जारी किया जा चुका है। लेकिन मामला न्यायालय की दहलीज तक पहुंचने की वजह से शिक्षकों का पदोन्नति का सपना पूरा नहीं हो रहा है। दरअसल, शिक्षा विभाग की ओर से लगभग 50 साल पुराने पदोन्नति के नियमों को बदला गया था। नए नियमों के अनुसार स्नातक व स्नातकोत्तर में एक समान विषय होने पर ही पदोन्नति का प्रावधान तय किया गया है। इसको लेकर कुछ शिक्षक संगठनों के साथ शिक्षक विरोध में है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि हजारों शिक्षकों ने पहले स्नातकोत्तर दूसरे विषयों में कर चुके है। इसके अलावा बहुत से बेरोजगार दूसरे विषयों में फिलहाल कर रहे हैं। ऐसे में न्यायालय की ओर से इस मामले में स्थगन आदेश जारी कर शिक्षा विभाग से जवाब मांगा गया है। पहले न्यायालय ने छह दिसम्बर तक जवाब मांगा था। लेकिन विभाग की ओर से जवाब नहीं दिए जाने पर छह जनवरी को अगली सुनवाई होनी है। शिक्षक नेताओं का कहना है कि सरकार को पुराने नियमों से ही पदोन्नति करनी चाहिए। प्रथम श्रेणी शिक्षकों की पदोन्नति की प्रक्रिया अटकने से तृतीय श्रेणी व द्वितीय श्रेणी में भी पदोन्नति प्रक्रिया अटकेगी। वहीं इसका असर प्रथम श्रेणी व्याख्याता से प्रिसिंपल के पद पर होने वाली पदोन्नति में भी दिखेगा।

अप्रेल में होनी थी, अब तक नहीं हुई
शिक्षा विभाग की डीपीसी प्रक्रिया में पहले से ही काफी देर हो चुकी है। पहले यह प्रक्रिया अप्रेल महीने में होनी थी। लेकिन नियमों के विरोध की वजह से दिसम्बर महीने तक भी काम पूरा नहीं हो सका है।

इसलिए उठ रहे सवाल, सीधी भर्ती और पदोन्नति में अलग नियम
पदोन्नति के नए नियमों पर शिक्षक संगठनों की ओर से इसलिए भी सवाल उठाए जा रहे हैं क्योंकि सीधी भर्ती के जरिए तो दूसरी विषय से स्नातकोत्तर करने वाले अभ्यर्थियों को मौका दिए जाने का प्रावधान है। लेकिन पदोन्नति में दूसरी विषय से स्नातकोत्तर करने वालों को मौका नहीं मिलेगा। एक विभाग में दो तरह के नियम होने की वजह से अब विरोध के स्वर सामने आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी निदेशक को लिखा पत्र
इस संबंध में राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा सहित अन्य शिक्षक संगठनों की ओर से मुख्यमंत्री को पदोन्नति नियमों की विंसगति दूर करने को लेकर पत्र लिखा गया था। इस पर अब मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से अब शिक्षा निदेशक कानाराम को पत्र लिखकर इस मामले की समीक्षा कराने के निर्देश दिए गए है।

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