पतंगों से तंग है सीकर का आसमां, चहुंओर हो रही पतंगबाजी

vishwanath saini

Publish: Jan, 14 2018 03:00:32 (IST)

Sikar, Rajasthan, India
पतंगों से तंग है सीकर का आसमां, चहुंओर हो रही पतंगबाजी

घंटाघर क्षेत्र में पतंगों की दुकानों पर भीड़ के कारण एक तरफा यातायात करना पड़ा। मकर संक्रांति पर शहर के प्रमुख स्थानों पर दान पुण्य का भी दौर रहा।

सीकर. मकर संक्रांति पर रविवार को पूरे दिन युवाओं का छतों पर डेरा रहा। पतंगों से आसमान सरोबार रहा। दिनभर 'वो काटा' की गंूज सुनाई दी। वर्ष में एक बार मनाए जाने वाले पतंग महोत्सव के लिए युवा पिछले एक माह से तैयारी कर रहे थे। बाजार में दिनभर पतंगों की दुकानों पर खरीदारी के लिए भीड़ लगी रही। घंटाघर क्षेत्र में पतंगों की दुकानों पर भीड़ के कारण एक तरफा यातायात करना पड़ा। मकर संक्रांति पर शहर के प्रमुख स्थानों पर दान पुण्य का भी दौर रहा। यहां पहाड़ी पंडितों को दान-पुण्य के बीच गोपीनाथ मंदिर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

सुबह से ही रहेगा मेले जैसा माहौल

मकर सक्रांति पर सुबह से ही छतों पर मेले जैसा माहौल रहा। पतंगबाजी के बीच दिनभर गानों का भी दौर चलता रहा। रविवार का दिन होने के कारण इस बार छुट्टी होने के कारण पंतगबाजी का लुफ्त पूरे जोर पर रहा। रात के समय उडऩे वाली चायनीज पतंगों की बिक्री भी इस बार पूरे परवान पर रही है।

मलमास होगा खत्म, सावों के लिए अभी इंतजार

मकर संक्रांति पर पर दिन में एक बजकर 47 मिनट पर वृष लग्न में सूर्य धनु राशि से मकर राशि पर प्रवेश करेगा। मकर राशि पर सूर्य का मिलन केतु के साथ 18 वर्ष बाद हो रहा है। मकर संक्रांति के साथ ही मलमास की समाप्ति होगी। पंडित रामवतार मिश्र ने बताया कि उतरायण काल देवताओं के लिए माना जाता है। उतरायण में शुभ मुहूर्त विवाह आदि प्रारंभ हो जाते है, लेकिन तीन फरवरी तक शुक्रास्त होने से मुहूर्तों का अभाव अभी बना रहेगा। तीन फरवरी से शुक्र दोष खत्म होने के बाद ही विवाह मुहूर्त फिर प्रारंभ हो जाएंगे। इस अवधि में मुंडन संस्कार, गृह प्रवेश, यज्ञोपवीत, विवाह संस्कार, मूर्ति प्रतिष्ठा नहीं किए जाते है। विवाह मुहूर्त के लिए शुक्र का बड़ा महत्व है।

स्नान दान का महापर्व

मकर सक्रांति के दिन सुबह उठकर स्नान करें। भगवान सूर्य को तांबे के पात्र में जल भरकर उसमें गुड़, लाल चंदन, लाल पुष्प, भगवान सूर्य को अर्पित करें। प्रसाद के रूप में भी तिल खाए। इस दिन गंगा स्नान का भी विशेष महत्व है। मकर सक्रांति के दिन दान का विशेष महत्व है। इस दिन तिल, कंबल, लाल कपड़ा, लाल मिठाई का दान कर सकते हैं। चावल, मूंग और काली उड़द की दाल का दान किया जाता है।

घायल पक्षियों को तुरंत इलाज

पशुपालन विभाग सीकर ने मकर सक्रांति पर्व पर पतंगबाजी से घायल पक्षियों के इलाज के लिए सांवली रोड स्थित पॉली क्लिनिक में चिकित्सकों की टीम गठित की है। डॉ. दीपक अग्रवाल ने बताया कि यह टीम घायल पक्षियों को का सुबह नौ से शाम 6 बजे तक उपचार करेंगे। पशु कल्याण संगठन राजस्थान की बैठक में संकांति पर घायल होने वाले पक्षियों के उपचार के लिए तापडिय़ा बगीची के पास पक्षी सहायता शिविर लगेगा।

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