राजस्थान के 10 लाख युवाओं का भविष्य अधर में, इन भर्तियों का इंतजार

राज्य की कांग्रेस सरकार की लापरवाही बेरोजगार युवाओं पर भारी पड़ रही है। सरकार की लालफीताशाही की वजह से प्रदेश के दस लाख से अधिक युवाओं का भविष्य सरकारी भर्तियों के पेंच में उलझा हुआ है।

Ashish Joshi

January, 2304:18 PM

सीकर.

राज्य की कांग्रेस सरकार की लापरवाही बेरोजगार युवाओं पर भारी पड़ रही है। सरकार की लालफीताशाही की वजह से प्रदेश के दस लाख से अधिक युवाओं का भविष्य सरकारी भर्तियों के पेंच में उलझा हुआ है। राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से हुई आरएएस 2018 व द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती का अंतिम परिणाम अभी तक जारी नहीं किया गया है। दूसरी तरफ कृषि पर्यवेक्षक, महिला सुपरवाइजर व एनटीटी का परिणाम भी विवादों में उलझा हुआ है। इस कारण युवाओं का सरकारी नौकरी का इंतजार बढ़ता है। प्रदेश में कौनसी भर्ती कब से और किस वजह से उलझी है। राजस्थान पत्रिका की विशेष रिपोर्ट में पढि़ए भर्तियों का पूरा गणित।


स्टेनोग्राफर भर्ती: संशोधित विज्ञप्ति का इंतजार
प्रदेश में अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड ने जुलाई 2018 में स्टेनोग्राफर के 1085 पदों के लिए भर्ती की विज्ञप्ति जारी की थी। लेकिन विधानसभा चुनाव की आचार संहिता की वजह से परीक्षा नहीं हो सकी। इसके बाद आर्थिक आधार पर आरक्षण की वजह से विज्ञप्ति संशोधित हो गई। कांग्रेस सरकार एक साल बाद भी संशोधित विज्ञप्ति जारी नहीं कर सकी। इससे तैयारी में जुटे युवाओं की परेशानी बढ़ती जा रही है।


द्वितीय श्रेणी शिक्षक: नौकरी का इंतजार
राजस्थान लोक सेवा आयोग ने 2018 में डेढ़ गुणा अभ्यर्थियों के दस्तावेज जमा कर लिए। लेकिन अंतिम चयन सूची अभी तक जारी नहीं हुई है। इस वजह से युवाओं का नौकरी का इंतजार है। खास बात यह है कि समय पर नौकरी नहीं मिलने की वजह से विभाग में पदों का गणित भी बिगड़ जाता है।


पुस्तकालय अध्यक्ष भर्ती: पेपर आउट के बाद तिथि तय नहीं
चयन बोर्ड की ओर से हुई पुस्तकालध्यक्ष भर्ती का जयपुर सेंटर पर प्रश्न पत्र आऊट हो गया था। इसके बाद भी अभी तक तिथि तय नहीं हो सकी। बेरोजगारों का कहना है कि पहले ही लगभग दो साल बाद परीक्षा हुई। अब फिर परीक्षा विवादों में उलझ गई है।


एलएस व एनटीटी: विवादों में उलझी
महिला एवं बाल विकास विभाग की महिला सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुपररवाइजर और एनटीटी भर्ती भी विवादों में उलझी हुई है। कई बेरोजगारों ने परिणाम की आस छोडकऱ अब दूसरी भर्तियों की तैयारी शुरू कर दी है। बोर्ड अधिकारियों का तर्क है कि जल्द इस मामले में कोई निर्णय लिया जाएगा।


प्रयोगशाला सहायक: जिला आवंटन के बाद उम्मीदों पर ब्रेक
सरकारी स्कूलों में नियुक्त होने वाले प्रयोगशाला सहायकों के नौकरी के अरमान भी पिछले दो साल से फाइलों में उलझे हुए है। अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड ने जैसे-तैसे परिणाम भी जारी कर दिया। अब शिक्षा विभाग ने चयनितों का दस्तावेज सत्यापन कराकर जिला आवंटन भी कर दिया। लेकिन चयनितों का नौकरी का सपना अब तक पूरा नहीं हुआ है।


एक्सपर्ट व्यू: भर्तियों के लिए निर्धारित हो समय सीमा
सरकारी सिस्टम में हर काम के लिए समय सीमा निर्धारित है। लेकिन बेरोजगारों के लिए होने वाली भर्तियों के लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है। सरकार को भर्ती की विज्ञप्ति जारी करते समय यह भी घोषणा करनी चाहिए कि यह भर्ती इस समय तक हर हाल में पूरी कर ली जाएगी। आरक्षण, गलत सवाल व नकल गिरोह की वजह से कई भर्ती न्यायालय में फंस जाती है। सरकार को बेरोजगारों को राहत देने के लिए संघ लोक सेवा आयोग की तर्ज पर कलैण्डर जारी करना होगा। -उपेन यादव, अध्यक्ष, राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ

Ashish Joshi
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