सरकार संग्राम में व्यस्त और प्रदेश के चार लाख बेरोजगारों की फिर दूर हुई नौकरी की आस

प्रदेश के बेरोजगारों की चार भर्तियों से जुड़ी नौकरी की आस लगातार दूर होती जा रही है। इस कारण प्रदेश के चार लाख से अधिक बेरोजगारों का भविष्य फिर से उलझ गया है। मामला प्रयोगशाला सहायक, महिला पर्यवेक्षक, कृषि पर्यवेक्षक व फायरमैन चालक के पदों के लिए हुई भर्तियों से जुड़ा है।

By: Ajay

Published: 18 Jul 2020, 03:42 PM IST

सीकर. प्रदेश के बेरोजगारों की चार भर्तियों से जुड़ी नौकरी की आस लगातार दूर होती जा रही है। इस कारण प्रदेश के चार लाख से अधिक बेरोजगारों का भविष्य फिर से उलझ गया है। मामला प्रयोगशाला सहायक, महिला पर्यवेक्षक, कृषि पर्यवेक्षक व फायरमैन चालक के पदों के लिए हुई भर्तियों से जुड़ा है। इन भर्तियों से जुड़े मामले की 15 जुलाई को सुनवाई होनी तय थी, लेकिन न्यायालय में कोरोना की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी। अब न्यायालय ने सुनवाई के लिए २६ अगस्त की तिथि दी है। एेसे बेरोजगारों ने अब जल्द सुनवाई के लिए प्रार्थना दिया है। बेरोजगारों का कहना है कि सरकारी नौकरी की आस में उन्होंने निजी भी छोड़ दी। अब अंतिम परिणाम जारी नहीं होने की वजह से कोरोनाकाल में मुसीबत ज्यादा बढ़ गई है।

प्रयोगशाला सहायक में जिला आवंटन अटकाराजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से प्रयोगशाला सहायक भर्ती में चयनितों की सूची शिक्षा विभाग को पिछले दिनों सौंप दी। दूसरी सूची के नाम बाद में आने और मामला न्यायालय में उलझा होने की वजह से जिला आवंटन नहीं हो सका। अब विभाग के अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय से हरी झंडी मिलने के बाद ही जिला आवंटन किया जाएगा।

अंतिम परिणाम भी नहीं हो सका जारीचयन बोर्ड की ओर से ही महिला पर्यवेक्षक भर्ती का आयोजन कराया गया था। परीक्षा में नकल के आरोपों की वजह से मामला न्यायालय तक पहुंच गया। इस कारण भर्ती का अंतिम परिणाम भी जारी नहीं हो सका है। दूसरी कृषि पर्यवेक्षक व फायरमैन चालक के पदों के लिए चयनित अभ्यर्थियों की भी विभाग सूची जारी नहीं कर सका है।

सत्ता के संग्राम का भी असर
मई महीने में बेरोजगारों की ओर से अटकी भर्तियों के मामले में सरकार को सोशल मीडिया पर काफी घेरा गया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की बैठक लेकर जल्द चयनित बेरोजगारों को नौकरी देने के आदेश हुए। एेसे में कनिष्ठ सहायक के चयनितों को नौकरी भी मिल गई। इससे पहले अन्य भर्तियों पर कदम आगे बढ़ते सरकार सत्ता के संग्राम में उलझ गई।

इनका कहना है
चार भर्ती न्यायालय में उलझी हुई है। जल्द सुनवाई के लिए शुक्रवार को प्रार्थना पत्र दिया है। न्यायालय में सुनवाई पूरी होने के बाद बेरोजगारों का नौकरी का सपना पूरा हो सकेगा।
उपेन यादव, प्रवक्ता, राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ

डीएलएड में अब 22 जुलाई तक होंगे आवेदन
प्रांरभिक शिक्षा विभाग ने जारी किए आदेश
सीकर. प्रदेश के बेरोजगारों के लिए राहतभरी खबर है। प्रांरभिक शिक्षा विभाग की ओर से होने वाली प्री डीएलएड परीक्षा २०२० के आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब ऑनलाइन आवेदन 22 जुलाई तक होंगे। पहले अंतिम तिथि १५ जुलाई थी। बेरोजगारों के लगातार उत्साह देखते हुए विभाग ने यह निर्णय लिया है। ऑनलाइन शुल्क 23 जुलाई तक जमा होगा। अब तक सवा छह लाख से अधिक आवेदन जमा हो चुके है। इस साल इस परीक्षा में शामिल होने को युवाओं में काफी क्रेज है। एेसे में आवेदन आठ लाख से अधिक होने की संभावना है। पिछले इस परीक्षा में साढ़े सात लाख से अधिक आवेदन आए थे। परीक्षा समन्वयक शिवप्रसाद ने बताया कि परीक्षा 30 अगस्त को होगी। प्रीडीएलएड प्रवेश परीक्षा के अंकों के आधार पर विद्यार्थियों को डीएलएड महाविद्यालयों में दाखिला मिलेगा। दो वर्षीय पाठ्यक्रम को पूरा करने के बाद बेरोजगार रीट प्रथम लेवल में शामिल हो सकते हैं।

Ajay Reporting
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