एएसआई में नौकरी का सुनहरा मौका , 1073 पदों पर निकली भर्ती, इन विभागों में भी मिलेगा अवसर

अभ्यर्थियों का चयन लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा, शारीरिक जांच और साक्षात्कार के आधार पर होगा।

By: vishwanath saini

Published: 13 Mar 2018, 02:14 PM IST


सीकर. कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की ओर से सब इंस्पेक्टर (जनरल ड्यूटी), सब इंस्पेक्टर (एग्जिक्यूटिव) और असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) सहित अन्य पदों पर भर्ती होगी। सब इंस्पेक्टर (जनरल ड्यूटी) के पद केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के लिए भरे जाएंगे। इनके लिए कुल 1073 पद घोषित किए है। जबकि सीआईएसएफ के लिए अभी पद घोषित नहीं किए है। इसी तरह असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर की भर्तियां सिर्फ सीआईएसएफ में की जाएंगी। इनके लिए भी अभी पदों की संख्या फिलहाल तय नहीं हैं। ऑनलाइन आवेदन दो अप्रेल तक होंगे। अभ्यर्थियों का चयन लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा, शारीरिक जांच और साक्षात्कार के आधार पर होगा। आवेदन के लिए चालान भी दो अप्रेल तक जनरेट करने होंगे। वहीं ऑनलाइन शुल्क पांच अप्रेल तक जमा होंगे।


एम्स ऋषिकेश में 156पदों पर भर्ती
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स ऋषिकेश) ने एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के 156 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी की है। सभी पद टीचिंग स्टाफ के लिए होंगे। ऑनलाइन आवेदन 30 अप्रेल तक कर सकते है। अभ्यर्थियों का चयन साक्षात्कार के आधार पर होगा।


सीडीपीओ की भर्ती शुरू
हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने बाल विकास अधिकारी (सीडीपीओ) के 11 पदों पर भर्तियों के लिए आवेदन मांगे है। ऑनलाइन आवेदन १९ मार्च तक होंगे। अभ्यर्थियों का चयन प्रारंभिक, मुख्य (लिखित) परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर होगा। प्रारंभिक परीक्षा वस्तुनिष्ठ प्रकार की होगी, इसमें एक-एक अंक के 120 प्रश्न होंगे। प्रारंभिक परीक्षा में गलत उत्तर पर 0.25 फीसदी अंक काट लिए जाएंगे। जिसका निर्धारण प्रारंभिक परीक्षा के आधार पर होगा। मुख्य परीक्षा कुल 250 अंकों की होगी।


नेट परीक्षा के लिए आवेदन शुरू
अभ्यर्थियों का इंतजार नेट परीक्षा के लिए खत्म हो गया है। यूजीसी नेट परीक्षा के लिए ऑनलाइन शुरू हो गए है। परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन पांच अप्रेल तक होंगे। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड आठ जुलाई को परीक्षा का आयोजन करेगा। अभ्यर्थी छह अप्रैल तक आवेदन शुल्क जमा करा सकते हैं। परीक्षा के समय अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन का प्रिंट आउट और फोटो आईड़ी भी साथ लेकर जानी होगी। इस बार परीक्षा में तीन की बजाय केवल दो ही पेपर होंगे। पहला पेपर जनरल एप्टीट्यूड टेस्ट होगा और दूसरे पेपर उम्मीदवार द्वारा चयनित विषय पर होगा। जनरल एप्टीट्यूड टेस्ट में दो नंबर के 50 सवाल होंगे। दूसरा पेपर में दो नंबर के 100 सवाल होंगे।


परीक्षा में शामिल होने के लिए किसी भी मान्यताप्राप्त संस्थान से मास्टर या इसके समकक्ष किसी डिग्री में 55 प्रतिशत अंकों के साथ पास होना जरूरी है। ओबीसी, एससी, एसटी और पीडब्लूडी उम्मीदवारों को माक्र्स में 5 प्रतिशत की छूट मिलेगी। यह उम्मीदवार 50 प्रतिशत माक्र्स के साथ नेट की परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। मास्टर्स डिग्री के फाइनल ईयर में पढ़ रहे उम्मीदवार भी नेट के लिए आवेदन कर सकते हैं। नेट परीक्षा में शामिल होने के लिए कोई अधिकतम आयु सीमा नहीं तय की गई है। सिर्फ जेआरएफ के लिए 30 वर्ष अधिकतम आयु सीमा तय की गई है। वहीं ओबीसी, एससी, एसटी, दिव्यांग एवं महिलाओं के लिए उम्र-सीमा में 5 साल की छूट मिलेगी। जूनियर रिसर्च फेलोशिप और विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर बनने की पात्रता के लिए हर साल जुलाई और दिसंबर में यह परीक्षा आयोजित की जानी है।


सहायक अध्यापक के 10768 पदों पर भर्तियों का मौका
शिक्षक बनने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने सहायक अध्यापक के 10,768 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे है। इसके लिए सहायक अध्यापक परीक्षा 2018 का आयोजन किया जाएगा। आरक्षण का लाभ केवल उत्तर प्रदेश के मूल निवासियों को मिलेगा। अन्य राज्यों के अभ्यर्थी अनारक्षित श्रेणी में शामिल होंगे। ऑनलाइन आवेदन 15 मार्च से 16 अप्रैल तक होंगे।


