पाकिस्तान का 'नमक' खा रहा सीकर, जानिए क्यों?

सीकर में कई स्थानों पर पाकिस्तान के सिंध प्रांत से आने वाला नमक (सेंधा नमक) खूब बेचा जा रहा है।

 

By: vishwanath saini

Published: 25 Apr 2018, 10:12 PM IST

रविन्द्र सिंह राठौड़/सीकर.
पाकिस्तान को हिन्दुस्तान का सबसे बड़ा दुश्मन कहे या आए दिन नापाक हरकत करने वाला देश या फिर कहे आतंकवाद की नर्सरी। खैर जो भी हो, मगर इन दिनों राजस्थान का सीकर जिला पाकिस्तान का नमक खा रहा है। दरअसल, पाकिस्तान के सिंध प्रांत में पाए जाने वाला नमक ( सेंधा नमक / काला नमक ) सीकर शहर में खूब बेचा जा रहा है।

सीकर में नमक बेच रहे पंजाब के अमृतसर निवासी जीतराम व सीमा ने बताया कि बाधा बॉर्डर से होता हुआ पाकिस्तान से सेंधा नमक अमृतसर पहुंचता है। वहां से पूरे देश में इस नमक की सप्लाई होती है। घुमंतू जाति के लोग शहरों व गांवों में घूमकर सप्लाई करते हैं। सीकर में भी इसकी मांग बढ़ रही है। यह नमक गर्मी के मौसम में फ्रुट चार्ट, दही, सलाद के साथ गैस, बीपी, पथरी आदि बीमारियों में भी लाभदायक है।

sikar namak

राजस्थान में बढ़ रही सेंधा नमक की मांग

 

50 साल पहले इस काला नमक के बारे में जानते थे। इस नमक के इस्तेमाल से इंसानों में ही नहीं बल्कि जानवरों में भी बहुत कम बीमारियां फैलती है। खुले में बिकने के कारण बीच में इस नमक पर लोगों का विश्वास उठ गया था। लेकिन पिछले तीन चार सालों में बड़े शहरों में इसकी डिमांड बढऩे लगी है। इसके चलते लोग घरों में इस नमक का इस्तेमाल खाने की वस्तुओं में करने लगी हैं। यह नमक गोशालाओं में भी बिकता है।

 

kala Namak

अमृतसर से होती है सप्लाई


हर माह 50 से 60 टन नमक अमृतसर से जयपुर पहुंचता है। जयपुर से सप्लाई कर्ता अपने टेक्ट्ररों ट्रोलियों में भरकर शहर और गांवों में सप्लाई करने निकल जाते हैं। ट्रांसपोर्ट का खर्चा अनुमानित 23 से 28 हजार रुपए तक खर्च हो जाता है।
यह लोग सेंधा नमक के साथ काला नमक भी बेचते हैं। प्रचार प्रसार के लिए बड़े-बड़े होर्डिंग भी अपनी ट्रोलियों के बांधकर रखते हंै। जिसमें नमक के बारे में पूरी जानकारी दी जाती है। शहर में सेंधा नमक 30 रुपए किलो तथा कालानमक 40 रुपए किलो तक बिक रहा है।


सेंधा नमक के फायदें

 

वेद मधुसूदन जोशी ने बताया कि सेंधा नमक काम में लेने से पेट के वात रोग नहीं होते है। बीपी व पथरी जैसे रोगों में भी लाभदायक है। गैस व आफरा की शिकायत होने पर यह नमक अत्यधिक फायदे मंद है। इसके इस्तेमाल से कई असाध्य रोगों में भी इसका असर होता है। इधर पशुचिकित्सकों के अनुसार पशुओं में होने वाले रोगों में भी यह लाभदायक है। मुख्यत यह नमक मिट्टी खाने वाले जानवर, कम चरने वाले पशु तथा पाचन क्रिया में अच्छा लाभ मिलता है। इसमें पोटेशियम व सोडियम की मात्रा होती है।

Show More
vishwanath saini Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned