कम नंबर आने पर हॉस्टल संचालक ने बच्चे को मारा थप्पड़, क्यों मिली सात साल की सजा

सीकर. पांच साल पहले हॉस्टल संचालक ने बच्चे को टेस्ट में कम नंबर आने पर बच्चों के सामने थप्पड़ मार दिया। आहत बच्चे ने आत्महत्या कर ली। अपर सेशन न्यायाधीश ने 15 साल के बच्चे के आत्महत्या के जिम्मेदार हॉस्टल संचालक को दोषी मानते हुए सात साल की सजा सुनाई है।

By: Vikram

Published: 07 Mar 2020, 11:48 AM IST

सीकर. पांच साल पहले हॉस्टल संचालक ने बच्चे को टेस्ट में कम नंबर आने पर बच्चों के सामने थप्पड़ मार दिया। आहत होकर बच्चे ने आत्महत्या कर ली। अपर सेशन न्यायाधीश ने 15 साल के बच्चे के आत्महत्या के जिम्मेदार हॉस्टल संचालक को दोषी मानते हुए सात साल की सजा सुनाई है। अपर सेशन न्यायाधीश क्रम-संख्या चार सुरेंद्र पुरोहित ने केशर सिंह पुत्र स्व.जीवणराम निवासी आकवा दादिया हाल विवेक कालोनी, नालंदा स्कूल, नवलगढ़ रोड को धारा 305 के तहत दोषसिद्ध मानते हुए सात साल के साधारण कारावास और 10 हजार का जुर्माना लगाया है। सात सितम्बर 2015 को परिवादी रामकुमार पुत्र धन्नाराम निवासी बोसाणा, लोसल ने उद्योगनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसका बेटा अशोक नालंदा सीनियर सैकेंडरी स्क्ूल नवलगढ़ रोड में 10वीं कक्षा में पढ़ता था। स्कूल के छात्रावास में ही रहता था। उसके साडू़ मूलचंद निवासी जाचास ने रात 11 बजे फोन कर बताया कि अशोक की हत्या हो गई है। तब घीसाराम, रामेश्वरलाल, दुर्गाप्रसाद, दयाराम, बाबूलाल व सम्पत को लेकर अस्पताल में पहुंचे। उसके माथे पर चोट के निशान थे। मुंह व नाक से खून निकल रहा था। वे स्कूल के छात्रावास में गए तो कमरे में खून पड़ा हुआ मिला। अन्य छात्रों ने बताया कि सब खाना खाने गए थे। अशोक मैस में नहीं आया था। घटना के दौरान छात्रावास संचालक केशर निवासी आकवा व छोगाराम वार्डऩ व एक अन्य वाडऱ्न मौके पर थे। अशोक को हत्या के बाद केशर ही जीप में डाल कर ले गए थे। उन्होंने केशर व छोगाराम पर हत्या किए जाने का शक जताया।
तेरे को घर नहीं जाना, पास होकर ही जाना है
कोर्ट में बयानों में सामने आया कि हॉस्टल संचालक केशर ने अशोक को कहा कि तुझे छुटिटयों में भी घर जाने की अनुमति नहीं है, तू पास होकर ही घर जाएगा। अशोक तनाव में आ गया था। अशोक के दोनों रूममेट मौके पर ही थे। विभिन्न कक्षाओं के बच्चे भी थे। बयानों में जवाहरलाल के अनुसार केशर ने अशोक को बाहर बुलाया तो बाकि कक्षा के छात्र भी आ गए। अशोक को थप्पड़ मारने की जो घटना हुई वह कॉपी में उत्तर नहीं लिखने पर प्रताडि़त करने की घटना हुई। वह सभी बच्चों के सामने सार्वजनिक करने से हुई। इससे वह आहत हो गया था।
टेस्ट में कम नंबर आने पर प्रताडि़त किया
अशोक छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहा था।टेस्ट में कम नंबर आने पर केशर ने सार्वजनिक रूप से प्रताडि़त किया। उसे थप्पड़ मारा जिससे क्षुब्ध रहकर अशोक ने आत्महत्या कर ली। कोर्ट में करीब 40 गवाहों के बयान कराए गए। अपर सेशन न्यायाधीश सुरेंद्र पुरोहित ने फैसले में लिखा कि अशोक की उम्र को देखते हुए अभियुक्त के प्रति किसी प्रकार का नरमी का रूख अपनाया जाना प्रतीत नहीं होता है। अभियुक्त केशर को दंडित किया जाना न्यायोचित है।

Vikram Reporting
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