विश्व जनसंख्या दिवस: हर मिनट 25 बच्चों का जन्म, हर रोज आबादी में जुड़ रहे इतने बच्चे

विश्व जनसंख्या दिवस: हर मिनट 25 बच्चों का जन्म, हर रोज आबादी में जुड़ रहे इतने बच्चे

Vinod Singh Chouhan | Updated: 11 Jul 2019, 10:56:11 AM (IST) Sikar, Sikar, Rajasthan, India

Population Day 2019 : सीकर जिले की आबादी में रोजाना 124 बच्चों का इजाफा हो रहा है। जिले में एक साल में 44,680 बच्चों ने जीवित जन्म लिया।

पूरण सिंह शेखावत, सीकर.

population day 2019 : परिवार कल्याण पर हर साल करोडों रुपए खर्च किए जाते हैं विश्व जनसंख्या दिवस ( World Population day 2019 Today ) पर 11 जुलाई को कार्यक्रम के बहाने चिकित्सा विभाग अपनी पीठ थपथपाता है लेकिन हकीकत भयावह हैं। हाल यह है कि सीकर जिले ( Sikar Population ) की आबादी में रोजाना 124 बच्चों का इजाफा हो रहा है। जिले में एक साल में 44,680 बच्चों ने जीवित जन्म लिया। 365 दिन के हिसाब से गणना करने पर यह आंकड़ा 124 बच्चे रोजाना का आ रहा है। हालांकि 2011 के बाद जनसंख्या संबंधी आंकडे जारी नहीं हुए है लेकिन चिकित्सा विभाग के अनुसार 2019 में जिले की जनसंख्या 30 लाख 89 हजार 768 है। गौरतलब है कि जिले में जनसंख्या 2001 की जनगणना के अनुसार 22 लाख 87 हजार 788 थी, जो वर्ष 2011 में 26 लाख 77 हजार 737 हो गई थी।


प्रतिवर्ष होते हैं 12 हजार ऑपरेशन
जिले में प्रतिवर्ष नसबंदी के 11 से 12 हजार ऑपरेशन होते हैं। इसके अलावा अस्थाई साधनों के उपयोग से दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर में गिरावट आई है। जो कि, जिले के लिए अच्छे संकेत हैं। 2001 की जनगणना के अनुसार जिले की जनसंख्या 26,77,737 थी। जिले की जनसंख्या वृद्वि की दशकीय वृद्वि दर जो 2001 में 24.11 प्रतिशत थी, वह 2011 में 17.04 प्रतिशत रही। सीकर जिले की मातृ मृत्यु दर 162 प्रति एक लाख जीवित जन्म पर तथा शिशु मृत्यु दर 41 प्रति एक हजार जन्म पर है। अस्थाई साधनों के उपयोग का ही परिणाम है कि जिले की दषकीय वृद्वि दर में गिरावट आ रही है।


परिवार नियोजन के लिए ये साधन ( How to Do Family Planning )
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनसंख्या स्थरीकरण के लिए आमजन को स्थाई व अस्थाई साधन उपलब्ध करवाए जाते हैं। स्थाई साधनों में पुरुष नसबंदी तथा महिला नसबंदी की जाती है। अस्थाई साधन के लिए कॉपरटी, ओरल पिल्स, निरोध, ई पिल्स, अंतरा इंजेक्शन आदि उपलब्ध करवाए जाते है।


शिक्षा में अग्रणी फिर भी स्थिति खराब
जिले में साक्षरता 71 प्रतिशत से ज्यादा है। सूचना और संचार क्रांन्ति से कोई अछूता नहीं है लेकिन जिले में आज भी ग्रामीण बैंकिंग सुविधा से महरूम है। दर्जनों गांव व ढाणियों में अंधेरा पसरा रहता है। लाख कोशिश के लिंगानुपात में सुधार नहीं हो रहा है। स्त्री और पुरुष के अनुपात को देखते आज भी लड़कियों की संख्या कम है। हजारों परिवार मैला ढोने के काम में जुटे हुए हैं। ग्रामीण अंचल में हजारों लोग बैंकिंग सुविधा से महरूम है। ऐसे में इन लोगों के लिए परिवार कल्याण के बारे में सोचना तक मुश्किल है।


23 निजी अस्पताल हैं अनुबंधित
जिले में 23 अनुबंधित निजी अस्पताल राज्य सरकार से परिवार कल्याण क्षेत्र में पंजीकृत है। इन अस्पतालों को परिवार कल्याण नसबंदी कैम्प लगाने पर राज्य सरकार की ओर से 3 हजार रुपए का पैकेज दिया जाता है, जिनमें नसबंदी करवाने वाली महिला व पुरूष को एक हजार रुपए की राशि बतौर प्रोत्साहन सरकार की ओर से दी जाती है। सरकारी अस्पतालों में नसबंदी करवाने पर महिला को 1400 रुपए व प्रेरक को 200 रुपए और पुरूष नसबंदी पर दो हजार रुपए व प्रेरक को 300 रुपए की राशि दी जाती है। देश में हर मिनट में 25 बच्चे पैदा होते हैं, यह वह आंकडा है जो अस्पतालों में दर्ज होता है।


फैक्ट फाइल ( Population Facts )
जिले की जनसंख्या- 3089768
पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ोतरी-17.03त्न
स्त्री-पुरुष का अनुपात- 48:52
साक्षरता प्रतिशत-71.91
घनत्व- 346 व्यक्ति प्रति किलोमीटर

Show More

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned