अखंड सौभाग्य के लिए होगा माही चौथ का व्रत

तिलकूट्टा का प्रसाद, चूरमे का लगेगा भोग

By: Narendra

Published: 30 Jan 2021, 08:45 PM IST

सीकर. अखंड सौभाग्य की कामना के साथ महिलाएं आज कडकड़़ाती ठंड में रात्रि में चंद्र दर्शनों के साथ परिवार की खुशहाली की कामना के लिए माही चौथ का व्रत करेंगी। पंडित दिनेश मिश्रा ने बताया कि माघ कृष्ण चौथ को माही चौथ का व्रत किया जाता है। तिल और गुड़ का मिश्रण बनाकर तिलकुटा तैयार किया जाता है। चौथ माता और ग़णेश जी की कहानी में सुनकर गणेश जी को भोग लगाया जाता है। रात्रि में चंद्रोदय होने पर चंद्रमा को अध्र्य देकर तिलकुटा जिमाकर व्रत खोला जाता है। शेखावाटी में चंद्रोदय रात करीब 8.50 के करीब होगा। माघ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को यह व्रत रखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार माही चौथ का व्रत रखने से बच्चे दीर्घायु होते हैं। साल की इस चतुर्थी को संतान की लंबी आयु के लिए व्रत रखा जाता है। इसे वक्रतुण्डी चतुर्थी, ‘माही चौथ’ और ‘तिलकुटा चौथ’ भी कहते हैं। इस व्रत में तिल और गुड़ मिलाकर तिलकूटा बनाया जाता है। भगवान श्रीगणेश के पूजन के बाद चंद्रमा को अध्र्य अर्पित करें। चंद्र देव से घर-परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें। ऐसा कहा जाता है कि कृष्ण की सलाह पर धर्मराज युधिष्ठिर ने इस व्रत को किया था। भगवान श्री गणेश के मंत्रों का जाप करें। इसके बाद पूरा दिन निर्जला व्रत रखें और गरीबों को तिल, गुड़ आदि का दान दें। इस दिन तिल का विशेष महत्व है, तिल और गुड़ मिलाकर प्रसाद बनाएं।


जानें फरवरी के व्रत व त्योहार
साल 2021 का सबसे दूसरा महीना अपने साथ कई व्रत और त्योहार लेकर आ रहा है। फरवरी 2021 में एक तरफ जहां गुप्त नवरात्रि प्रारंभ हो रहे हैं, वहीं वसंत पंचमी 16 फरवरी व माघ पूर्णिमा 27 फरवरी के साथ ही कई अन्य व्रत और त्योहार भी पड़ रहे हैं।


- 07 फरवरी: षटतिला एकादशी
इस दिन भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है। कुछ लोग बैकुण्ठ रूप में भी भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। षटतिला एकादशी पर तिल का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन 6 प्रकार से तिलों का उपयोग किया जाता है। इनमें तिल से स्नान, तिल का उबटन लगाना, तिल से हवन, तिल से तर्पण, तिल का भोजन और तिलों का दान किया जाता है, इसलिए इसे षटतिला एकादशी व्रत कहा जाता है।


- 09 फरवरी: भौम प्रदोष व्रत
- 10 फरवरी: मासिक शिवरात्रि
- 11 फरवरी: मौनी अमावस्या
- 12 फरवरी: माघ गुप्त नवरात्रि प्रारंभ, कुंभ संक्रांति
- 15 फरवरी: गणेश जयंती, विनायक चतुर्थी
- 16 फरवरी: बसंत पंचमी
- 19 फरवरी: अचला सप्तमी, शिवाजी जयंती
- 20 फरवरी: भीष्म अष्टमी
- 21 फरवरी: माघ गुप्त नवरात्रि समापन
- 23 फरवरी: जया एकादशी
- 24 फरवरी: प्रदोष व्रत
- 27 फरवरी: माघ पूर्णिमा, गुरु रविदास जयंती

Narendra Desk
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