घोर लापरवाही : कागजों में शटडाउन, लेकिन चालू थी बिजली सप्लाईं

Gross negligence: shutdown in paperwork, but current power supply

By: Vinod Chauhan

Updated: 20 Jul 2018, 05:48 PM IST

घोर लापरवाही : कागजों में शटडाउन, लेकिन चालू थी बिजली सप्लाईं
दर्ज किया गैर ईरादतन हत्या का मुकदमा
१६-१६ लाख मुआवजे की घोषणा के बाद परिजनों ने उठाए शव
सीकर. नेछवा इलाके की बजोड़ा की ढाणी में करंट से दो युवकों की मौत के मामले में बिजली निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। दोनों युवकों को हाइटेंशन लाइन के खंभे पर चढ़ाने से पहले झूठा शटडाउन लिया गया था। कागजों में ही शटडाउन था और बिजली सप्लाई चालू थी। इसी वजह से दोनों युवकों की मौत हो गई।
पत्रिका की पड़ताल में सामने आया है कि इस मामले में फोन पर लाइन कटवानी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। उधर इस मामले में दोनों युवकों ने परिजन व काफी संख्या में ग्रामीण गुरुवार को एसके अस्पताल पहुंच गए और शव उठाने से इंकार कर दिया। मौके पर पहुंचे लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंद सिंह डोटासरा व पुलिस,प्रशासन और बिजली निगम के अधिकारियों की करीब चार घंटे वार्ता चली।
इसके बाद लाइन मेंटिनेंस का काम कर रही कंपनी ने दोनों मृतकों के परिजनों को १६-१६ लाख रुपए के मुआवजे की घोषणा की। इसके बाद ही मामला शांत हुआ और परिजनो ने शव उठाया। पुलिस इस मामले में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर जल्द ही शिकंजा कस सकती है। गौरतलब है कि बुधवार शाम हाइटेंशन लाइन पर काम करते वक्त काछवा निवासी रामचंद्र व नवलगढ़ रोड निवासी इंद्रजीत की करंट लगने से मौत हो गई थी।
शव उठाने से इंकार
गुरुवार सुबह दोनों युवकों के परिजन व काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इन्होंने मुआवजे की मांग करते हुए शव उठाने से इंकार कर दिया। सूचना पर लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंद सिंह डोटासरा, प्रतीक महरिया सहित कई जनप्रतिनिधि भी यहां पहुंच गए। इनकी बिजली निगम के एसइ, एसडीएम जुही भार्गव व कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता हुई।
इसके लिए लिखित में समझौता हुआ कि कंपनी की तरफ से ढाई ढाई लाख के चेक व ठेकेदार की तरफ से भी ढाई ढाई लाख के चेक मृतकों के परिजनों को दिए जाएंगे। इसके बाद ११ - ११ लाख रुपए का क्लेम कंपनी एक महीने में दिलाएगी अगर एेसा नहीं होता है तो कंपनी की एफडी की रकम जब्त कर ली जाएगी। इस समझौता पत्र को कलक्टर को सौंपा गया। डिगमैन पावर एण्ड सिक्योरिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के पवन कुमार का कहना है कि कर्मचारियों ने जीएसएस से कोई शटडाउन नहीं लिया। आरोप है कि बिना सुरक्षा उपकरणों के कार्य करने के लिए कर्मचारी गए थे।
आरोप है कि ठेकेदार ने अपनी गलती छिपाने के लिए राजनैति का सहारा लिया है। पवन कुमार ने बताया कि स्थानीय ठेकेदार की गलती छिपाने के लिए उन पर दवाब बनाया गया। उन्होंने दावा कि कंपनी ने सभी कर्मचारियों का थर्ड पार्टी से बीमा भी करा रखा है।

गलती पर गरमाया माहौल
गुरुवार को एसके अस्पताल में एकबारगी माहौल गरमा गया। यहां पहुंचे कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनकी कोई गलती नहीं है। इस पर ग्रामीण गुस्सा हो गए और एक बारगी नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। बाद में समझाइश से मामला शांत हुआ।

Vinod Chauhan
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