ऑपरेशन क्लीन : 50-100 रुपए के लालच में अफीम बेच रहे युवा, पांच टीमों ने दी दबिश

सीकर. राजस्थान में कोटा, झालावाड़ के अलावा मध्यप्रदेश से भी शहर में अफीम व स्मैक लाकर बेची जा रही है। 50-100 रुपए के लालच में शहर के युवा अफीम तस्करों के साथ जुड़ रहे है।

By: Vikram

Published: 21 Mar 2020, 04:06 PM IST

सीकर. राजस्थान में कोटा, झालावाड़ के अलावा मध्यप्रदेश से भी शहर में अफीम व स्मैक लाकर बेची जा रही है। 50-100 रुपए के लालच में शहर के युवा अफीम तस्करों के साथ जुड़ रहे है। पत्रिका टीम ने दूसरे दिन भी कई जगहों पर तस्करों एएसपी देवेंद्र कुमार शर्मा ने ऑपरेशन क्लीन के तहत स्मैक बेचने वाले तस्करों को पकडऩे के लिए अलग-अलग पांच टीमें बनाई है। पाचों टीमों ने ऑपरेशन के बाद दबिश देकर कार्रवाई की। पुलिस ने धोद रोड से एक जने को भी गिरफ्तार किया है। एएसपी देवेंद्र कुमार ने डीएसपी वीरेंद्र कुमार शर्मा, कोतवाल कन्हैयालाल, इंस्पेक्टर हिम्मत सिंह, एसआई ब्रिजेश कुमार, मदनलाल के साथ ही जिला विशेष शाखा की स्पेशल टीम को भी ऑपरेशन क्लीन में शामिल किया। पुलिस की टीम ने धेाद रोड से मुकेश कुमार पुत्र मांगीलाल निवासी बारां हाल धोद रोड को गिरफ्तार किया है। पांचवीं पास मुकेश कुमार दो महीने से सीकर में रह रहा है। जल्द ही गिरोह से जुडे अन्य तस्करों को दबोच लिया जाएगा। पुलिस की टीमों ने शहर में कई जगहों पर चाय व पान की दुकानों पर भी तलाशी ली। गौरतलब है कि पत्रिका टीम ने 20 दिनों तक शहर के कई इलाकों में जाकर स्टिंग ऑपरेशन चलाया। स्टिंग में तस्करों ने दो सौ रुपए से लेकर तीन सौ रुपए तक स्मैक की पुडिय़ा लेकर हाथों में थमा दी।

इतना माल तो हर समय रहता है...कभी भी आ जा।
धोद रोड पर सौदागर को फोन कर बुलाया। इसके बाद पुडिया लाते हुए दबोच लिया। ग्राहक ने उसको पुडिया देने को कहा। सौदागर ने उसको पहचानने से इंकार कर दिया। तब ग्राहक ने कई बार माल लेने की बात कहीं। इसके बाद सौदागर ने पूछा कितनी पुडिया लेनी है। ग्राहक ने उसे तीस पुडिया की बात कहीं। सौदागर ने उसको अकेले ही माल लेने की बात कहीं। सौदागर ने कहा कि इतना माल तो हमेशा से रहता है, कभी भी जा। करीब एक घंटे के बाद पुलिस ने जाल बिछा कर गुर्ग को पकड़ा।

अफीम के नशे की तलब से बढ़ रहे अपराध
अफीम और स्मैक का नशा काफी खतरनाक है। इसकी लत लग जाने के बाद उसे हर हालत में नशा चाहिए। शाम पांच बजे के बाद दुकानों के बाये नशा काफी मंहगा होता है। इसी लत के कारण कई बार रुपए नहीं होने पर युवा चैन स्नेचिंग व बाइक चोरी जैसे अपराधों में शामिल हो जाते है। साथ ही चोरियों की वारदातें भी बढ़ रही है। एक ग्राम से भी कम अफीम की पुडिय़ा दौ सौ रुपए से तीन सौ रुपए में बेची जाती है। एक बार लत लग जाने पर उन्हें अगले दिन हर हालत में पुडिय़ा लेनी पड़ती है। घरों में चोरी, महिलाओं के गले से चैन तोडऩा व मोबाइल छीनने की कई वारदातों में नशे की लत में फंसे युवा पाए गए है।

इन दो कारणों से समझें, क्यों तस्करों के जाल में फंस रहे युवा
1. बेरोजगारी : तस्करों के जाल में फंसने का मुख्य कारण बेरोजगारी है। किसी प्रकार का काम नहीं मिल पाने और अधिक मुनाफे के लालच में युवक शामिल हो रहे है। एक बार तस्करों के शिकंजे में फंसने के बाद बाहर नहीं निकल पाते है। एक पुडिया पर 50 से 100 रुपए का कमीशन दिया जाता है। सबसे बड़ी बात है कि पूरा माल नगद में बिक जाता है। शिक्षा नगरी होने के कारण ग्राहक भी जल्दी बन जाते है।
2. तनाव : शिक्षा नगरी होने के कारण आजकल युवा अधिक तनाव में आ रहे है। तनाव में रहने के बाद धीरे-धीरे नशे के शिकार हो जाते है। शहर में नवलगढ़ रोड और पिपराली रोड पर काफी बड़े कोचिंग संस्थान है। काफी संख्या में छात्र बाहर से आकर रहने लगे है। युवाओं में पढ़ाई का दबाव और परिजनों से दूरी तनाव का बड़ा कारण है। उन्हें आसानी से स्मैक और चरस जैसी नशीली वस्तुएं मिल रही है। बच्चों में नशे की लत पड़ जाती है।

Vikram Reporting
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