महत्वपूर्ण प्रश्न

सोंडवाड़ी, पाटवी, रतलामी, उमठवाड़ी आदि मुख्य उपबोलियाँ है
- मालवी की
वह लोक देवता जिसे गोगाजी की भाँति साँपों के लोक देवता के रूप में प्रसिद्धि प्राप्त है
- तेजाजी
वीर रस में डिंगल काव्य की रचना का श्रेय किस जाति को है
- चारण
बिना ईसर की गवर कहाँ पूजी जाती है
- जैसलमेर
हवामहल का निर्माण किसने करवाया था
- जयपुर के शासक सवाई प्रतापसिंह ने 1799 में
किस दुर्ग को ‘राजस्थान का वैल्लोर’ कहा जाता है
- भैंसरोडग़ढ़ को
राजस्थान के किस घराने ने मीनाकारी को प्रोत्साहित किया
- जयपुर
महाराणा अमरसिंह और खुर्रम (शाहजहाँ) के मध्य संधि कब हुई
- 5 फरवरी, 1615
बिजौलिया के किसान आन्दोलन को गांधीजी ने आशीर्वाद कब दिया था
- 1920 के नागपुर अधिवेशन में
राज्य की किस महिला खिलाड़ी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक जीता
- कृष्णा पूनियाँ
राजस्थान में पहली आयुर्वेदिक औषध प्रयोगशाला कहाँ स्थापित की गई
- अजमेर में
स्वयं सिद्धा योजना कब लागू की गई - 2001 में
बांसवाड़ा जिले में खांदू के निकट कौनसी नदी प्रवेश करती है
- माही
राजस्थान में भैंस अनुसंधान एवं प्रजनन केन्द्र कहाँ स्थापित किया गया है
- वल्लभनगर (उदयपुर)
राजस्थान में घास के मैदान या चारागाहों को कहा जाता है
- बीड़
गुलाबी मिट्टी के उत्पादन में राजस्थान का कौनसा स्थान है
- दूसरा
‘मरूवाणी’ क्या है
- राजस्थानी भाषा की मासिक पत्रिका
वयोवृद्धों के देहावसान पर श्मशान ले जाते समय रास्ते में अर्थी पर पैसे फैंके जाते है, उसे कहते है
- बिखेर
किस लोकदेवता की ख्याति ‘चार हाथों वाले देवता’ के रूप में हुई
- वीर कल्ला
‘मतीरां रौ भारौ बांधणौ’ का अर्थ है
- मूर्ख समूह को संगठित करने का असफल प्रयास करना।
गरासियों द्वारा किए जाने वाले किस नृत्य में वाद्ययंत्रों का प्रयोग नहीं होता
- वालर
राज्य में तश्तरीनुमा बेसिन में बसा शहर कौनसा है- उदयपुर


इन दिनों चर्चा में...

नेशनल एचीवमेंट सर्वे
केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा कक्षा तीन, पांच और आठ में विद्यार्थियों के सीखने के स्तर की जांच के लिए १३ नवम्बर को सभी राज्यों में कराए गए इस सर्वे में राजस्थान को कर्नाटक के बाद दूसरा स्थान मिला है।



राजस्थान साहित्य अकादमी पुरस्कार

अकादमी के 2017-2018 के वार्षिक पुरस्कारों में सर्वोच्च मीरा पुरस्कार दीप्ति कुलश्रेष्ठ को उपन्यास ‘अंधे मोड से आगे’ के लिए तथा कविता विधा का सुधीन्द्र पुरस्कार डॉ. पद्मजा शर्मा को ‘मैं बोलूंगी’ के लिए मिलेगा। उदयपुर स्थित अकादमी के अध्यक्ष डॉ. इन्दुशेखर है।



राष्ट्रीय पोषण मिशन

अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस (आठ मार्च) के मौके पर झुंझुनूं में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय पोषण मिशन का शुभारंभ किया। वहीं बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना का विस्तार देश के 640 जिलों में किया गया। इस दौरान झुंझुनूं व सीकर जिला कलक्टर सहित दस जिला कलक्टरों को सम्मानित किया गया। पोषण मिशन का लक्ष्य अल्पपोषण, रक्ताल्पता व प्रतिवर्ष निश्चित दर से अल्प वजनी बच्चों में कमी लाना है।



इच्छामृत्यु

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार कोमा में जा चुके या मौत के कगार पर पहुंच चुके लोगों के लिए वसीयत (लिविंग विल) के आधार पर निष्क्रिय इच्छा मृत्यु की मंजूरी दी जा सकती है। संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्ति को अगर गरिमा के साथ जीने का हक है तो ससम्मान मरने का भी हक है। किसी गंभीर या लाइलाज बीमारी से पीडि़त व्यक्ति को दर्द से निजात देने के लिए डॉक्टर की मदद से उसकी जिदंगी का अंत करना इच्छामृत्यु है।

 


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एक्सपर्ट टीम

विनीत डोटासरा, इंजीनियर महेश चौधरी, राजीव बगडिय़ा, अरविन्द भास्कर।

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