सरकार लुटा रही नीर...हमारे किसानों की आंखों में अब भी पानी

भयावह: जहां रीता पानी वहां के किसान खुद नहीं खोद रहे ट्यूबवैल और ना चाहिए कनेक्शन
जिन ब्लॉकों में अभी जलस्तर ठीक वहां 45 दिन में जमा हो गई 11 हजार फाइल
सब्सिडी वाले कनेक्शन की किसानों को चाह ज्यादा, महंगे कनेक्शन से दूरी

By: Suresh

Published: 22 Feb 2021, 05:52 PM IST

सीकर. सरकार ने ट्यूबवैलों की खुदाई से भले ही रोक हटा ली हो लेकिन जिले के कुछ ब्लॉकों के किसानों ने खुद बूंद-बूंद पानी के महत्व को समझते हुए बड़ी नजीर पेश की है। यहां के किसान रीतते पानी की भयावह तस्वीर से पूरी तरह अब सबक ले चुके है। जिन क्षेत्रों में जलस्तर ठीक है उन क्षेत्रों के किसानों ने पिछले 45 दिनों में 11 हजार से अधिक फाइलें कृषि कनेक्शन की चाह में बिजली निगम में फाइल जमा करा दी है। पत्रिका ने जिले के सभी सहायक अभियंता कार्यालयों में पिछले 45 दिनों में जमा हुई फाइलों की पड़ताल की तो यह सच सामने आया। रींगस, श्रीमाधोपुर, नीमकाथाना, थोई व अजीतगढ़ इलाके के किसानों को आगामी पेयजल समस्या की चुनौतियों के बारे में पता है, इसलिए यहां के किसानों ने काफी कम फाइल जमा कराई है। जबकि जिले के दूसरे सहायक अभियंता कार्यालयों में लगातार फाइलें जमा हो रही है। इसके अलावा किसान सरकारी सब्सिड़ी वाले कनेक्शन लेने में ज्यादा रूचि दिखा रहे हैं। महंगे कनेक्शन लेने से भी किसानों ने पूरी तरह डिस्टेंस बना रखी है।
इस साल निगम जारी कर चुका 557 कनेक्शन
विद्युत निगम की ओर से इस साल किसानों को 557 कनेक्शन जारी किए जा चुके है। इसके अलावा जिले के 851 किसानों ने कनेक्शन की चाह में डिमांड नोटिस भी जमा करा दिए है। जिले में 165 कनेक्शन जमीनी विवाद की वजह से अटके हुए है।
इसलिए किसान चाहते है सामान्य योजना में कनेक्शन
विद्युत निगम की ओर से कृषि कनेक्शन के लिए तीन योजनाएं संचालित की जाती है। सामान्य योजना में सीकर जिले में दस हजार 76 फाइलें जमा हो चुकी है। इस योजना में ढ़ाई हजार रुपए प्रति एचजी के हिसाब से किसान को कनेक्शन मिलता है। ऐसे में किसान को औसत 12 से 15 हजार रुपए में कनेक्शन जारी हो जाता है। इसलिए किसान सबसे ज्यादा इसी योजना में कनेक्शन चाहते हैं। दूसरी योजना बूंद-बूंद सिंचाई की है। इसमें बिजली पोल से लेकर अन्य खर्चे किसान को खुद भुगतने पड़ते है। इस योजना में सीकर जिले में 700 से अधिक फाइल जमा हो चुकी है। इस योजना में किसान को औसत सवा से डेढ़ लाख रुपए में कनेक्शन मिलता है। इसके अलावा एससी वर्ग के किसानों को प्राथमिकता से कनेक्शन देने के लिए अलग से आवेदन लिए जा रहे हैं।
तो...जिले में लगेंगे 50 हजार नए पोल
किसानों के कनेक्शनों के क्रेज को देखते हुए आगामी कुछ महीनों में सीकर जिले में 50 हजार नए बिजली पोल देखने को मिलेंगे। इसके लिए निगम ने वर्क ऑर्डर देने की तैयारी कर ली है। इसके अलावा 800 से अधिक ट्रांसफार्मर भी खरीदने की तैयारी पूरी कर ली है।
कनेक्शनों के लिए मारामारी
पिपराली: 1255
सीकर ग्रामीण: 1280
धोद: 1190
लक्ष्मणगढ़ ग्रामीण: 1308
नेछवा: 1202
फतेहपुर: 735
लक्ष्मणगढ़ सिटी: 641
लोसल: 361
कूदन: 687
पलसाना: 453
यहां के किसान और नहीं गिराना चाहते जलस्तर
खंडेला: 55
श्रीमाधोपुर: 41
नीमकाथाना: 22
नीमकाथाना ग्रामीण: 180
पाटन: 55
रींगस: 16
कांवट: 57
खाटूश्यामजी: 95
दांतारामगढ़: 66
अजीतगढ़: 36
थोई: 06
निगम तैयारी में जुटा...
कृषि कनेक्शनों की फाइलें जिलेभर में लगातार जमा हो रही है। जिले में लगभग 11 हजार आवेदन कनेक्शन के लिए आ चुके हैं। निगम ने कनेक्शन जारी करने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए बिजली पोल व ट्रांसफार्मर मंंगवाने की तैयारी कर ली है। डिमांड नोटिस जमा कराने वाले किसानों को समय पर कनेक्शन जारी करना निगम प्राथमिकता में है। हां यह सही है कि जिले के कुछ क्षेत्रों में फाइलें काफी कम जमा हुई है। -नरेन्द्र गढ़वाल, अधीक्षण अभियंता, अजमेर डिस्कॉम, सीकर

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