सरकार ने चुपके से पांच साल पहले कर दी बंद डे-बोर्डिंग एकेडमी

10 साल पहले सीकर में बनी थी प्रदेश की पहली खेल एकेडमी व स्पोट्र्स स्कूल
नौकरी के लिए खेल कोटा, लेकिन स्पोट्र्स स्कूल के अभाव में तमगे से दूर खिलाड़ी

By: Suresh

Updated: 06 Apr 2021, 07:05 PM IST

सीकर. दस साल पहले खुले सीकर में प्रदेश के पहले स्पोट्र्स स्कूल पर सियासी दावों के बीच ताला लगा दिया गया। अब सीकर, चूरू व झुंझुनूं जिले के युवाओं को खेलों में कॅरियर बनाने के लिए दूसरे जिलों में जाना पड़ रहा है। पिछले चुनाव के समय कांग्रेस ने युवाओं को स्पोट्र्स स्कूल का सपना दिखाया गया। लेकिन अभी तक राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद की कोई कवायद शुरू होती नजर नहीं आ रही है। इससे नाराज युवाओं ने अब आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। युवाओं का कहना है कि एक तरफ राज्य सरकार ने खेल कोटे में सीधे नौकरी देने का प्रावधान कर दिया। दूसरी तरफ खेल स्कूलों को मंजूरी नहीं दी जा रही है। ऐसे में कैसे खिलाडिय़ों का देश व प्रदेश के लिए तमगा जीतने का सपना पूरा होगा।
प्रशिक्षण के साथ निशुल्क छात्रावास की सुविधा
भाजपा सरकार ने नेछवा स्थित कोठ्यारी स्कूल से स्पोट्र्स स्कूल संचालित किया था। यहां खिलाडिय़ों को निशुल्क प्रशिक्षण के साथ छात्रावास की सुविधा मुहैया कराई गई। इस दौरान स्कूल प्रबंधन ने सरकार को लीज पर जमीन देने की भी घोषणा की थी। लेकिन सरकार ने फिर भी हाथ वापस खीच लिए।
झुंझुनूं में खेल विवि का दिखाया सपना
कांग्रेस सरकार ने पिछले कार्यकाल में झुंझुनूं में खेल विश्वविद्यालय का सपना शेखावाटी के लोगों को दिखाया था। इस दौरान विवि के लिए जमीन आवंटन व स्टाफ भी लगा दिया था। लेकिन विवि शुरू नहीं हो सका। झुंझुनूं जिले के लोगों की ओर से लगातार इसकी मांग की जा रही है।
इन खेलों में हम सभी पर भारी
01. बास्केबॉल
बास्केबॉल का सीकर लंबे अर्से से गढ़ है। खिलाडिय़ों ने पूरे देश में मान बढ़ाया है। ऐसे में यहां एसके स्कूल की एकेडमी के अलावा एक अन्य एकेडमी की मांग की जा रही है। यदि यह एकेडमी सीकर को मिलती है तो जिले के एक हजार से अधिक खिलाडिय़ों को फायदा मिल सकता है।
02. एथलेटिक्स व हॉकी
एथलेटिक्स भी हमारे खिलाडिय़ों ने खूब तमगे जीते है। एथलेटिक्स खिलाडिय़ों की ओर से फिलहाल निजी संगठनों की ओर से अभ्यास कराया जा रहा है। वहीं सांवली रोड स्थित खेल स्टेडियम में कई खेलों के मैदान नहीं है और कई खेलों के कोच नहीं है।
एक्सपर्ट व्यू:
शेखावाटी में खिलाडिय़ों की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता बस खिलाडिय़ों को तराशने की है। सीकर में पहले स्पोट्र्स स्कूल संचालित हुआ था। इसका खिलाडिय़ों को काफी फायदा मिला था। लेकिन अब इस प्रस्ताव की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में खिलाडिय़ों में काफी मायूसी है। सरकार को खिलाडिय़ों को स्पोट्र्स स्कूल की सौगात देनी चाहिए।
-विजेन्द्र पचार, अध्यक्ष, जिला कूडो संघ

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