Rajasthan Ka Ran : सीकर जिले के इन मतदान केन्द्रों ने भरी भाजपा-कांग्रेस की झोली, यहां डाले गए एक तरफा वोट

Rajasthan Ka Ran : सीकर जिले के इन मतदान केन्द्रों ने भरी भाजपा-कांग्रेस की झोली, यहां डाले गए एक तरफा वोट

vishwanath saini | Publish: Sep, 04 2018 12:09:29 PM (IST) | Updated: Sep, 04 2018 12:39:43 PM (IST) Sikar, Rajasthan, India

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सीकर. राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 जैसे जैस नजदीक आ रहे हैं वैसे वैसे प्रमुख राजनीतिक पार्टियां हर बूथ को मजबूत बनाने के लिए कमर कस रही हैं। यह पहला मौका है जब दोनों की प्रमुख दल बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को लगा रहे हैं। एक एक बूथ को लेकर जिस तरह रणनीति बन रही है उससे साफ है कि पार्टियां किसी भी तरह मौका हाथ से नहीं देना चाहती हैं। जिले में कई ऐसे बूथ हैं जहां पिछले चुनाव में एक ही पार्टी का दबदबा रहा है। इन बूथों पर एक ही पार्टी के प्रत्याशी को एकतरफा वोट मिले हैं। कई बूथ तो ऐसे हैं जहां दूसरी पार्टी के प्रत्याशी दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाए। ऐसे ही बूथ पर पेश है एक रिपोर्ट।


जातिगत समीकरण पड़े थे भारी
जिन भी बूथों पर पार्टियों को जिले में सबसे ज्यादा वोट मिले हैं वहां जातिगत समीकरण या स्थानीय उम्मीदवा हावी रहे हैं। कांग्रेस को जहां सबसे ज्यादा वोट मिले हैं उनमें दांतारामगढ़ का बूथ शामिल हैं। जहां जाट वोटरों की बहुलता है। वहीं फतेहपुर में जिन तीन बूथों पर पार्टी को सबसे ज्यादा वोट मिले थे वे तीनों मुस्लिम बाहुल्य बूथ थे। इन बूथों पर आज भी पार्टी मजबूत स्थिती में है। यही हाल भाजपा के हैं। श्रीमाधोपुर के जिन दो बूथों पर सबसे ज्यादा वोट मिले वे पूरी तरह से जाट बाहुल्य बूथ थे।

 

धोद में हालांकि जातिगत समीकरण काम नहीं आए थे। यह सीट एससी के लिए रिजर्व थी लेकिन यहां भी उन्हीं बूथों पर पार्टी को वोट ज्यादा मिले थे जहां पार्टी के परंपरागत वोट वाली जातियों का बाहुल्य था। जिन बूथों पर पार्टियां हमेशा से मजबूत रही हैं वहां अभी भी दोनों पार्टियों के नेता जोर लगा रहे हैं। जिन बूथों पर एक ही पार्टी को इकतरफा वोट मिले हैं उन्हें पार्टी के नेता अपना गढ़ मान रहे हैं। कांग्रेस ने जहां मेरा बूथ मेरा गौरव कार्यक्रम चला रखा है तो भाजपा ने यूथ चला बूथ के माध्यम से बूथ पर जोर लगाना जारी रखा है।

