82 मजदूरों को दो ट्रकों में मवेशियों की तरह भरकर सीकर की सीमा के वीरान जोहड़ में छोड़ गई जयपुर पुलिस!

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By: Gaurav

Published: 18 Apr 2020, 06:42 PM IST

सीकर. श्रमिकों का पलायन रोकने के लिए जिला प्रशासन की ओर से किए गए दावों पर लगातार दाग लग रहे हैं। जिलेभर में लगातार पलायान की गंभीर तस्वीर भी सामने आ रही है। दो दिन पहले बठौठ इलाके से पैदल रवाना हुए श्रमिक कई थाना क्षेत्रों से गुजरते हुए जयपुर जिले की सीमा में घुस गए। यहां जयपुर पुलिस ने मजदूर को रोक तो दिया लेकिन संसाधन का टोटा होने की वजह से श्रमिक परिवारों की मुसीबत बढ़ गई। यहां जयपुर पुलिस ने 82 मजदूरों को एक ट्रक में बैठाकर श्रीमाधोपुर इलाके में जंगल में छोड़ दिया।


आधे घंटे तक भटकते रहे मजदूर
ट्रक से उतरने के बाद करीब आधे घंटे तक तो मजदूरों को यह समझ मे नहीं आया कि उनको कौनसी जगह उतारा गया है। बाद में राह चलते लोगों से उन्होंने पूछा तो पता चला कि उन्हें वापस सीकर की सीमा में छोड़ा गया है। मामले की जानकारी मिलने पर श्रीमाधोपुर तहसीलदार महिपाल सिंह राजावत तथा थानाधिकारी कैलाश चंद्र मीणा मय जाब्ता मौके पर पहुंचे। थानाधिकारी कैलाश चंद्र मीणा ने मजदूरों से पूछताछ की। मामले में गोविन्दगढ़ डिप्टी संदीप सारस्वत व थानाधिकारी अरविंद भारद्वाज का तर्क है कि कमिश्नरेट पुलिस ने मजदूरों को छोड़ा है। जबकि चौमू डिप्टी प्रियंका कुमावत का कहना है कि कमिश्नरेट पुलिस ने सीकर की सीमा में नहीं छोड़ा है। हमने मजदूरों को पकडकऱ गोविंदगढ़ डिप्टी तथा थानाधिकारी को आइसोलेट करने के लिए भिजवाया है।


यह मामला: सीकर जिले में प्याज की खुदाई करने आए थे
बारां जिले के छबड़ा से लगभग 82 मजदूर सीकर के बठोठ में पिछले महीने प्याज की खुदाई करने के लिए आए थे। लॉकडाउन की वजह से वह बठोठ इलाके में ही फंस गए। 14 अप्रैल को मजदूर पैदल ही बारा के लिए रवाना हो गए। मजदूरों का कहना है कि रास्ते के लिए कुछ खाना लेकर आए थे। कई गांव-ढाणियों में रास्ते में खाना भी खिलाया।


स्कूल को बनाया आइसोलेशन वार्ड
श्रीमाधोपुर प्रशासनिक टीम ने इलाके के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में मजदूरों के रहने की व्यवस्था कराई। तहसीलदार ने तत्काल विद्यालय स्टाफ को भी मौके पर बुलाया लिया।

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