रॉल मॉडल बनने वाले की धरातल पर ऐसी हकीकत जान आप भी हो जाएंगे हैरान

रॉल मॉडल बनने वाले की धरातल पर ऐसी हकीकत जान आप भी हो जाएंगे हैरान

Vinod Chauhan | Publish: Sep, 09 2018 11:41:57 AM (IST) Sikar, Rajasthan, India

 

सीकर. देश में कचरा निस्तारण के लिए रोल मॉडल बनने वाले सीकर नगर परिषद हकीकत की पोल सामने आ रही है।

सीकर. देश में कचरा निस्तारण के लिए रोल मॉडल बनने वाले सीकर नगर परिषद हकीकत की पोल सामने आ रही है। हाल यह है कि शहर के दो दर्जन से ज्यादा वार्डों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चौपट है। न तो वार्डों में नियमित रूप से ऑटोटीपर जाते हैं और न ही कचरा पात्रों को नियमित रूप से बदला जाता है। नतीजन कचरा पात्रों की बजाए कचरा बाहर फैला रहता है। निराश्रित मवेशियों के जमावड़े के कारण वहां से सुरक्षित पैदल तक नहीं निकला जा सकता है।
हालांकि परिषद का दावा है कि शहर के सभी वार्डों में नियमित रूप से सफाई होती है। गौरतलब है कि नगर परिषद ने हाल में जीरो वेस्ट मॉडल बनाया है। जिसके तहत जागरुकता अभियान चलाया जाएगा।

यह है हकीकत
नगर परिषद क्षेत्र में घर-घर कचरा उठाने के लिए 59 ऑटो टिपर है। हकीकत यह है इन सभी ऑटो टीपर पर नियमित रूप से स्थाई चालक तक नहीं लगा पाई है। ऐसे में ठेके पर लिए गए चालकों के भरोसे डोर टू डोर कचरा उठाने का काम करवाया जाता है। सूत्रों के अनुसार रोजाना औसतन पांच से छह चालक नहीं आते हैं। जिससे संबंधित क्षेत्र की सफाई व्यवस्था ही ठप होती है। । वार्ड पार्षदों की माने तो शहर में पचास वार्ड है लेकिन ऑटो टीपर महज 40 वार्डों तक ही पहुंच पाते हैं। गौरतलब है कि शहर में रोजाना औसतन सौ टन से ज्यादा कचरा होता है। परिषद इस कचरे को ऑटो टीपर, ट्रेक्टर आदि संसाधनों से नानी बीड में गिरवाती है।

अब बढ़ाएंगे आय
शहर में गीला कचरा कम्पोस्ट करने के लिए अलग-अलग जगह चिन्हित कर कम्पोस्ट यूनिट बनाई जाएगी। जहां रोजाना काम होगा। इस कम्पोस्ट को खाद के रूप में किसानों को बेचा जाएगा। सूखे कचरे को प्राथमिक संग्रहण केन्द्र पर अलग कर लिया जाएगा। इसके बाद मशीनों के जरिए सोलिड रूप देकर बनाया जाएगा।
जिसके जरिए सीमेंट रूपी ब्लॉक तैयार होंगे जो ईधन के रूप में काम आएंगे। परिषद की ओर से नानी बीड में आरडीएफ यूनिट में देरी के कारण फिलहाल तैयार ब्लॉक्स को निजी कम्पनियों को बेचा जाएगा। संक्रामक कचरे के निरस्तारण के लिए परिषद की ओर से इंसीनेटर प्लांट लगवाया जाएगा।

अब यह है रोल मॉडल
नगर परिषद की ओर से कचरा निस्तारण के लिए रोल मॉडल बनाया गया है। जिसे सीकर मॉडल ऑफ मिन्यूसिपल सोलिड वेस्ट नाम दिया गया है। शहर में कचरे का प्रमुख स्रोत घर, दुकान और मॉल्स, , मैरिज होम्स और अस्पताल और डिस्पेंसरी हैं। इनसे गीला कचरा, सूखा कचरा और संक्रामक कचरा है। इनमें घरों से किचन वेस्ट के रूप में छह दिन तक रोजाना गीला कचरा उठाया जाएगा। दुकानों-मॉल्स और ज्यूस, रेस्टोरेंट और होटलों से छह दिन तक रोजाना दो बार गीला और सूखा कचरा उठेगा।
इनका कहना है
शहर में सफाई व्यवस्था ठीक है। शहर के लिए कचरा निस्तारण के लिए रोल मॉडल को तैयार किया लिया गया है।
श्रवण कुमार बिश्नोई, आयुक्त नगर परिषद सीकर

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