BJP विधायक झाबर सिंह खर्रा की सम्पति में से कहां गया लाखों का सोना-चांदी?

सीकर के श्रीमाधोपुर विधानसभा क्षेत्र से इस बार फिर भाजपा के टिकट पर वर्तमान विधायक झाबरसिंह खर्रा चुनाव मैदान में हैं।

By: vishwanath saini

Updated: 15 Nov 2018, 02:59 PM IST

सीकर. सीकर के श्रीमाधोपुर विधानसभा क्षेत्र से इस बार फिर भाजपा के टिकट पर वर्तमान विधायक झाबरसिंह खर्रा चुनाव मैदान में हैं। चुनाव आयोग में दाखिल शपथ पत्र के अनुसार उनके पास लगभग 28 लाख की संपत्ति है। उसके अलावा उनकी पत्नी के पास भी करीब 22 लाख की संपत्ति है।

 

VIDEO : भाजपा प्रत्याशी झाबर सिंह खर्रा ने श्रीमाधोपुर से पर्चा भरा

 

झाबरसिंह खर्रा, 62 साल
विधानसभा क्षेत्र: श्रीमाधोपुर
शिक्षा: बीकाम पेशा: कृषि
कुल संपत्ति: 28 लाख लगभग
पत्नी की संपत्ति: 10 हजार नगद, दो मकान, 15 एकड़ कृषि भूमि, 1 किलो चांदी आभूषण

 

ब्यौरा -----------------2018 -----------------2013
चल संपत्ति ------------ 27 लाख -------------- 48 लाख


अचल संपत्ति
आभूषण --------------- 22 लाख ------------- 29 लाख
वाहन ------------------- 10 लाख ------------ पांच लाख
आपराधिक केस कोई नहीं कोई नहीं

 

माकपा के नेहरा के पास 65 हजार की संपत्ति


सीकर. सीकर के खंडेला विधानसभा क्षेत्र से इस बार फिर माकपा के टिकट पर सुभाष नेहरा चुनाव मैदान में हैं। चुनाव आयोग में दाखिल शपथ पत्र के अनुसार उनके पास महज 65 हजार की संपत्ति है। शपथ पत्र मेंं पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों की संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया गया है।


सुभाष नेहरा, 56 साल
विधानसभा क्षेत्र: खंडेला
शिक्षा: एमए, एलएलबी पेशा: वकालत
कुल संपत्ति: 65 हजार लगभग
पत्नी की संपत्ति: विवरण उपलब्ध नहीं, पांच सौ ग्राम रजत आभूषण

 

विकास कार्यों को लेकर फिर से मैदान में

रतन जलधारी, उम्र 70
शिक्षा: सीनियर सैकण्डरी


गैर विवादित छवि के चलते सीकर विधायक रतन जलधारी दुबारा टिकट लेने में भी सफल रहे है। कई दिनों से चल रही चर्चाओं के दौर के बाद संगठन ने जलधारी पर ही भरोसा जताया है। पिछले पांच साल में विवादों से दूर होने का फायदा जलधारी को आखिर में अब मिला। कई दिनों से ब्राह्मण सीट बदलने की भी चर्चा थी। लेकिन भाजपा ने सीकर की परम्परागत सीट को नहीं बदला है। जलधारी ने बताया कि उनका फोकस विकास के मुद्दे को लेकर रहेगा।


प्रत्याशी का ‘आधार’
आमदनी: व्यवसाय
सोशल मीडिया: फेसबुक पेज पर 43 हजार से ज्यादा लाइक्स, ट्विटर पर भी सक्रिय।
पहचान: शहर में सभी वर्गो के साथ रहे, विवादों से बचने की पूरी कोशिश।
अनुभव: एक बार विधायक और नगर परिषद में नेता प्रतिपक्ष भी रहे।
पांच साल सक्रियता: पांच साल इलाके में सक्रिय रहे। कई मुद्दों को लेकर जन आंदोलन में भी शामिल हुए। इसका फायदा अब मिला।

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vishwanath saini Desk
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