पांच घंटे चली जिला परिषद की बैठक में चले अपनों के सियासी तीर, कई मुद्दों पर जमकर हंगामा

()राजस्थान के सीकर जिले में गांवों की सरकार की साधारण सभा की पांच घंटे चली बैठक में जनप्रतिनिधियों ने कई मुद्दों पर अफसरों की जमकर क्लास ली।

By: Sachin

Published: 10 Apr 2021, 09:41 AM IST

सीकर. राजस्थान के सीकर जिले में गांवों की सरकार की साधारण सभा की पांच घंटे चली बैठक में जनप्रतिनिधियों ने कई मुद्दों पर अफसरों की जमकर क्लास ली। जिला परिषद सभागार में जिला प्रमुख गायत्री बाजौर की अध्यक्षता में हुई पहली बैठक में कई मुद्दों पर अपनों ने ही अपनों पर सियासी तीर चलाए। सदन में विपक्ष से ज्यादा सत्ता पक्ष के सदस्यों ने खुद अपनी गांव की सरकार को सवालों से घेरा। इस मामले में कई सदस्य आमने-सामने भी हो गए। पानी के मुद्दे को लेकर सदन में सियासी पारा और गर्मा गया। बैठक में शिक्षा राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने सभी सदस्यों को तीन बड़े तोहफे देने की घोषणा की। गांवों की सरकार की बैठक में राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित कई मुद्दे छाए रहे। बैठक में सांसद सुमेधानंद सरस्वती ने भी कई मुद्दों पर अफसरों को फटकार लगाई। बैठक में सीकर विधायक राजेन्द्र पारीक, फतेहपुर विधायक हाकम अली, झुंझुनूं सांसद नरेन्द्र कुमार, जिला परिषद सीइओ सुरेश कुमार, पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप व अपर जिला कलक्टर धारासिंह मीणा मौजूद रहे।


जिला परिषद सदस्यों को यह मिले तोहफे
बैठक में शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने जिला परिषद सदस्य व प्रधानों को तीन तोहफे देने की घोषणा भी की। उन्होंने विद्यालय विकास समितियों में जिला परिषद सदस्यों को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाने की घोषणा की। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने आदेश भी जारी कर दिए। इसके अलावा मंत्री ने सभी सदस्यों के क्षेत्र के सरकारी स्कूल में एक-एक कमरा बनवाने की भी घोषणा की है। वहीं जिन सदस्यों के क्षेत्र में बड़े धार्मिक व ऐतिहासिक स्थल है उनके विकास के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी करने की बात कही है।


सब कुछ नकली, फिर भी विभाग सक्रिय नहीं
जिला परिषद इन्द्रा चौधरी ने दूध, मावा, पनीर आदि खाद्य सामग्री में मिलावट के मामले को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि आमजन बाजार की चीजो से डरने लगा है। इसके बाद भी जिम्मेदार पूरी तरह सक्रिय नहीं है। आमजन को यह भी पता नहीं है कि वह कैसे जांच कराए। विभाग के अधिकारी जहां मर्जी होती है वहां से नमूने लेते है और जिसका सैम्पल जांच में भेजना होता उसका ही भेजते है। इस पर सीएमएचओ डॉ. अजय चौधरी ने जल्द चल प्रयोगशाला शुरू करने की बात कही। उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या का मुद्दा भी उठाया।


मुद्दों के जरिए सिस्टम पर खूब उठे सवाल, जिम्मेदारों को घेरा

चिकित्सा: सांसद बोले तो क्या ऐसे ही बर्बाद होते रहेंगे सरकारी भवन

सांसद सुमेधानंद सरस्वती ने चिकित्सा विभाग के सिस्टम पर जमकर सवाल उठाए। सांसद ने कहा कि पिपराली में चिकित्सकों के आवास के लिए 18 कमरे कई साल से बने हुए है। इन कमरों में आज तक कोई चिकित्सक नहीं ठहरा। सभी चिकित्सक सीकर रहते है। इससे 68 लाख रुपए की लागत से बने सरकारी भवन बर्बाद होते रहेंगे। उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ कई विभाग कार्यालयों को तरस रहे हैं।

