5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

रो पड़ा पूरा गांव जब पति-पत्नी की एक साथ उठी अर्थी, शादी में ली थी सेल्फी, 2 दिन बाद जाना था इटली

राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर रामगढ़-फतेहपुर के बीच एक भीषण सडक़ हादसे में तीन जनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में नवदम्पत्ती भी शामिल
less than 1 minute read
Google source verification
राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर रामगढ़-फतेहपुर के बीच एक भीषण सडक़ हादसे में तीन जनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में नवदम्पत्ती भी शामिल

रो पड़ा पूरा गांव जब पति-पत्नी की एक साथ उठी अर्थी, शादी में ली थी सेल्फी, 2 दिन बाद जाना था इटली

सादुलपुर/रामगढ़ शेखावाटी.

राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर रामगढ़-फतेहपुर के बीच एक भीषण सडक़ हादसे में तीन जनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में नवदम्पत्ती भी शामिल थे। सादुलपुर कस्बे के मोहल्ला खटीकान निवासी बाबूलाल खटीक का पुत्र विक्की अपनी पत्नी तमन्ना के साथ शुक्रवार दोपहर में गाड़ी से जयपुर से लौट रहा था। उनके साथ ददरेवा निवासी ड्राइवर रफीक काजी गाड़ी चला रहा था। इसी बीच रामगढ़़़ के आगे होदसर गांव के पास सामने से आ रहे एक ट्रोले से उनकी गाड़ी भिड़ गई। भिड़ंत इतनी जबर्दस्त थी कि तीनों कार में बुरी तरह से फंस गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से तीनों को कार से निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां तीनों को मृत घोषित कर दिया गया। विक्की इटली में रहता था। होली पर गांव आया हुआ था। अब 28 मार्च को उसे वापस जाना था। उनकी पत्नी तमन्ना नीमकाथाना की रहने वाली थी। दोनों की शादी एक साल पहले ही हुई थी।


एक चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार
विक्की एवं तमन्ना के शव घर पहुंचने के बाद दोनों की दो अर्थियां बनाई गईं। जब एक साथ अर्थियां उठीं तो हर व्यक्ति की आंख नम हो गई। परिजनों को संभालना मुश्किल हो गया। मोक्षभूमि में पति-पत्नी का एक चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। कस्बे के बाजार भी बंद रहे।


18 दिन में दूसरी मौत
हादसे का शिकार हुआ कार चालक ददरेवा निवासी रफीक परिवार में एकमात्र कमाऊ सदस्य था। उसके पिता की मृत्यु हुए शुक्रवार को 18 दिन ही पूरे हुए थे, लेकिन परिवार में एकमात्र कमाने वाला होने के कारण वह पिता की मौत का गम भुलाकर ड्राइवरी करने जयपुर गया था। रफीक का शव उसके घर पहुंचा तो उसके परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया।