राजस्थान में इस वजह से शारीरिक शिक्षक और खिलाड़ी दोनों हो रहे हैं हतोत्साहित

सरकारी स्कूलों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने के लिए एक और सरकार शारीरिक शिक्षा केा बढ़ावा देने का दावा कर रही है वहीं, प्रदेश में 226 प्रथम श्रेणी शारीरिक शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं।

By: Sachin

Published: 24 Jul 2020, 10:32 AM IST

सीकर. सरकारी स्कूलों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने के लिए एक और सरकार शारीरिक शिक्षा केा बढ़ावा देने का दावा कर रही है वहीं, प्रदेश में 226 प्रथम श्रेणी शारीरिक शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं। उधर, सैकंड ग्रेड के शारीरिक शिक्षक बिना फस्र्ट ग्रेड प्रमोशन के सेवानिवृत हो रहे हैं। क्योंकि 2007 के बाद प्रथम श्रेणी शारीरिक शिक्षकों की डीपीसी अभी तक नहीं हुई है। लिहाजा जहां खिलाडिय़ों को शारीरिक शिक्षक नहीं मिल रहे हैं, तो शारीरिक शिक्षक भी हतोत्साहित हो रहे हैं। गौरतलब है कि वर्तमान समय में 105 के नामांकन पर उच्च प्राथमिक स्कूल में शारीरिक शिक्षक का पद स्वीकृत हैं। इसी प्रकार सैंकडऱी एवं सीनियर सैकंडऱी में 250 के नामांकन पर थर्ड ग्रेड पीटीआई, 251 से 750 के नामांकन पर सैकंड ग्रेड और 751 से ऊपर नामांकन होने पर फस्र्ट ग्रेड पीटीआई का पद स्वीकृत हैं। लेकिन प्रदेश में अगर शिक्षकों के रिक्त, स्वीकृत एवं कार्यरत पदों पर नजर डाली जाए तो शारीरिक शिक्षा की स्थिति बेहद खराब नजर आती है।

प्रदेश में रिक्त, स्वीकृत व कार्यरत पदों की स्थिति

पद - स्वीकृत - कार्यरत रिक्त
शारीरिक शिक्षक प्रथम श्रेणी 255 -29 -226

शारीरिक शिक्षक द्वितीय श्रेणी 3396- 2647- 749
कोच 26- 12- 14

पदोन्नति से सरकार पर नहीं बढ़ेगा कोई वित्तीय भार

पिछले 13 साल से शारीरिक शिक्षकों की द्वितीय श्रेणी से ऊपर के पदों में पदोन्नति नहीं हो रही हैं। जबकि इन शारीरिक शिक्षकों की पदोन्नति से सरकार पर कोई वित्तीय भार नहीं बढ़ेगा। क्योंकि यह सभी शारीरिक शिक्षक चयनित वेतन मान के तीनों लाभ ले चुके हैं। अगर चयनित वेतन मान के बीच में किसी का प्रमोशन होता तो सरकार पर वित्तीय भार बढ़ता लेकिन ऐसा नहीं हैं, इससे केवल इनका प्रमोशन होगा।

इनका कहना है
शारीरिक शिक्षा बच्चों के विकास की मजबूत कड़ी है। सरकार शारीरिक शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार न करें। 2016 के स्टाफिंग के नियमों के आधार पर पदों को अपग्रेड किया जाए। 13 साल से रूकी हुई पदोन्नति को शुरू किया जाए।

उपेंद्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री, राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत)

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