सार्वजनिक निर्माण विभाग: पलसाना प्रधान भावुक होकर बोली, कभी नहीं हुई सड़क मरम्मत
बैठक में एक बार पलसान प्रधान अपने क्षेत्र की टूटी सड़क को लेकर भावुक हो गई। पलसाना प्रधान बोली कि मैंने तो कभी इलाके की सड़क की मरम्मत होते हुए नहीं देखी। इस पर शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने अधिकारियों की क्लास ली। मंत्री ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को तत्काल सड़क की मरम्मत कराने के निर्देश दिए।


आईसीडीएस: उप जिला प्रमुख बोले, डीडी साहब आप फील्ड में भी हालात देखे...

महिला एवं बाल विकास विभाग की व्यवस्थाओं को लेकर सदस्यों ने जमकर अधिकारियों को घेरा। उप जिला प्रमुख ताराचंद धायल ने जब अधिकारियों से पूछा कि कितने बच्चे आंगनबाड़ी केन्द्रों में आ रहे है तो डीडी सुमन पारीक ने कुल लाभार्थियों की संख्या बता दी। इस पर उप जिला प्रमुख ने कहा कि मैडम आप जोड़-बाकी तो करके देखे कि इतने बच्चे कहां से आ गए।


दस हजार रुपए की रिश्वत दो तब मिलता है भत्ता
जिला परिषद सदस्य सुभाष ने बेरोजगारी भत्ते को लेकर रोजगार विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठाए। सदस्य ने कहा कि बेरोजगारी भत्ते के लिए युवाओं को खूब कागजात जुटाने पड़ते है। इसके बाद कार्यालय जाते है तो अधिकारी व कर्मचारियों की दस हजार रुपए तक की रिश्वत मांगी जाती है। इस पर शिक्षा मंत्री ने अपर जिला कलक्टर धारासिंह मीणा को 15 दिन मेंं जांच के आदेश दिए।


राम-श्यामा से शुरू हुई बैठक

बैठक के शुरू में जिला प्रमुख गायत्री बाजौर ने सदस्यों का राम-राम कर स्वागत किया। इसके बाद जिला प्रमुख ने सभी महिला सदस्यों का स्वागत किया। पत्रिका से बातचीत में जिला प्रमुख ने कहा कि पहले दिन काफी कुछ सीखने को मिला।


रोचक:
एक: सांसद बोले हमारी आयुष्मान का क्या हुआ फिर...

चिकित्सा विभाग की चर्चा के आखिर में जिला परिषद सीईओ सुरेश कुमार व अपर जिला कलक्टर धारासिंह मीणा ने जैसे ही मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना के बारे में बताया तो सांसद बोले कि हामरी आयुष्मान भारत योजना का क्या हुआ..। इस पर शिक्षा मंत्री डोटासरा ने बताया कि आपकी आयुष्मान को इसमें मर्ज कर दिया ताकि ज्यादा लोग कवर हो...। इस पर सांसद ने चुटकी लेते हुए कहा कि फिर ऐसे बताओ ना...।


रोचक दो: मास्क तो जरा उपर कर लो....कोरोना
जिला परिषद के वार्ड सात की सदस्या सरोज झीगर ने शिक्षा को लेकर अहम मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अंग्रेजी माध्यम स्कूल पूरे देश में मॉडल बन चुके है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बजट में दिव्यांग शिक्षा के लिए हर संभाग में आवासीय स्कूल खोलने की मंजूरी दी है। इस बीच मंत्री ने कहा कि आप मास्क तो जरा उपर कर लो...। इस पर सदस्या बोली कि कोरोना....। उनके सवाल पर मंत्री ने जवाब दिया कि आवासीय दिव्यांग निश्चित तौर पर सीकर में ही खुलेगा।


