फर्जीवाड़ा कर मिलीभगत से लोन उठाया, योजना में कराया माफ

धोद. लोन माफी में हुए घोटाले अभी तक रुकने का नाम ही नही ले रहे। कर्मचारियों पर मिलीभगत करके गरीबो के पैसा डकारने का आरोप लग रहे है।

By: Ajay

Published: 07 Mar 2020, 12:00 PM IST

धोद. लोन माफी में हुए घोटाले अभी तक रुकने का नाम ही नही ले रहे। कर्मचारियों पर मिलीभगत करके गरीबो के पैसा डकारने का आरोप लग रहे है। शुक्रवार को छोटी लोसल सहकारी सेवा समिति में फर्जीवाड़ा कर लोन लेकर माफ कराए जाने के दो मामले सामने आए। हाल ही पंद्रह दिनों में धोद थाने में छोटी लोसल सहकारी समिति व धोद सहकारी बैंक के कर्मचारियों पर लोन माफी की राशि को गबन करने के तीन मामले दर्ज हुए है। एक मामला कुछ दिन पहले प्रभुदयाल ने दर्ज करवाया। जिसके बाद अधिकारी ने सहकारी सेवा समिति को सीज भी कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इधर, माकपा जिला सचिव किशन पारीक ने बताया की माकपा ने ऋण माफी में हुए घोटालों के खिलाफ माकपा ने जिले भर में आंदोलन चलाया था। उन्होंने कहा कि सरकार सभी सहकारी सेवा समिति की निष्पक्ष जांच करवा कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करे।
केस नंबर: एक
तिजु देवी पत्नी गोदुराम बलाई निवासी गणेशपुरा ने छोटी लोसल सहकारी सेवा समिति व धोद बैंक के कर्मचारियों पर लोन ऋण माफी में गबन करने का आरोप लगाया है। पुलिस रिपोर्ट में बताया कि समिति के कर्मचारियों ने उसके नाम से लोन उठा लिया और सरकार की ऋण माफी योजना में सरकार ने 46 हजार रुपए माफ भी कर दिया। लेकिन बीपीएल परिवार की पीडि़ता को लोन योजना का लाभ नही मिला। बिचौलियों ने समिति के साथ मिलकर लोन उठा लिया और बीच में ही पैसा डकार गए। इसके बाद लोन माफ भी करा लिया।

केस नंबर: दो
भंवरी देवी जाट पत्नी भवरसिंह निवासी गणेशपुरा ने बताया कि उसके पति की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। इस दौरान समिति के सदस्यों ने पति के नाम से लोन की बात कहकर उससे कागजात ले लिए। समिति के कर्मचारियों ने मिलीभगत करते हुए स्वयं भवरी देवी के नाम से फर्जी लोन उठा लिया। उसे बाद में ग्रामीणों के जरिए लोन लेने का पता लगा। लोन लेने के बाद कागजो में 41 हजार रुपए का लोन भी माफ करा लिया गया। पीडि़ता की ओर से प्रमाणित नही किए जाने से राशि माफ नही की जा सकी।

विदेश में था युवक, लोन लेकर माफ कराया
प्रभुदयाल पुत्र गणेशराम बलाई निवासी गणेशपुरा ने धोद थाने में छोटी लोसल सहकारी सेवा समिति व धोद बैंक के कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। पीडि़त ने पुलिस रिपोर्ट में बताया कि ऋण माफी के दौरान विदेश में था। इस दौरान उसके नाम से सहकारी सेवा समिति के सदस्यों व बैंक कर्मचारियों ने मिलकर बैंक में बचत खाता खोला गया। उसके नाम से फर्जी लोन उठाकर ऋण माफ भी करवा दिया। पीडि़त ने आरोप लगाया है कि बैंक पास बुक की प्रविष्टि भी नही दे रही।

Ajay Reporting
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