khatushyam ji Mela 2018 : खाटू लक्खी मेले में बिकेंगे अवैध हथियार, श्याम भरोसे रहेगी भक्तों की सुरक्षा

vishwanath saini

Publish: Feb, 15 2018 12:48:27 PM (IST) | Updated: Feb, 15 2018 01:21:52 PM (IST)

Sikar, Rajasthan, India
khatushyam ji Mela 2018 : खाटू लक्खी मेले में बिकेंगे अवैध हथियार, श्याम भरोसे रहेगी भक्तों की सुरक्षा

यह चौंकाने वाला खुलासा 2017 के लक्खी मेले के दौरान खुद पुलिस प्रबंध के विश्लेषण में किया गया है।

जोगेन्द्र सिंह गौड़
सीकर. खाटू में दो दिन बाद भरे जाने वाले फाल्गुनी लक्खी में अवैध हथियारों की बिक्री भी होगी। ऐसे में मेले में आने वाले 20 से 25 लाख श्रद्धालुओं की सुरक्षा भी बाबा श्याम के भरोसे ही रहेगी। यह चौंकाने वाला खुलासा 2017 के लक्खी मेले के दौरान खुद पुलिस प्रबंध के विश्लेषण में किया गया है। जिसमें तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ने सरकार को रिपोर्ट भेजते हुए उल्लेख किया है कि मेले के दौरान हथियारों की बिक्री भी होती है। जो बेहद खतरनाक है। इसे बंद कर आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाया जाना चाहिए। इधर, बानगी यह है कि मेले के अतिरिक्त पिछले तीन साल के दौरान जिले में पुलिस 35 अवैध हथियार बरामद कर चुकी है। जिनमें 200 से अधिक जिंदा कारतूस पकड़ में आना भी शामिल हैं।

 

जानकारी के अनुसार खाटू मेला 2017 के दौरान पुलिस प्रबंध द्वारा विश्लेषण किया गया था। जिसमें तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार ने आगामी लक्खी मेले के दौरान पुलिस प्रबंध द्वारा ध्यान रखे जाने वाले मुख्य बिंदुओं की रिपोर्ट तैयार की थी। उसमें साफ तौर पर उल्लेख किया गया है कि खाटू मेले में हथियारों की बिक्री को बंद किया जाना चाहिए। इसके अलावा मेला मजिस्ट्रेट का सुरक्षा मानक के संबंध में हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए तथा पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था एक्सक्लूसिव होनी चाहिए। क्योंकि सुरक्षा के लिए लगे बैग स्कैनर व डीएफएमडी से जांच कि बिना लोग सीधा प्रवेश करते हैं।

khatu mela 2018

जो कि, सुरक्षा में भारी चूक है। जबकि वीआइपी प्रवेश के लिए भी अलग डीएफएमडी व बैग स्कैनर की व्यवस्था होनी चाहिए। रिपोर्ट में यह विश्लेषण भी शामिल है कि पुलिस प्रशासन व मंदिर कमेटी में अपेक्षित सामंजस्य व समन्वय की कमी रहती है, जिसे बेहतर बनाने का प्रयास जरूरी है।

 

शुरूआती दिनों में डाल लेते हैं डेरा
सूत्रों को कहना है कि मेला शुरू होने के दो-चार दिन पहले ही ये हथियार यहां पहुंचा दिए जाते हैं। इसके बाद अस्थाई दुकान या गुपचुप फेरी लगाकर इन अवैध हथियारों का कारोबार होता है। मेले में लाठी, तलवार, गुप्ती, रामपूरी चाकू आदि हथियारों की सप्लाई व बिक्री होती है। मेले के दौरान दूर-दराज से श्रद्धालु आते हैं। जो इनके आकर्षण से प्रभावित होकर इनको खरीद लेते हैं। बताया जा रहा है कि हथियार सस्ते होने और भीड़ अधिक होने के कारण इनकी खरीदारी भी कुछ ज्यादा ही होती है।

khatu mela 2018

20 लाख श्रद्धालु रहेंगे बाबा श्याम के भरोसे

विश्लेषण में और भी कई मुख्य बिंदु शामिल हैं। जिनमें लिखा गया है मेले में ड्यूटी के लिए लगाए जाने वाले जाब्ते के साथ यह स्पष्ट आदेश भी होने चाहिए कि उस कार्मिक व अधिकारी के पास किस प्रकार के हथियार या दंगा विरोधी उपकरण रहेगा। एक यूनिट दंगा विरोधी उपकरणों की भी तय होनी चाहिए। मेला अवधी में सीकर मानव तस्करी यूनिट का कार्य संतोष जनक नहीं रहता है। जिसमें सुधार की गुजाइंश बताई गई है।

khatu mela 2018

मंदिर कमेटी की ओर से जारी पास का पुलिस के पास भी रिकार्ड होना चाहिए तथा पास जारी करने से पहले पुलिस द्वारा ही इनका सत्यापन किया जाना चाहिए। दर्शन के लिए आने वाला प्रत्येक व्यक्ति चेक होकर अंदर प्रवेश करना चाहिए। इसके अलावा भंडारे में काम करने वाले व होटल तथा धर्मशाला के स्टाफ का भी फोटो पहचान पत्र उसके पास होना चाहिए।

 

पिस्टल, रिवाल्वर बरामद
पुलिस रिकार्ड के अनुसार तीन साल में अवैध हथियारों के जिलेभर में 69 मुकदमे दर्ज कर 35 अवैध हथियार बरामद किए गए हैं। जिनमें 2015 में सात पिस्टल, एक रिवाल्वर, दो देशी कट्टे, एक टोपीदार बंदूक व 34 जिंदा कारतूस शामिल हैं। जबकि 2016 में तीन पिस्टल, छह देशी कट्टे, दो रिवाल्वर, दो 12 बोर बंदूक तथा 65 जिंदा कारतूस के अलावा 2017 में तीन पिस्टल, दो रिवाल्वर, चार देशी कट्टे दो 12 बोर बंदूक सहित 112 जिंदा कारतूस आरोपितों से मौके पर पुलिस ने बरामद किए थे।

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