दो वर्षों से चल रही भेड़ प्रजनन केंद्र को बंद करने तैयारी

पांच वर्षों में जितने जानवर नीलाम नहीं हुए उससे ज्यादा तो एक वर्ष में ही कर दिए
विभाग ने संख्या कम करने के लिए धड़ाधड़ कर दी केंद्र के स्वस्थ पशुओं की नीलामी

By: Suresh

Published: 22 Feb 2021, 05:34 PM IST

फतेहपुर. कस्बे में स्थित राजस्थान के एकमात्र भेड़ प्रजनन केन्द्र को बंद करने की पटकथा दो वर्ष पहले ही लिखी जानी शुरू हो गई थी। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से ही भेड़ प्रजनन केन्द्र को कमजोर किया जा रहा था ताकि इसे बंद किया जा सके। बंद के आदेश जारी होने के बाद राजस्थान पत्रिका ने पड़ताल की तो कर्मचारियों व इससे जुड़े लोगों से कई तथ्यों का पता चला।

दरअसल भेड़ प्रजनन केन्द्र को बंद करने के लिए विभाग के अधिकारियों ने पूरी रिपोर्ट तैयार कर मंत्री व विधायक के सामने गलत रिपोर्ट पेश की। दो वर्ष से केन्द्र पर संचालित योजनाएं धीरे धीरे बंद की गई। बीमार पशुओं को बेचने के लिए हर वर्ष नीलामी की जाती है। लेकिन बंद करने के चलते पिछले वर्ष स्वस्थ जानवरों की भी नीलामी कर दी। जितने जानवरों की नीलामी पांच वर्ष में ही नहीं हुई उससे ज्यादा जानवरों की नीलामी एक वर्ष में ही कर दी। अधिकारियों ने अपनी वाह-वाही लेने के लिए स्वस्थ जानवरों को भी नीलाम कर दिया। ऐसे में केन्द्र पर जानवरो की संख्या घट गई। जानवरों की संख्या कम होने से बंद करने में आसानी हो गई।
वर्ष 2014-15 से लेकर 2018-19 तक 776 पशुओं की नीलामी की गई। वहीं 2019-20 में 779 पशुओं को नीलामी कर दिया गया। स्वस्थ पशुओं को भी योजना बंद होने का हवाला देकर नीलाम कर दिया।
प्रजनन केंद्र बंद करने के फैसले से आक्रोश
भेड़ प्रजनन केन्द्र को बंद करने के सरकार के फैसले के विरोध में क्षेत्र के लोग लामबंद हो गए। भेड़ प्रजनन केन्द्र के कर्मचारी व क्षेत्र के ग्रामीणों ने राजस्थान पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद रविवार को सुबह विधायक आवास पर विधायक हाकम अली खां से वार्ता की व केन्द्र को चालू रखने के लिए ज्ञापन सौंपा। इस दौरान विधायक हाकम अली खां ने मंत्री लालचन्द कटारिया से दूरभाष पर वार्ता कर भेड़ प्रजनन केन्द्र बंद नहीं करने का आग्रह किया। रविवार को भेड़ प्रजनन केन्द्र के कर्मचारी व क्षेत्र के ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि विगत 50 वर्षों से लोगों को यहां से रियायती दर पर जानवर मिल रहे है, उससे पशुपालकों को फायदा पहुंच रहा है। पशुपालकों की आजीविका चल रही है। इसके अलावा 50 कर्मचारी चतुर्थ श्रैणी के है उन्हें अन्यत्र जाना पड़ेगा। इस दौरान विधायक ने सकारात्मक वार्तालाप करते हुए चालू रखवाने के लिए कोशिक करूंगा। इस दौरान सुरेन्द्र, नेमीचन्द्र, बीरबल, जगदीश, सुरेश, विजय चौहान, राजेन्द्र, रिछपाल सिंह, लक्ष्मण, सीताराम, हरफूल, किशोरीलाल सहित कई लोग मौजूद रहे।
कल सीएम से मिलेंगे विधायक हाकम
भेड़ प्रजनन केन्द्र बंद करने के बारे में राजस्थान पत्रिका से विधायक ने कहा कि पूरी कोशिश रहेगी कि भेड़ प्रजनन केन्द्र को बंद नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंत्री लालचन्द्र कटारिया से फोन पर वार्ता की है उन्होंने कहा कि जयपुर आ जाओं बात कर लेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री से भी मिलने का समय लिया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री से मिलकर मामले से अवगत करवाऊंगा।

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