भाजपा
बूथ 147 पर 883 वोट
धोद के बूथ संख्या 147 पर भाजपा के गोरधन वर्मा को 883 वोट मिले थे। इस बूथ पर 1027 वोट डाले गए थे। जिनमें से कांग्रेस के नोपाराम को 46 व माकपा के पेमाराम को 87 वोट मिले थे।
बूथ 167 पर 868 वोट
श्रीमाधोपुर के बूथ संख्या 167 पर भाजपा के झाबर सिंह खर्रा को 868 वोट मिले थे। यहां पर कुल 980 वोट डाले गए थे जिनमें से कांग्रेस के दीपेंद्र सिंह को महज 90 वोट मिल पाए थे।
बूथ 62 पर 836 वोट
श्रीमाधोपुर के ही बूथ संख्या 62 पर भाजपा के झाबर सिंह को 836 वोट मिले थे। यहां पर 1072 वोट डाले गए थे जिनमें से कांग्रेस के दीपेंद्र सिंह को 192 वोट मिले थे।
बूथ 62 पर 799 वोट
धोद के बूथ संख्या 62 पर भाजपा के गोरधन वर्मा को 799 वोट मिले थे। इस बूथ पर 887 वोट डाले गए थे। जिनमें से कांग्रेस के नोपाराम को 47 व माकपा के पेमाराम को 30 वोट मिले थे।
बूथ 64 पर ***** वोट
धोद के बूथ संख्या 64 पर भाजपा के गोरधन वर्मा को ***** वोट मिले थे। इस बूथ पर 900 वोट डाले गए थे। जिनमें से कांग्रेस के नोपाराम को 22 व माकपा के पेमाराम को 84 वोट मिले थे।

कांग्रेस
903 वोट: दांतारामगढ़ के बूथ संख्या 71 पर कांग्रेस प्रत्याशी नारायण सिंह को 903 वोट मिले थे। इस बूथ पर 921 वोट डाले गए थे जिनमें से भाजपा के हरीश कुमावत को महज 15 वोट मिले थे। माकपा को दो व निर्दलीय को एक ही वोट मिला था।
868 वोट: श्रीमाधोपुर के बूथ संख्या 190 पर कांग्रेस प्रत्याशी दीपेंद्र सिंह शेखावत को 868 वोट मिले थे। बूथ पर कुल 930 वोट डाले गए थे। जिनमें से भाजपा के झाबर सिंह खर्रा को महज 44 वोट मिले थे।
830 वोट: फतेहपुर के बूथ संख्या 201 पर कांग्रेस के भंवरू खान को 830 वोट मिले थे। बेसवा गांव में स्थित इस बूथ पर 963 वोट डाले गए थे जिनमें से भाजपा को महज 42 वोट मिले थे।
825वोट: फतेहपुर के बूथ संख्या 43 पर कांग्रेस के भंवरू खान को 825 वोट मिले थे। रोलसाहबसर गांव में स्थित इस बूथ पर 1074वोट डाले गए थे जिनमें से भाजपा को 127 वोट व निर्दलीय नंदकिशोर महरिया को 104 वोट मिले थे।
789 वोट: फतेहपुर के बूथ संख्या 128 पर कांग्रेस के भंवरू खान को 789 वोट मिले थे। शहर के मदरसा इस्लामिया में स्थित इस बूथ पर 890 वोट डाले गए थे जिनमें से भाजपा को 36 वोट व निर्दलीय नंदकिशोर महरिया को 59 वोट मिले थे।


बूथ स्तर पर होगी मेहनत
पिछले चुनाव में बूथ पर ज्यादा वोट मिलने के पीछे बड़ी वजह कांग्रेस सरकार के खिलाफ गुस्सा था। वहीं प्रत्याशी, चुनाव के मुद्दे, स्थानीय घोषणा सहित कई समीकरण मायने रखते हैं। भाजपा इस चुनाव में भी बूथ स्तर पर काफी मेहनत कर रही है। लगातार बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
पवन मोदी, पूर्व जिलाध्यक्ष, भाजपा


अब पूरी ताकत लगाएंगे
जिन बूथ पर पार्टी मजबूत रही है वहां कार्यकर्ताओं की संख्या ज्यादा है। उन सभी कार्यकर्ताओं को पार्टी ने मजबूती से काम करने के लिए कहा है। जिन बूथ पर हम कमजोर रहे, वहां भी पार्टी ने पूरी ताकत लगा रखी है। मेरा बूथ मेरा गौरव कार्यक्रम हमारा बड़ा प्रोजेक्ट है। जिस पर पार्टी के बड़े नेता व कार्यकर्ता काम कर रहे हैं।
आर.सी चौधरी, सचिव, प्रदेश कांग्रेस कमेटी

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