VIDEO: इस वीडियो को देखने के बाद ऐसे लोगों से आपको सावधान हो जाना चाहिए !

सूट-बूट के साथ स्टाइलिश अदा। फर्राटेदार अंग्रेजी के साथ पर्स में विदेशी मुद्रा जमा। इस तरह के एनआरआइ यदि आपकी दुकान पर खरीदारी के लिए पहुंचते हैं तो इनसे सावधान हो जाइए।

By: Vinod Chauhan

Published: 04 Apr 2019, 05:29 PM IST

जोगेन्द्र सिंह गौड़, सीकर.

सूट-बूट के साथ स्टाइलिश अदा। फर्राटेदार अंग्रेजी के साथ पर्स में विदेशी मुद्रा जमा। इस तरह के एनआरआइ यदि आपकी दुकान पर खरीदारी के लिए पहुंचते हैं तो इनसे सावधान हो जाइए। क्योंकि दरअसल अपने आप को एनआरआइ दर्शाने वाले यह लोग ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य हैं। जो अपने आप को बाहरी बताते हैं और व्यापारी को बातों में उलझा कर उसके पास मौजूद नकदी पर हाथ साफ कर ठगी की वारदात को अंजाम देकर रफूचक्कर हो जाते हैं।
जी हां, सीकर सहित शेखावाटी के बाकी जिलों में ठगी करने वाले एक नए गिरोह का खुलासा हुआ है। जिसकी गैंग के सदस्य अपने आप को एनआरआइ बताते हैं और इसके बाद चंद मिंटों में अपने हाथ की सफाई दिखाते हुए हजारों रुपए की चपत सामने वाले को लगा देते हैं। व्यापारी तथा दुकानदार को इसका पता तब चलता है। जब वह गल्ले में रखा नकदी मिलाता है। लेकिन, तब-तक ये लोग मौके से कहीं दूर जा चुके होते हैं। चौंकाने वाला तथ्य यह है कि ठगी के इस एनआरआइ गिरोह ने अकेले सीकर शहर में कई व्यापारियों को झांसे में ले लिया है और इनसे हजारों रुपए की ठगी कर चुका है। ठगी के शिकार व्यापारियों का कहना है कि उनके यहां लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए गिरोह के सदस्यों के फुटेज पुलिस को उपलब्ध करा दिए गए हैं। ताकि गिरोह का पर्दाफाश हो सके और इनसे लूट की राशि उनको बरामद हो सके। इधर, कोतवाली थाने के हैड कांस्टेबल दशरथ ङ्क्षसह का कहना है कि व्यापारी ने ठगी की शिकायत दी है। फुटेज के आधार पर आरोपियों को तलाशा जा रहा है।


शादी का सहारा
गिरोह के सदस्य ठगी की वारदात उस दौरान करते हैं। तब संबंधित दुकान के पास से कोई निकासी या बारात गुजर रही होती है। इसके बाद ये दुकान में घुसते हैं और दूर-दराज से शादी में आना बताकर व्यापारी को गुमराह कर देते हैं। इन लोगों के बन ठन कर रहने से व्यापारी भी आसनी से इनकी चपेट में आ जाते हैं।


अंगूठे का इशारा
रुपए ठग लेने के बाद गिरोह के सदस्य एक दूसरे को अंगूठा दिखाकर प्लान पूरा होने का इशारा कर देते हैं। इसके बाद इधर-उधर की बातें करके चुपचाप एक के बाद एक मौके से निकल लेते हैं। इनकी ठगी का शिकार और भी व्यापारी हो सकते हैं। जो घटना के बाद पुलिस के पास पहुंचे ही नहीं है।


केस- 01
लूट के शिकार व्यापारी बनवारी मालपानी ने बताया कि पुरानी कोतवाली के पास उनकी कपड़े की दुकान है। रात को उसकी दुकान पर सूट-बूट में दो लोग आए थे। इन्होंने अंग्रेजी और इसके अलावा टूटी-फुटी हिंदी में खुद को एनआरआइ बताया और कंबल खरीदने की इच्छा जाहिर की। कंबल पसंद आने के बाद एक ने अपने पर्स से एक नोट विदेशी मुद्रा का निकाला और बदले में उसे भारतीय मुद्रा के नए नोट दिखाने की बात कही। मैने गल्ले में रखी 500 के नोट की गड्डी उसको दिखाई। इसके बाद एक ने उसे बातों में उलझा लिया और दूसरे ने गड्डी से कुछ नोट निकाल लिए। दोनों एनआरआइ के दुकान से चले जाने के बाद रुपयों की गिनती की तो पांच सौ के 37 नोट गायब मिले। दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगालने पर एनआरआइ बनकर आए ठगों का राज खुला।


केस- 02
सुभाष चौक स्थित गढ़ में ज्वैलरी की दुकान चलाने वाले पीडि़त अशोक सर्राफ का कहना है कि उसके यहां भी अमीर दिखने वाले तीन जने आए थे। इनके साथ सलवार सूट व बुर्का पहने एक महिला भी थी। जो इनके साथ अंग्रेजी के अलावा दूसरी भाषा में भी बात कर रही थी। आते ही इन्होंने गहने पसंद किए और पर्स से डॉलर का एक नोट निकाला। इसके बाद अपने आप को एनआरआइ बताकर भारतीय मुद्रा में इसे एक्सचेंज कर लेने की बात कही। इसके बाद बातों में लगाकर उसकी दुकान से 70 हजार रुपए की ठगी कर पार हो गए। हकीकत पता लगने पर उनको आस-पास तलाश भी किया। लेकिन, वे हाथ नहीं मिले।


केस- 03
धोद रोड के व्यापारी पवन के अनुसार उसकी दुकान पर भी एनआरआइ बनकर दो जने आए थे। सामान खरीदने के बदले उन्होंने विदेशी मुद्रा देते हुए इसे एक्सचेंज की बात कही। इसके बाद मुनीम को बातों में लगाकर 13 हजार रुपए की चपत लगा गए। पड़ोसियों को बताया, लेकिन, तब-तक देर हो चुकी थी।

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