खाड़ी देश के इस विधेयक से लाखों भारतीय होंगे बेरोजगार, दहशत में प्रवासी

कुवैत में विदेशी कामगारों को लेकर अप्रवासी कोटा विधेयक लाया जा रहा है, जिससे इस खाड़ी देश में विदेशी कामगारों की संख्या में कटौती की जाएगी। इस विधेयक के मसौदे को कुवैत की नेशनल असेंबली की कानूनी और विधायी समिति ने संवैधानिक भी करार दिया है।

By: Sachin

Published: 07 Jul 2020, 01:05 PM IST

सीकर/फतेहपुर. कुवैत में विदेशी कामगारों को लेकर अप्रवासी कोटा विधेयक लाया जा रहा है, जिससे इस खाड़ी देश में विदेशी कामगारों की संख्या में कटौती की जाएगी। इस विधेयक के मसौदे को कुवैत की नेशनल असेंबली की कानूनी और विधायी समिति ने संवैधानिक भी करार दिया है। दो समीतियों में बिल पास होने से देश के लाखों लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सोमवार को बिल संबंधित खबरें सामने आने के साथ ही यहां के लोगो की चिंता बढ़ गई। दरअसल शेखावाटी सहित देश के लाखों लोग कुवैत में नौकरी व व्यवसाय कर रहे हैं। ऐसे में उन लोगो को वापस स्वदेश लौटना पड़ सकता हैं। बेरोजगारी के साथ अब उन लोगों को परिवार के आर्थिक संकट की चिंता भी सताने लगी है।

आर्थिक संकट का सता रहा है डर
कुवैत में अगर विधेयक पारित हो जाएगा तो अकेले शेखावाटी के हजारों लोगों के परिवारों को आर्थिक नुकसान होगा। शेखावाटी से बड़ी संख्या में कामगार कुवैत रहते हैं। कई परिवारों के सभी पुरुष वहां कमा रहे हैं। ऐसे में वो सभी वापस आ जायेंगे तो पूरे परिवार पर संकट गहरा जाएगा। कई लोगो का वहां पर छोटा मोटा व्यवसाय हैं। स्थानीय लोगो का कहना है कि हमारे परिवार व प्रतिकूल असर पड़ेगा।

पत्रिका से बोले कामगार

वहां काम नहीं मिला तो यहां आये, अब कहां जायेंगे
कुवैत में आये नए विधेयक को लेकर राजस्थान पत्रिका टीम ने वहां काम कर रहे कामगारों से बातचीत की तो लोगो का दर्द झलक पड़ा। लोगो ने कहा कि जब भारत मे कोई काम नहीं मिला तो हम यहां आए थे। अब यहां से भेज देंगे तो फिर क्या करेंगे परिवार कैसे पलेगा। कुछ लोग तो हाल में यहां आए थे। पहले तो कोरोना के चलते काम नहीं है अब यह नया कानून मुश्किल बढ़ा रहा हैं।

क्या है कुवैत का नया कानून

कुवैत में विदेशी कामगारों को लेकर अप्रवासी कोटा विधेयक लाया जा रहा है। जिससे इस खाड़ी देश में विदेशी कामगारों की संख्या में कटौती की जाएगी। इस विधेयक के मसौदे को कुवैत की नेशनल असेंबली की कानूनी और विधायी समिति ने संवैधानिक भी करार दिया है।
हालांकि, इस विधेयक को अभी भी एक अन्य समिति द्वारा वीटो किया जाना है। कुवैत में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं। ऐसे में यदि यह विधेयक पास हो जाता है, तो करीब 7 से 8 लाख भारतीय कामगारों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ेगी।

ऐसा नहीं है कि यह विधेयक सिर्फ भारतीयों के लिए ही है, इसमें अन्य विदेशी नागरिकों को भी शामिल किया गया है। विधेयक में मिस्र के लोगों की आबादी को भी कुल आबादी का 10 फीसदी करने का प्रावधान है। कुवैत में प्रवासी कामगारों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या मिस्र के लोगों की है।
कुवैत द्वारा इस विधेयक को इसलिए लाया जा रहा है, क्योंकि कुवैत के नागरिक अपने ही देश में अल्पसंख्यक हो गए हैं। साथ ही कुवैत विदेशी कामगारों पर अपनी निर्भरता भी कम करना चाहता है। कुवैत की आबादी करीब 43 लाख है, जिसमें अकेले प्रवासियों की संख्या ही 30 लाख है। इनमे से 10 लाख से ज्यादा भारतीय हैं।

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