एक गलती की सजा दो सौ रुपए, रीट अभ्यर्थियों की जेब हो रही ढीली

इस कारण आवेदन फार्म में जरा सी चूक होने पर अभ्यर्थियों को नए सिरे से फार्म भरना पड़ रहा है।

By: vishwanath saini

Published: 25 Apr 2018, 12:23 PM IST


सीकर. रीट के जरिए होने वाली तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती प्रथम लेवल में अभ्यर्थियों को एक गलती की सजा औसतन दौ सौ रुपए देकर चुकानी पड़ रही है। अमूमन ज्यादातर परीक्षाओं के आवेदन फार्मो में संशोधन का विकल्प अभ्यर्थियों को मिलता है। लेकिन रीट प्रथम लेवल की भर्ती में यह विकल्प नहीं मिल रहा है। इस कारण आवेदन फार्म में जरा सी चूक होने पर अभ्यर्थियों को नए सिरे से फार्म भरना पड़ रहा है। इस कारण अभ्यर्थियों की जेब ढ़ीली हो रही है। अब तक प्रदेश के तीन हजार से अभ्यर्थियों के सामने यह परेशानी आ चुकी है। बेरोजगारों का कहना है कि सरकार को नियमों में बदलाव करते हुए संशोधन का विकल्प उपलब्ध कराना चाहिए।


पूछ रहे हैं प्रवेश तिथि
रीट प्रथम लेवल के आवेदन फार्म में कई कॉलम ऐसे जोड़ दिए है, जिनसे अभ्यर्थियों की मुसीबत बढ़ रही है। अभ्यर्थियों से आवेदन फार्म में बीएसटीसी, डीएड के साथ अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश व पाठ्यक्रम पूरा करने की तिथि पूछी जा रही है। अब प्रवेश तिथि का रिकॉर्ड नहीं मिलने से अभ्यर्थी खासे परेशान है।


मांगे रोल नंबर
आवेदन फार्म में शिक्षा विभाग ने चार कक्षाओं के रोल नंबर भी मांगे है। लेकिन बीएसटीसी व डीएड के कई अभ्यर्थियों के रोल नंबर के बीच में कई तरह के कीवर्ड भी है।


सभी जिलों की मांगी वरीयता
आवेदन फार्म में अभ्यर्थियों से टॉप पंाच या दस के स्थान पर सभी जिलों की वरीयता भरवाई जा रही है। कई अभ्यर्थी पहले तो रिक्त पदों की संख्या को देखकर आवेदन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि नियुक्ति के लिए अधिकतम 15 जिलों का ऑप्शन मिलना चाहिए था। इससे कई जिलों में फिर से रिक्त पद रहने की संभावना बन गई है।

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vishwanath saini Desk
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