10 लाख की जगह 10 हजार के पॉली हाउस में होगा दोगुना उत्पादन, पद्मश्री कृषि वैज्ञानिक पारीक ने किया नवाचार

देश की सबसे वजनी गोभी सहित जैविक खेती में नवाचार के लिए प्रसिद्ध पद्मश्री कृषि वैज्ञानिक जगदीश पारीक ने खेती की सौ गुना सस्ती तकनीक इजात की है।

By: Sachin

Published: 23 May 2021, 11:24 AM IST

गजानंद शर्मा
सीकर/ अजीतगढ़. देश की सबसे वजनी गोभी सहित जैविक खेती में नवाचार के लिए प्रसिद्ध पद्मश्री कृषि वैज्ञानिक जगदीश पारीक ने खेती की सौ गुना सस्ती तकनीक इजात की है। उन्होंने जैविक खेती के लिए होम मेड पॉली हाउस तैयार किया है। जिससे दस लाख की लागत से बनने वाला पॉली हाउस अब महज 10 हजार रुपए में तैयार किया जा सकता है। कम कीमत व कम पानी में दो गुना उत्पादन कर किसान की आय भी दो गुना की जा सकती है। जोबनेर कृषि विश्वविद्यालय में इसका प्रदर्शन करने के अलावा पारीक ने दूरदर्शन व निजी संपर्कों के जरिए इसे देशभर के किसानों तक पहुंचाना भी शुरू कर दिया है।

बांस व ग्लूकोज की बोतलों से दो गुनी आय
जगदीश पारीक के अनुसार होम मेड पॉली हाउस में 20 फीट के बांस को फाड़कर या पानी के पूलों को 10-10 फीट की दूरी पर गड्ढ़े कर गोलाकर बांध देते हैं। सीधी हवाओं से बचाने के लिए इनका मुंह पूरब या पश्चिम में ही रखा जाता है। सूरज की सीधी किरणों से पौध को बचाने के लिए तिरछे बांस लगाकर ऊपर नेट का कपड़ा डाला जाता है। इसके बाद ऊपर लॉकी, तुरई व करेला जैसी बेलदार सब्जी और नीचे अन्य महंगे दामों वाली सब्जी बीज भिगोकर लगाई जाती है। कम पानी में उत्पादन के लिए इस पर ग्लूकोज की बोतलें बांध दी जाती है। जिससे शुरुआती दौर में बूंद- बूंद सिंचाई हो जाती है। इसके बाद बीज अंकुरित होने पर बोलतों को हटाकर आवश्यकतानुसार सीधा पानी दिया जाता है। बकौल पारीक इस विधि में महज ढाई हजार रुपए में एक हजार स्कवायर फीट क्षेत्र में सब्जी पैदा की जा सकती है। ऊपर व नीचे दोनों तरफ सब्जी की पैदावार से किसान की आय भी दो गुना बढ़ जाती है। जिन किसानों को पॉली हाउस निर्माण के लिए 10 लाख रुपए का कर्ज लेना पड़ रहा था, वह अब महज 10 हजार रुपए में ही इस तकनीक का लाभ लेकर ज्यादा उत्पादन कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के कहने पर लिखी पुस्तक
जगदीश पारीक 2019 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से पद्श्री से नवाजे जा चुके हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी पारीक की मुलाकात हुई। जहां मोदी ने उन्हें 2022 तक किसानों की आय दो गुना करने व जैविक खेती को बढ़ावा देने पर चर्चा करते हुए अपने अनुभवों को लिखने की बात भी कही। पीएम मोदी के इस सुझाव पर पारीक ने अपने नवाचारों व अनुभव पर 'परंपरागत एवं जैविक खेती' पुस्तक लिखी है। जिसका विमोचन होना बाकी है।

विश्व रिकॉर्ड से चंद कदम दूर
जगदीश पारीक सबसे वजनी गोभी का फूल उगाने में विश्व में दूसरे नम्बर पर है। वह 25 किलो 150 ग्राम की फूल गोभी उगा चुके हैं। उनका लक्ष्य अब अमेरिका में उत्पादित सबसे वजनी 26 किलो वजनी गोभी का रिकॉर्ड तोडऩा है। वे अपने खेत में 2 किलो वजनी पत्ता गोभी, 86 किलो वजनी कद्दू, 6 फुट लंबी घीया, 7 फुट लंबी तोरई, 1 मीटर लंबा तथा 2 इंच मोटा बैंगन, 3 किलो से 5 किलो तक गोल बैंगन, 250 ग्राम का प्याज, साढ़े तीन फीट लंबी गाजर और एक पेड़ से 150 मिर्ची तक का उत्पादन कर चुके हैं। पारीक केवल जैविक खेती ही करते हैं और इसे बेहद सस्ती, सेहतमंद व व जमीन के लिए फायदेमंद भी बताते हैं।

सम्मानों के बादशाह
जगदीश पारीक सम्मानों के शहंशाह भी कहे जाते हैं। 2019 में पद्मश्री से पहले भी वह आठ विश्वविद्यालयों से सम्मान पाने के अलावा श्रृष्टि सम्मान तथा फस्र्ट नेशनल ग्रास रूट इनोवेशन पुरस्कार सहित कई राष्ट्रीय पुरुस्कार प्राप्त कर चुके हैं। देश में सबसे वजनी गोभी उत्पादन के लिए उनका नाम लिम्का बुक में भी दर्ज है। पारीक अब तक छह बार राष्ट्रपति भवन के कार्यक्रमों में शिरकत कर चुके हैं। जैविक खेती पर आकाशवाणी व दूरदर्शन पर 100 से अधिक कार्यक्रम दे चुके हैं।

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