यहां बिना कन्वर्जन के ही कृषि भूमियों पर काटी जा रही अवैध कॉलोनियां, खातेदारी निरस्त करवाने के लिए तहसीलदार ने शुरू की कार्रवाई

-सरकार को हो रहा है लाखों रुपयों के राजस्व का नुकसान, भूखंड खरीदारों को नहीं मिल रही वैधानिक सुविधाएं
-तहसीलदार ने खातेदारी निरस्त करवाने के लिए करवाया प्रकरण दर्ज
-खेतड़ी रोड पर काटी जा रही कॉलोनी
-अवैध कॉलोनियों का करवाया जा रहा है सर्वे

By: Ashish Joshi

Updated: 28 Feb 2021, 10:28 AM IST

सीकर. राजस्थान के सीकर जिला के नीमकाथाना कस्बे में कृषि भूमियों पर अवैध कॉलोनियां काटने का धंधा धीरे-धीरे हावी होता जा रहा है। प्रशासन को बिना किसी सूचना के कॉलोनाइजर रातोंरात अवैध कॉलोनियां काटकर सस्ती दरों पर भूखंडों को बेचने में लग रहे हैं। इससे सरकार को तो लाखों रुपयों की राजस्व हानि हो ही रही हैं साथ ही खरीदने वाले लोगों को भी वैधानिक सुविधाएं नहीं मिल पाने से उनके सामने संकट खड़ा हो जाता है। नगर पालिका पैरा फेरी में ऐसे कई मामले सामने आ रहे है, जिन पर शिकंजा कसने के लिए तहसीलदार ने सर्वे शुरू करवाया हैं। गोड़ावास हल्के में खेतड़ी रोड पर काटी जा रही कॉलोनी के मामले में तहसीलदार सत्यवीर यादव ने कृषि भूमि को सिवायचक घोषित करने के लिए 177 में प्रकरण तैयार कर एसडीएम के यहां दावा पेश किया है। पैरा फेरी में ऐसी कई कॉलोनियां है जो अवैध रुप से काटी गई है। इसी प्रकार ग्राम हीरानगर गोड़ावास पंचायत में भी कॉलोनाइजरों द्वारा बिना कन्वर्जन करवाए हुए गलत तरह से भूखंड काटकर बेचान किए जा रहे हैं।
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होता हैं कई परिवारों को नुकसान
कॉलोनाइजर कृषि भूमियों को खरीदकर उनको भू-उपयोग परिवर्तन करवाए बिना प्लाटों को बेचकर मोटा मुनाफा कमाने में लग रहे है। इससे सरकार को मिलने वाला राजस्व कॉलोनाइजरों की जेब में जा रहा है। जब तक प्रशासन कॉलोनी पर कार्रवाई करता है तो भूखंड खरीदने वाले लोगों को बड़ा नुकसान होता है और उनको कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
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तो...नहीं मिल पाती कॉलोनी में सुविधाएं
बिना कन्वर्जन के कॉलोनी काटने से भूखंड मालिकों को बिजली, पानी, सडक़, आवासीय व व्यवसायिक निर्माण करने के लिए स्वीकृति नहीं मिलती है। कॉलोनी काटने के दौरान तो कॉलोनाइजर लोगों को सुविधाएं देने के नाम पर बड़े-बड़े वादे करते है। बाद में पूरे भूखंड बिकने के बाद भूखंड मालिक कॉलोनाइजरों के चक्कर ही काटते रहते है।
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खातेदार पर बनाया जाता हैैं दबाव
रिपोर्ट में बताया गया है कि हीरानगर में खसरा नंबरों में एक खसरा नंबर अनुसूचित जन जाति खातेदार की भूमि है, जिसको गलत तरह से क्रय विक्रय कर आवासीय भूखंड निर्मित करवा रहे है। कॉलोनाइजर काश्तगार पर भूमि बेचान के लिए दबाव बना कर उसकी सस्ती दर पर जमीन खरीद करने में लगे हुए है।
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इनका कहना है...
अवैध कॉलोनियों पर शिकंजा कसने के लिए सर्वे करवाया जा रहा है। खेतड़ी रोड पर अवैध रुप से की जा रही प्लॉटिंग के मामले में खातेदारी निरस्त करवाने के लिए राजस्थानी कास्तगारी अधिनियम की धारा 177 के तहत प्रकरण तैयार कर एसडीएम के यहां दर्ज करवाया गया है।
सत्यवीर यादव, तहसीलदार
नीमकाथाना

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