दोस्त के साथ 15 साल की बालिका से किया दुष्कर्म, 20 साल कैद के साथ एक लाख रुपये जुर्माने की सजा

पोक्सो कोर्ट ने ढाई साल पहले नौवीं कक्षा की बालिका से दुष्कर्म के आरोपी युवक को दोषी मानते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

By: Sachin

Published: 26 Aug 2020, 10:35 AM IST

सीकर. पोक्सो कोर्ट ने ढाई साल पहले नौवीं कक्षा की बालिका से दुष्कर्म के आरोपी युवक को दोषी मानते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशिष्ठ न्यायाधीश पोक्सो कोर्ट डा.सीमा अग्रवाल ने अभियुक्त राजेंद्र कुमार उर्फ राजू को दोषी मानते हुए धारा 363 के तहत दो वर्ष का कठोर कारावास एवं दो हजार रुपए से दंडित किया। इसके अलावा 376डी/लैंगिग अपराधों से बालकों का सरंक्षण अधिनियम में 20 साल के कठोर कारावास एवं एक लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। मूल सजाएं एक साथ ही चलेंगी। आरोपी युवक घटना से बाद से जेल में ही बंद है। घटना के बाद से जेल में बिताई गई सजा को मूल सजा में समायोजित किया गया है। लोकअभियोजक यशपाल महला ने बताया कि प्रकरण में जब्तशुदा मोटरसाइकिल के मालिकाना हक में कोई दस्तावेज नहीं मिला है। बाइक का निस्तारण नियमानुसार कराए जाने के लिए थानाधिकारी को कहा है। उन्होंने कहा कि पीडि़ता को राजस्थान पीडि़त प्रतिकर विनियत 2011 के तहत समुचित प्रतिकर दिलाए जाने के लिए अनुशंसा की है। उन्होंने बताया कि आरोपी राजू के साथ एक अन्य नाबालिग दोस्त भी था। उसका मामला किशोर न्याय बोर्ड सीकर में विचाराधीन है। दुष्कर्म के फैसले का जांच पर कोई प्रभाव नहीं रहेगा।

रात को तीन बजे घर के बाहर छोड़ गए

पीडि़ता के पिता ने 18 दिसम्बर 2017 को मुकदमा दर्ज कराया था कि उसकी नाबालिग बेटी नौवीं कक्षा में पढ़ती है। स्कूल से आते-जाते समय उसकी बेटी को राजू व एक अन्य युवक फब्तियां कसकर छेड़छाड करते थे। उन्होंने किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। 15 दिसम्बर 2017 की रात को पूरा परिवार खाना खाकर सो गया था। उसकी बेटी दादी के पास सो रही थी। रात को 11 बजे राजू व एक अन्य नाबालिग युवक बाइक लेकर आए। उसकी बेटी को जबरन उठाकर ले गए। उसने मना किया तो उसे घर के सभी लोगों को मारने की धमकी दी। दोनों लड़के उसे बाइक पर बैठाकर राजू के घर पर ले गए। वहां पर दोनों उसके साथ दुष्कर्म किया। रात को नाबालिग की मां ने उसे घर पर नहीं देखा। उसकी तलाश करने लगे तो वह नहीं मिली। रात को तीन बजे एक बाइक घर के पास आकर रूकी। उन्होंने बाइक का पीछा किया तो वे छोड़कर भाग गए। पीडि़ता ने बताया कि ये दोनों उसे कई दिनों से परेशान कर रहे। उसे ले जाकर दुष्कर्म किया।

पीडि़ता कोर्ट में बोली : मुंह दबा कर दोनों ने किया दुष्कर्म
पूर्व में लोकअभियोजक रहे शिवरतन शर्मा ने बताया कि कोर्ट में पीडि़ता सहित मां, पिता व दादी के बयान काफी अहम रहे। डीएसपी बृजमोहन असवाल ने भी अहम साक्ष्य व दस्तावेज पेश किए। कोर्ट में पीडि़ता ने बयान दिए कि स्कूल से लौटते समय उसे एक दिन पहले ही युवक ने मोबाइल दिया था। रात को 11 बजे फोन पर धमकी देकर बुलाया। उसने मना किया तो घर आकर मारने की धमकी दी। उसे जबरदस्ती बाइक पर ले गए। राजू के घर के बाहर सीढिय़ों से छत पर ले गए। उसका मुंह दबा दिया। पहले नाबालिग युवक ने व फिर राजू ने दुष्कर्म किया। रात को उसे घर के पास छोड़ गए। उसने घर जाने के बाद परिजनों को पूरी बात कहीं।


बहला-फुसला घर से ले जाकर गलत कार्य किया

15 साल की नाबालिग बालिका को बहला फुसलाकर घर से ले जाकर गलत कार्य किया है। आए दिन समाज में ऐसे अपराधों में वृद्धि हो रही है। ऐसी स्थिति में अभियुक्त को दंडित किया जाना आवश्यक है, अन्यथा समाज में विपरीत संदेश प्रसारित होगा तथा नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न होगा। मामले में समस्त तथ्यों, परिस्थितियों, पीडि़ता व अभियुक्त की आयु एवं अपराध की गंभीर प्रकृति को ध्यान में रखते हुए अभियुक्त के विरूद्ध प्रमाणित हुए आरोपों के लिए निम्नानुसार दंडित किया जाना न्यायसंगत है।
डा.सीमा अग्रवाल, विशिष्ठ न्यायाधीश, पोक्सो कोर्ट

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