शहीद की मूर्ति क्षतिग्रस्त, सेवानिवृत एएसआइ सहित दो को पकड़ा

रहनावा गांव में लगी है करगिल शहीद दयाचंद जाखड़ की प्रतिमा
आमजन में आक्रोश, शेखावाटी में शहीद की मूर्ति खंडित करने का पहला मामला

By: Suresh

Published: 22 Jul 2021, 06:05 PM IST

लक्ष्मणगढ़/ सीकर. रहनावा गांव में बुधवार सुबह करगिल शहीद दयाचंद जाखड़ की प्रतिमा खंडित करने पर गांव में आक्रोश छा गया। प्रतिमा शहीद के नाम की ही शहीद दयाचंद राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में प्रवेश द्वार के सामने लगी थी। आरोप है कि सेवानिवृत एएसआइ की शह पर एक मानसिक विक्षिप्त ने मूर्ति का सिर धड़ से अलग कर दिया। सूचना पर शहीद के परिजन व ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और घटना को लेकर जमकर आक्रोश जताया। ग्रामीणों ने मूर्ति तोडऩे वालों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। सूचना पर पुलिस उपाधीक्षक श्रवण सिंह झोरड़, तहसीलदार भीमसेन सैनी और बलारां थानाधिकारी बाबूलाल मीणा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। बाद में पुलिस ने संदेह के आधार पर आरोपियों को हिरासत में लिया तो ग्रामीण शांत हुए। इस दौरान सरपंच छाजूराम गढ़वाल, प्रताप सिंह, शहीद पुत्र अनुराग जाखड़, दीपेंद्र सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे। पुलिस ने इस संबंध में शहीद दयाचन्द राजकीय उ मा विद्यालय के प्रधानाचार्य बृजेन्द्र सिंह की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया है। इधर, सामाजिक संगठनों का कहना है कि शेखावाटी में शहीद की मूर्ति को इस तरह से खंडित करने का संभवतया यह पहला मामला है।
आरोप: शहीद परिवार से अनबन
जानकारी के अनुसार मानसिक विक्षिप्त आरोपी 40 वर्षीय महावीर प्रसाद के साथ सुबह सेवानिवृत एएसआइ भदेल सिंह स्कूल में गया था। जहां पीछे काम कर रहे कारीगरों से मिलकर वापस लौटते समय भदेल ने महावीर का उकसाकर मूर्ति तुड़वा दी। आवाज सुनकर कारीगर आए तो दोनों मूर्ति के पास खड़े थे। बताया जा रहा है कि भदेल सिंह की शहीद के परिवार से शुरू से ही अनबन है।
नई मूर्ति की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से नई मूर्ति लगवानेे व मूर्ति खंडित करने वाले अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की है। जिन उपद्रवियों ने भी मूर्ति तोड़ी है उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इधर, देर शाम उपखंड अधिकारी डॉ कुलराज मीणा भी मौके पर पहुंचे और सरकारी स्तर पर शहीद की नई प्रतिमा बनवाने का आश्वासन दिया।
ऑपरेशन विजय में हुए थे शहीद
लांस नायक शहीद दयाचंद जाखड़ 18 नवंबर 1987 को जाट रेजीमेंट में भर्ती हुए हुए थे। करगिल में ऑपरेशन विजय में 12 अगस्त 1999 को सुबह 7.30 बजे उन्होंने अपनी जान देख के नाम कर दी थी। लांस नायक दयानंद के स्मारक का अनावरण तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 27 जुलाई 2000 को किया था। जिसमें मुख्य अतिथि तात्कालिक उद्योग व सैनिक कल्याण मंत्री चंद्रभान व अध्यक्ष विधायक दीपेंद्र सिंह शेखावत रहे थे। इससे पहले तत्कालीन केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री सुभाष महरिया ने 16 अप्रेल 2000 में स्मारक का शिलान्यास किया था।
मंत्री ने किया ट्वीट...
मामले में शिक्षा राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने भी ट्वीट किया। उन्होंने लिखा करगिल शहीद दयाचंद जाखड़ की मूर्ति को खंडित करने से शहीद परिवार के साथ पूरे कस्बे में आक्रोश है। मामले की जानकारी मिलते ही अधिकारियों को तत्काल अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं। दो दोषियों को हिरासत में भी ले लिया है। प्रधान मदन सेवदा ने भी घटना की निंदा की है। इसके अलावा भाजपा नेता दिनेश जोशी, जिला मंत्री भागीरथ गोदारा ने भी वक्तव्य जारी कर इसे दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की मांग प्रशासन से की है।
पूर्व सैनिकों में आक्रोश
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के जिलाध्यक्ष जालूराम बुरड़क ने बताया कि काफी आक्रोश है। मामराज भूरिया, रामेश्वरलाल रणवां, सुरेन्द्र महण, शीशराम ऐचरा ने आक्रोश जताया।

Suresh Desk
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