सरकारी अस्पताल में तीन घंटे तक दर्द से छटपटाती रही प्रसूता, चिकित्सक ने नहीं किया उपचार

राजस्थान के सीकर जिले की लोसल सीएचसी में दर्द से बिलखती एक प्रसूता के प्रति चिकित्सक की असंवेदनशीलता व अमानवीयता का मामला सामने आया है।

By: Sachin

Published: 16 Oct 2020, 01:04 PM IST

सीकर/ लोसल. राजस्थान के सीकर जिले की लोसल सीएचसी में दर्द से बिलखती एक प्रसूता के प्रति चिकित्सक की असंवेदनशीलता व अमानवीयता का मामला सामने आया है। सीएचसी में एक प्रसूता इलाज के अभाव में तीन घंटे तक तड़पती रही, लेकिन परिजनों की प्रसव कराने की गुहार के बाद भी चिकित्सक ने उसे नहीं देखा। चिकित्सक ने उसे हाथ नहीं लगाने की बात कहते हुए उसे रैफर कर दिया। जबकि प्रसूता की हालत बेहद गंभीर हो गई थी। बाद में परिजनों को मजबूरन प्रसूता को लेकर निजी अस्पताल में जाना पड़ा, जहां कुछ देर में ही महिला ने सामन्य प्रसव से बच्चे को जन्म दिया। पूरे मामले में चिकित्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठने लगी है।


परिजनो ने लगाए आरोप
परिजनों के अनुसर कस्बे में श्रमिक के रूप में काम करनी वाली महिला बरखा को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन गुरुवार दोपहर करीब दो बजे सीएचसी लेकर पहुंचे। सीएचसी में मौजूद चिकित्सक से प्रसव करवाने को कहा तो चिकित्सक ने मरीज को देखने से मना कर दिया और पहला प्रसव होने से जटिलता और खून की कमी बताते हुए प्रसव कराने से मना कर दिया। परिजनों ने बताया कि चिकित्सक ने बिना किसी जांच के प्रसूता में खून की कमी बता दी और प्रसव के समय में देरी बताई। जबकि उनके पास ममता कार्ड है। इसके बाद भी रैफर कार्ड बना दिया। जबकि निजी अस्पताल के अनुसार प्रसूता में नौ ग्राम हीमोग्लोबिन मिला। सीएचसी में भर्ती नहीं करने से प्रसूता जमीन पर लेट गई और दर्द से कराहती रही। करीब 3 घंटे तक प्रसूता दर्द से तड़पती रही। इसके बाद परिजनों ने प्रसूता को लोसल के एक निजी अस्पताल लेकर गये। जहां पर साधारण डिलीवरी करवाई गई।


30 गांवो की सीएचसी फिर भी अनदेखी
लोसल कस्बे के आस पास के क्षेत्र में कोई बड़ा अस्पताल नहीं होने के कारण 30 से ज्यादा गांवो के 400 से 500 लोग सीएचसी में प्रतिदिन इलाज के लिए आते है। प्रतिदिन सीएचसी में करीब 3 से 4 डिलीवरी केस भी आते है। महिने में 100 के करीब डिलीवरी केस सीएचसी में आते है। गौरतलब है कि डिलीवरी करवाने को लेकर सीएचसी में लगभग सारी सुविधाएं भी मौजूद है।

इनका कहना है
प्रसूता की जांच नर्स ने की। प्रथम डिलीवरी होने वाली थी। प्रसूता में खून की कमी थी। खून की कमी होने के अलावा परिजनो के पास प्रसव पूर्व जांच के संबंध में किसी प्रकार का रेकार्ड भी मिला। ऐसे में रेफर कार्ड बनाया गया।

- डा अशोक वर्मा, सीएचसी प्रभारी

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