कभी चलती थी 26 ट्रेन,अब सूनी पटरियों पर सुविधा को तरस रहा है सीकर

साढ़े छह सौ करोड़ खर्च के बाद भी आंकड़ा छह पर ही सिमटा रह गया

By: vishwanath saini

Published: 11 Dec 2017, 11:32 AM IST

 

सीकर. रेलवे ने सीकर-चूरू और लोहारू के बीच साढ़े छह सौ करोड़ रुपए खर्च कर पटरियों का जाल बिछा दिया है, लेकिन यात्री सुविधा की स्थिति बेहद कमजोर है। मीटरगेज के समय सीकर में 26 गाडिय़ां चला करती थी, लेकिन वर्तमान में गाडिय़ों की संख्या महज छह रह गई है। रेलवे ने सीकर-चूरू ट्रेक पर रेल चलाकर सीआरएस की खत्म होती अवधि को तो बचा लिया, लेकिन सीकर से फतेहपुर जाने वाली ट्रेन को बंद कर दिया। ऐसे में नई ट्रेन चलने के बाद भी गाडिय़ों की संख्या में इजाफा नहीं हुआ है।


ट्रेन चले तो सडक़ हादसों में आए कमी
सीकर-लोहारू और चूरू ट्रेक पर पर्याप्त ट्रेन चलने पर सडक़ पर आए दिन होने वाली मौतों में भी कमी आएगी। सीकर-झुंझनूं, पिलानी और चूरू के बीच प्रतिदिन करीब तीन सौ निजी और रोडवेज बसे चलती है। एक बस में औसत 50 यात्री करते हैं। जबकि ट्रेन की स्थिति पर नजर डाली जाए तो आठ सौ से 12 यात्री एक ट्रेन में सफर कर सकते हैं। ट्रेन और बस के किराए में एक तिहाई का अंतर होने से लोगों को आर्थिक लाभ होने के साथ सडक़ पर वाहनों की सख्या कम होने से आए दिन होने वाले हादसों में भी कमी आएगी। रेलवे सूत्रों का कहना है आगरा , उदयपुर सहित कई ट्रेक पर निजी बस ऑपरेटर्स के दबाव के चलते ट्रेन बिलंब से चल पाई। ऐसे में इस ट्रेक पर भी दबाव से इनकार नहीं किया जा सकता।


कागजों में प्रस्ताव, धरातल कमजोर
सीकर में ब्रॉडगेज ट्रेक का निर्माण होने के बाद ट्रेन के कई प्रस्ताव बने। जनप्रतिनिधियों ने भी बड़ी घोषणाएं की, लेकिन इनका धरातल शुरू से ही कमजोर है। शुरू में सीकर-दिल्ली ट्रेक की स्थिति देखे तो सीआरएस के छह माह बाद रेल चली, लेकिन उसका समय व दिन दोपहर का रख दिया गया। ऐसे में यह ट्रेन ना तो यहां के प्रवासियों के काम आ सकी और ना ही व्यापारियों के।


इसके बाद ट्रेन का समय सुविधानुसार कर दिया गया, लेकिन प्रतिदिन ट्रेन चलाने की घोषणा की पालना नहीं हो सकी। रेल राज्य मंत्री के चूरू दौरे के बाद भी सीकर-बीकानेर ट्रेन चलाने की घोषणा नहीं हो सकती। जबकि सीकर से दिल्ली जाने वाली ट्रेन तीन दिन तक 16 घंटे सीकर के स्टेशन पर खड़ी रहती है।


पहले दिन हर स्टेशन पर कटी टिकट
उद्घाटन के बाद रविवार को पहले दिन चली सीकर-चूरू ट्रेन में करीब ढ़ाई सौ यात्रियों ने यात्रा की। सीकर स्टेशन से 167 यात्रियों ने टिकट कटवाए। खास बात यह रही कि सीकर के बाद रसीदपुरा, लक्ष्मणगढ़, फतेहपुर, कायमसर, रामगढ़ सेखावाटी सहित सभी स्टेशनों से यात्री टिकट कटवाकर टे्रन में बैठे। हालांकि लोगों की मांग इस ट्रेन के फेरे बढ़वाने के साथ इसी समय पर क्रोस ट्रेन चलाने की है।

vishwanath saini Desk
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