सरकारी स्कूल में 10वीं की नाबालिग छात्रा के साथ सफाईकर्मी ने किया बलात्कार, कोर्ट ने सुनाई सजा

सीकर में दो साल पहले 10वीं की छात्रा ( Rape With Girl Student ) के साथ बलात्कार करने के मामले में पॉक्सो कोर्ट ( Posco Court ) ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी को दस साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

By: Naveen

Published: 27 Nov 2019, 05:12 PM IST

सीकर।
सीकर में दो साल पहले 10वीं की छात्रा ( rape With Girl Student ) के साथ बलात्कार करने के मामले में पॉक्सो कोर्ट ( Posco Court ) ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी को दस साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 10 हजार का दंड भी लगाया है। लोक अभियोजक यशपाल सिंह महला ने बताया कि दांतारामगढ़ थाने में दो साल पहले 10वीं में पढऩे वाली 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा ( Rape With 14 Year Old Minor Girl ) के साथ आरोपी रामलाल उर्फ छोटू ने सरकारी स्कूल ( Rape in Govt School ) में बलात्कार किया। आरोपी सरकारी स्कूल में सफाई का काम करता था। वह पीडि़ता को बहला फुसला सरकारी स्कूल में ले गया और वहां जबरन बलात्कार किया। दांतारामगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के कारण पुलिस ने जांच कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। विशिष्ट न्यायाधीश डा.सीमा अग्रवाल ने साक्ष्य और अहम दस्तावेजों के आधार पर रामलाल उर्फ छोटू पुत्र कुशालचंद बलाई निवासी पुरोहितान मोहल्ला दांतारामगढ़ को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।


16 गवाह व 22 साक्ष्य दस्तावेज पेश किए
पीडि़ता 10 वीं कक्षा की छात्रा थी और रामलाल स्कूल में ही साफ सफाई का काम करता था। आरोपी रामलाल पड़ोस में ही रहता था। पुलिस ने पीडि़ता के रिपोर्ट पर कोर्ट में जांच कर 16 गवाह व 22 साक्ष्य दस्तावेज पेश किए। पीडि़ता ने कोर्ट में जुलाई व अगस्त महीने में भी दो बार बलात्कार किए जाने की बात कहीं है। पीडि़ता की जन्मतिथि को लेकर भी कोर्ट में दस्तावेज पेश किए गए। पीडि़ता ने कोर्ट में बयान दिए कि रामलाल ने उसे स्कूल में ले जाकर धमकाया। स्कूल में जाकर पीडि़ता ने शोर भी मचाया। उसका मुंह उसने बंद कर दिया। उसने मां-बाप को जान से मारने की धमकी दी थी।

Read More :

पति ने जगह-जगह लगा दिए पत्नी के अश्लील पोस्टर, इस बात से था खफा


नारी की लज्जा की रक्षा कठोरता से की जानी चाहिए...
अभियुक्त द्वारा नाबालिग बालिका पीडि़ता के साथ जो कि नासमझ थी उसके साथ घृणित कार्य किया है। लज्जा नारी जाति के साथ ही जुड़ा एक सदगुण है जो नारी होने के नाते उस महिला में अंतनिर्हित है। नारी की लज्जा की रक्षा कठोरता से की जानी चाहिए। नाबालिग बालिका को बहला फुसला कर ले जाकर घृणित कार्य किया है। आए दिन समाज में ऐसे अपराधों में वृद्धि हो रही है। -( विशिष्ट न्यायाधीश डा.सीमा अग्रवाल ने फै सले में लिखा)

Show More

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned