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उद्यानिकी, पशुपालन, सहकारिता की गतिविधियों को देंगे बढ़ावा के लिए केन्द्र सरकार की ओर से स्वीकृति नहीं मिलने से किसानों का विकास अटक गया।

By: Bhagwan

Updated: 05 Sep 2019, 05:32 PM IST

सीकर. उद्यानिकी, पशुपालन, सहकारिता की गतिविधियों को देंगे बढ़ावा के लिए केन्द्र सरकार की ओर से स्वीकृति नहीं मिलने से किसानों का विकास अटक गया। वजह नेशनल मिशन ऑफ एग्रीकल्चर के तहत जिले में नए गांव और किसानों के चयन के लिए स्वीकृति नहीं मिलना है। इससे जिले में नया आदर्श गांव बनाने की कृषि विभाग की मंशा अधूरी रह गई है। गौरतलब है कि एक ही गांव में कृषि एवं पशुपालन उद्योग से जुड़ी सभी योजनाएं एक साथ देखने को मिले सके इसके लिए जिले में प्रत्येक वर्ष एक गांव का आदर्श गांव के रूप में चयन किया जाता है। गौरतलब है कि वर्ष १७-१८ में रींगस के ग्रामीण इलाके का चयन किया गया था।
योजनाओं पर मिलता अनुदानयोजना के तहत चयनित गांव में करीब ४२ लाख रुपए का बजट मिलता। चयनित गांव के योजना में इच्छुक किसान एक हजार मीटर के क्षेत्र में ग्रीनहाउस लगा सकते। भले ही ग्रीन हाउस को तैयार करने में कितना भी खर्च लगे लेकिन सरकार की ओर से पौने पांच लाख रुपए का अनुदान मिलता। रासासनिक खाद के बढ़ते प्रयोग को कम करने के लिए वर्मी कम्पोस्ट बनाए जाते। साथ ही सर्दियों के सीजन में लोटनल के लिए अनुदान मिलता।
ये है चयनित गांव
१५-१६ - अजबपुरा
१६-१७ - राढ की ढाणी
१७-१८ ग्रामीण रींगसइनका कहना है
इनका कहना है
नमसा के तहत पिछले वर्ष रींगस के ग्रामीण इलाके का चयन किया गया था। इस बार नए गांव के चयन के लिए बजट नहीं मिला है। मॉडल रूप में विकसित गांव के चयन होने से प्रदर्शन नहीं लग पाएंगे। चयन नहीं होने से किसानों को पशुपालन व उद्यानिकी तकनीकी जानकारी एक साथ नहंी मिलेगी।
एसआर कटारिया, उपनिदेशक कृषि सीकर

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