राजस्थान में अब खून के बदले नहीं देना होगा खून, सरकार ने की यह पहल

सीकर. बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए चिकित्सा विभाग ने नई पहल शुरू की है।

सीकर. बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए चिकित्सा विभाग ने नई पहल शुरू की है। लाड़ली रक्त सेवा योजना के तहत प्रदेश के सभी सरकारी चिकित्सा संस्थानों में अब 14 साल तक की बेटियों व कैंसर पीडि़त बच्चों को ब्लड बैंक से बिना रिप्लेसमेंट के ब्लड मिल सकेगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक ने प्रदेश के सभी राजकीय चिकित्सा संस्थानों के प्रभारियों को निर्देश दिए हैं। खून की कमी के कारण बेटियों में सीवियर एनीमिया की स्थिति नहीं हो इसके लिए प्रदेश के सभी ब्लड बैंक को नियमित अंतराल पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगाने होंगे। खास बात यह है कि यह सेवा सरकारी अस्पताल में भर्ती बच्ची को निशुल्क दी जाएगी। गौरतलब है कि एनएचएम निदेशक ने शुक्रवार को आदेश जारी किए हैं।

खून की कमी का होगा इलाज
एनिमिया के कारण शरीर में खून की कमी हो जाती है। लम्बे समय तक कमी के कारण साधारण एनिमिया सीवियर हो जाता है। इस कारण बच्ची के सम्पूर्ण विकास पर भी असर पड़ता है। इसके अलावा कई बार निराश्रित बालिका को रिप्लेसमेंट के बिना रक्त मिलने में परेशानी आती है। वहीं रक्तदान को लेकर अभी भी कई लोगों में भ्रम व आशंका है इस कारण ब्लड बैंक में परेशानी बढ़ जाती है। इसे देखते हुए अखिल राजस्थान लेबोरेट्री टेक्निीशियन कर्मचारी संघ की ओर से लम्बे समय से यह मांग की जा रही थी।

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