तकरार: विधायक पारीक व उप जिला प्रमुख धायल में तकरार

बैठक के शुरू में उप जिला प्रमुख ताराचंद धायल ने पिछली बैठक की पालना रिपोर्ट को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एसके अस्पताल प्रशासन ने दवाओं के मामले में झूठी रिपोर्ट दी। मेरे से पूछा नहीं नहीं और रिपोर्ट में लिखा है कि माननीय सदस्य ने पर्ची उपलब्ध नहीं कराई। इस पर उन्होंने एसके अस्पताल के इंतजामों को लेकर सवाल खड़े कर दिए। इस बीच सीकर विधायक राजेन्द्र पारीक ने कहा कि एसके अस्पताल की व्यवस्था ठीक है। इस पर दोनों आमने-सामने हो गए।


मंत्री बोले, यहां तो आप खुद सत्ता में है...
पेयजल के मुद्दे को लेकर शुरूआत में जिला परिषद सदस्य इंदिरा चौधरी ने सरकार को घेरने की कोशिश की। इस पर शिक्षा मंत्री और जिला परिषद सदस्या के बीच तकरार भी हुई। सदस्य ने कहा कि पेयजल समस्या को लेकर जिलेभर में हाहाकार मचा हुआ है। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि यहां तो आप खुद सत्ता में है। हम तो विपक्ष में होने के बाद भी सहयोग करने को तैयार है। हालांकि बाद में जिला परिषद सदस्या ने अपने क्षेत्र की पेयजल समस्या और जल संरक्षण को लेकर सुझाव भी दिए।


जिला परिषद की बैठक में छाया रहा पत्रिका

जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में पेयजल को लेकर पत्रिका की ओर से चलाया जा रहा अभियान छाया रहा। बैठक में सदस्य इंदिरा चौधरी ने समाचार पत्र लहराकर कहा कि जिले के 250 गांव 150 ढाणियों में पेयजल समस्या है। इसके अलावा अन्य सदस्यों ने पलसाना रीको में नीलामी के जरिए हुए भ्रष्टाचार के खेल का मुद्दा भी उठाया।


सदन के हीरो......
सीधे मुद्दों की बात की। टूटी सड़क से लेकर पंचायत समिति के लिए कार्यालय व वाहन का मुद्दा उठाया। आसन के साथ विपक्ष के नेताओं का साथ मिला। सभी समस्याओं का समाधान कराने में पूरी तरह सफल रही।

सुनीता वर्मा, प्रधान, पलसाना पंचायत समिति


पुलिस थानों के संसाधनों से लेकर वन विभाग व आंगनबाड़ी केन्द्रों की अव्यवस्था के मामले उठाए। अधिकारियों ने सभी मामलों में माना कि सुधार की आवश्यकता है। शिक्षा विभाग को लेकर दिए सुझावों को मंत्री ने सराहा।
जयंत निठारवाल, सदस्य वार्ड 33


और इन मुद्दों पर लगी मुहर

-चिकित्सकों के खाली आवास की विभाग बनाएगा सूची। दूसरे विभागों को देने के लिए राज्य सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव।
-विधायक कोटे से सीएचसी स्तर पर बनेगी मॉर्चरी।

-डायवर्जन के लंबित मामलों को लेकर कलक्टर की अध्यक्षता में जल्द होगी बैठक।
-राजकीय स्कूलों के खेल मैदान से बिजली के तार गुजर रहे है विद्यार्थियों को राहत देने के लिए जल्द होगा नियमों में बदलाव।

-कोरोना गाइडलाइन तोड़क स्कूल खोलने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई।
-सूदखोरों के खिलाफ पुलिस अब करेगी और सख्त कार्रवाई।

-फाईनेंस कंपनी के कर्मचारी यदि बिना पुलिस को सूचना दिए हुए कार्रवाई करते है और पीडि़त की ओर से पुलिस को शिकायत मिलती है तो सख्त कार्रवाई होगी।


सरकार सक्षम होगी तो बनवा लेगी अस्पताल
लक्ष्मणगढ़ इलाके की सदस्य गणपति देवी ने अस्पताल के लिए जमीन आवंटन का मामला उठाया। इस पर मंत्री डोटासरा ने कहा कि जो सभी के हित में वही काम होगा। आखिर में सदस्य ने कहा कि गांव के लोग उस जमीन पर अस्पताल नहीं बनने देंगे। इस पर मंत्री ने कहा कि सरकार सक्षम होगी तो बनवा लेगी उस जमीन पर अस्पताल।

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